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शास्त्रीनगर न्यू मार्केट प्रकरण में दोषी अधिकारियों पर की जाए कार्रवाई
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संयुक्त व्यापार संघ ने की सरकार से मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण हटाने के सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ध्वस्तीकरण के लिए काम तेज कर दिया गया है। संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि बिना आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण संभव नहीं थे। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी अवैध निर्माण को अनदेखा करते हैं और बाद में व्यापारियों को ही निशाना बनाया जाता है। व्यापारी आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाते हैं। गुप्ता ने मंडलायुक्त से इस मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की अपील की। ताकि भविष्य में ऐसे हालात न बनें।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट के 2014 के आदेश को बरकरार रखते हुए भूखंड 661/6 सहित 1478 आवासीय भूखंडों पर बने व्यावसायिक निर्माणों को अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का निर्देश दिया। व्यापारियों को 17 मार्च 2025 तक परिसर खाली करने का समय दिया गया। इसके बाद आवास विकास परिषद को 15 दिनों में ध्वस्तीकरण करना था।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण हटाने के सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ध्वस्तीकरण के लिए काम तेज कर दिया गया है। संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण कुमार गुप्ता ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि बिना आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण संभव नहीं थे। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी अवैध निर्माण को अनदेखा करते हैं और बाद में व्यापारियों को ही निशाना बनाया जाता है। व्यापारी आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाते हैं। गुप्ता ने मंडलायुक्त से इस मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की अपील की। ताकि भविष्य में ऐसे हालात न बनें।
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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट के 2014 के आदेश को बरकरार रखते हुए भूखंड 661/6 सहित 1478 आवासीय भूखंडों पर बने व्यावसायिक निर्माणों को अवैध घोषित कर ध्वस्त करने का निर्देश दिया। व्यापारियों को 17 मार्च 2025 तक परिसर खाली करने का समय दिया गया। इसके बाद आवास विकास परिषद को 15 दिनों में ध्वस्तीकरण करना था।
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