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डिपो निर्माण में बाधा डालने का आरोप, एनसीआरटीसी ने प्रशासन से मांगी मदद
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सरधना। मोदीपुरम में निर्माणाधीन आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) डिपो को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियोें ने आरोप लगाया है कि अधिग्रहीत भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करते ही कुछ किसानों व भूस्वामी डिपो निर्माण में बाधा डाल रहे हैं। इस कारण परियोजना कार्य प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में निगम ने तहसील प्रशासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
एनसीआरटीसी के मुख्य परियोजना प्रबंधक अबोध कुमार की तरफ से अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गांव सिवाया जमाउल्लापुर स्थित भूमि का अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत विधिवत रूप से किया जा चुका है। 3 अक्टूबर 2023 को घोषित अवार्ड के अनुसार किसानों को मुआवजा का भुगतान भी कर दिया गया है। मुआवजा प्राप्त करने के बावजूद संबंधित भूस्वामी भूमि पर निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं। इसके चलते चहारदीवारी का निर्माण रुक गया है। इससे डिपो का निर्माण कार्य भी अधर में लटक गया है।
परियोजना अधिकारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि निर्माणाधीन भूमि पर बाधा डाल रहे किसानों को समझा-बुझाकर कब्जा दिलाया जाए ताकि डिपो निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके। एनसीआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में देरी से पूरी आरआरटीएस परियोजना के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि नायब तहसीलदार के नेतृत्व टीम गठित की गई। मामले का निस्तारण कर तहसीलदार को रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
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एनसीआरटीसी के मुख्य परियोजना प्रबंधक अबोध कुमार की तरफ से अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गांव सिवाया जमाउल्लापुर स्थित भूमि का अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत विधिवत रूप से किया जा चुका है। 3 अक्टूबर 2023 को घोषित अवार्ड के अनुसार किसानों को मुआवजा का भुगतान भी कर दिया गया है। मुआवजा प्राप्त करने के बावजूद संबंधित भूस्वामी भूमि पर निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं। इसके चलते चहारदीवारी का निर्माण रुक गया है। इससे डिपो का निर्माण कार्य भी अधर में लटक गया है।
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परियोजना अधिकारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि निर्माणाधीन भूमि पर बाधा डाल रहे किसानों को समझा-बुझाकर कब्जा दिलाया जाए ताकि डिपो निर्माण समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके। एनसीआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में देरी से पूरी आरआरटीएस परियोजना के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि नायब तहसीलदार के नेतृत्व टीम गठित की गई। मामले का निस्तारण कर तहसीलदार को रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
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