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मानकों के अनुसार हाईटेंशन लाइन 5.8 मीटर, कांवड़ 6.70 मीटर की : चैत्रा वी
Mon, 17 Jul 2023 02:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 17 Jul 2023 02:26 AM IST
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पीवीवीएनएल अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में सामने आया विभाग की नहीं थी कोई गलती, कांवड़ की अधिक ऊंचाई होने के कारण हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पीवीवीएनएल एमडी चैत्रा वी. ने कहा कि राली चौहान गांव में हुए हादसे की प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों की गलती सामने नहीं आई है। हाईटेंशन लाइन मानकों के अनुसार जमीन से 5.8 मीटर है और डाक कांवड़ मानकों के विपरीत जमीन से करीब 6.70 मीटर ऊंची थी। कांवड़ यात्रा से पूर्व डीजीपी और प्रमुख सचिव की ओर से निर्देश दिए गए थे कि डाक कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। मानकों के अनुसार कांवड़ की ऊंचाई न होना ही हादसे का कारण बना। इसके अलावा सड़क किनारे पड़े मलबे से बचने के चक्कर में कांवड़ हाईटेंशन लाइन से टकरा गई।
प्रबंध निदेशक ने रविवार को ऊर्जा भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि हादसे में क्षेत्र के अवर अभियंता की कोई गलती सामने नहीं आई है। जांच में सामने आया है कि ग्रामीणों की ओर से हादसे से पूर्व कोई शटडाउन नहीं मांगा गया था। इस संबंध में न तो लिखित रूप से और न ही मौखिक रूप से कोई जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई। राली में शनिवार शाम को रोस्टर के अनुसार विद्युत कटौती की गई थी, जिसमें शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित थी। उसके बाद विद्युत आपूर्ति चालू की गई। यह मुख्यालय तक रिकॉर्ड में दर्ज है। उसके बाद किसी की ओर से भी शटडाउन नहीं मांगा गया। उन्होंने कांवड़ियों की मौत पर दुख प्रकट किया।
मृतकों के परिजनों को दिया जाएगा मुआवजा
एमडी ने उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले कांवड़ियों के परिजनों को नियमानुसार जल्द विभाग की ओर से मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए मृतकों के परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आधार कार्ड, वारिसान प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज देने होंगे।
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विभाग की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय जांच टीम
एमडी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। वहीं विभाग की ओर से भी तकनीकी टीम जांच कर रही है। टीम में मुख्य अभियंता तकनीकी व अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। उनकी ओर से क्षेत्र में 11 केवी की लाइन को लेकर उठाए गए सवालों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो खंभे ग्रामीणों की ओर से तोड़े गए हैं उन्हें भी जल्द से जल्द ठीक कराकर विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पीवीवीएनएल एमडी चैत्रा वी. ने कहा कि राली चौहान गांव में हुए हादसे की प्रारंभिक जांच में विभागीय अधिकारियों की गलती सामने नहीं आई है। हाईटेंशन लाइन मानकों के अनुसार जमीन से 5.8 मीटर है और डाक कांवड़ मानकों के विपरीत जमीन से करीब 6.70 मीटर ऊंची थी। कांवड़ यात्रा से पूर्व डीजीपी और प्रमुख सचिव की ओर से निर्देश दिए गए थे कि डाक कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। मानकों के अनुसार कांवड़ की ऊंचाई न होना ही हादसे का कारण बना। इसके अलावा सड़क किनारे पड़े मलबे से बचने के चक्कर में कांवड़ हाईटेंशन लाइन से टकरा गई।
प्रबंध निदेशक ने रविवार को ऊर्जा भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि हादसे में क्षेत्र के अवर अभियंता की कोई गलती सामने नहीं आई है। जांच में सामने आया है कि ग्रामीणों की ओर से हादसे से पूर्व कोई शटडाउन नहीं मांगा गया था। इस संबंध में न तो लिखित रूप से और न ही मौखिक रूप से कोई जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई। राली में शनिवार शाम को रोस्टर के अनुसार विद्युत कटौती की गई थी, जिसमें शाम साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित थी। उसके बाद विद्युत आपूर्ति चालू की गई। यह मुख्यालय तक रिकॉर्ड में दर्ज है। उसके बाद किसी की ओर से भी शटडाउन नहीं मांगा गया। उन्होंने कांवड़ियों की मौत पर दुख प्रकट किया।
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मृतकों के परिजनों को दिया जाएगा मुआवजा
एमडी ने उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले कांवड़ियों के परिजनों को नियमानुसार जल्द विभाग की ओर से मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके लिए मृतकों के परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आधार कार्ड, वारिसान प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज देने होंगे।
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विभाग की ओर से बनाई गई तीन सदस्यीय जांच टीम
एमडी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से हादसे की मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है। वहीं विभाग की ओर से भी तकनीकी टीम जांच कर रही है। टीम में मुख्य अभियंता तकनीकी व अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। उनकी ओर से क्षेत्र में 11 केवी की लाइन को लेकर उठाए गए सवालों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो खंभे ग्रामीणों की ओर से तोड़े गए हैं उन्हें भी जल्द से जल्द ठीक कराकर विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी।