मेरठ में तगड़े एक्शन की लखनऊ तक गूंज
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वायर घोटाले में कमिश्नर मेरठ द्वारा तीन अभियंताओं को गिरफ्तार कराए जाने और तत्कालीन वीसी तथा सचिव समेत 12 के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गूंज लखनऊ तक रही। शनिवार को मुख्य सचिव की लखनऊ में हुई बैठक में इस कार्रवाई को न केवल सराहा गया बल्कि प्रदेश भर में भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ मुहिम चलाने की बात कही गई।
मुख्य सचिव राजीव कुमार ने लखनऊ में सभी मंडलायुक्तों और पुलिस उप महानिरीक्षकों की बैठक ली। इस मौके पर मेरठ में हुई कार्रवाई की भी चर्चा हुई। कहा गया कि सभी जगह भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। इस पूरे प्रकरण की जानकारी मंडलायुक्त मेरठ ने मुख्य सचिव को दी। माना जा रहा है कि अब मेरठ के अलावा अन्य मंडलों में भी इस तरह की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इधर, मेरठ में इस एक्शन के बाद सभी विभागों में अलर्ट की स्थिति है।
तीनों अधिकारी जेल भेजे गए
सिविल लाइन पुलिस ने एमडीए के एक्सईएन एपी सिंह, एई सच्चिदानंद मिश्र और जेई रविंद्र सिंह को शनिवार शाम एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया। तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर कोर्ट ने जेल भेजा। थाने में दिनभर उनके मिलने वाला का तांता लगा रहा।
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने शुक्रवार भ्रष्टाचार के मामले तीनों अधिकारियों को पहले अपने ऑफिस बुलाया और फिर पुलिस बुलाकर उनकी गिरफ्तारी कराई। इंस्पेक्टर सिविल लाइन धीरज शुक्ला का कहना है कि तीनों अधिकारियों पर धारा 409, 420, 120 बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। शनिवार शाम 4:15 बजे पुलिस ने तीनों आरोपियों एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर उनको 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जिला जेल में भेजा गया है।
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