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Meerut News: वेटलैंड में बना वाॅच टावर, प्रवासी पक्षियों को देख सकेंगे पर्यटक

Tue, 23 Dec 2025 08:16 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 08:16 PM IST
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A watch tower has been built in the wetland, allowing tourists to see migratory birds.
वैटलैंड में मौजूद प्रवासी पक्षी स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। सर्दी के मौसम में लाखों की संख्या में प्रवासी पक्षी हस्तिनापुर के भीमकुंड वेटलैंड में पहुंचते हैं। इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक सैलानी यहां पहुंचते हैं। अब वन विभाग द्वारा वेटलैंड में वाॅच टावर बनाया गया है जहां से पर्यटक सैलानी दूरबीन की मदद से प्रवासी पक्षियों को देख सकेंगे।
सेंक्चुअरि क्षेत्र में चार वेटलैंड मौजूद हैं। इनमें से भीमकुंड वेटलैंड में सबसे ज्यादा प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। यहां पर उनके लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और भरपूर भोजन मौजूद है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण है। इसी कारण यहां सैकड़ो प्रजाति के लाखों प्रवासी पक्षी यूरोपीय देशों में बर्फ जमने के कारण भोजन का संकट होने पर भारत का रुख करते हुए हस्तिनापुर वेटलैंड में पहुंचते हैं। भीमकुंड वेटलैंड को पर्यटन स्थल के रूप में डेवलप करने की दिशा में वन विभाग द्वारा पहल की गई है।
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पक्षी अवलोकन स्थल और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही हैं। भीमकुंड वेटलैंड में हस्तिनापुर से चांदपुर मार्ग पर वॉच टावर बनाया गया है। जहां से अब पर्यटक सैलानी दूरबीन से प्रवासी पक्षियों को देख सकेंगे। वॉच टावर का कार्य वन विभाग द्वारा पूरा कर लिया गया है।
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अक्तूबर से मार्च तक आते हैं प्रवासी पक्षी

भीमकुंड वेटलैंड की झील में सर्दी के मौसम में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का बसेरा है। यहां हर वर्ष ठंड की आहट होने के साथ अक्तूबर से मार्च के बीच 100 से अधिक प्रजाति के प्रवासी पक्षी आते हैं। इसमें साइबेरिया क्षेत्र, चीन, रूस, मध्य एशिया, हिमालय क्षेत्र, तिब्बत समेत विभिन्न जगहों से पक्षी आते हैं। सरगै, क्रेन, पवै, स्टॉर्क, सिल्ली समेत कई तरह के पक्षियों का आगमन होता है।


मार्च के बाद लौट जाते हैं अपने वतन
मार्च के बाद ये प्रवासी पक्षी गर्मी शुरू होते ही अपने-अपने इलाकों में वापस चले जाते हैं। वेटलैंड के अधिकतर हिस्सों में खेती भी की जा रही है। इसके बाद भी इस वेटलैंड में सबसे अधिक प्रवासी पक्षी मौजूद हैं।




पर्यटन के क्षेत्र में नहीं हुए प्रयास
हस्तिनापुर वन अभयारण्य क्षेत्र अभी पर्यटन के क्षेत्र में विकसित नहीं हुआ है जबकि यहां पर पर्यटक सैलानियों का आवागमन रहता है। अभी यहां पर लोगों को दर्शनीय स्थलों के विकास का इंतजार है। पर्यटकों के विश्राम और सुरक्षा के लिए बाकी सुविधा मुहैया कराने की दिशा में भी कोई प्रयास अभी नजर नहीं आ रहे हैं।

वैटलैंड में मौजूद प्रवासी पक्षी स्रोत संवाद

वैटलैंड में मौजूद प्रवासी पक्षी स्रोत संवाद

वैटलैंड में मौजूद प्रवासी पक्षी स्रोत संवाद

वैटलैंड में मौजूद प्रवासी पक्षी स्रोत संवाद

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