{"_id":"6685dc1d4630a97f920814f7","slug":"a-two-storey-house-collapsed-due-to-rain-in-maqsoodabad-meerut-news-c-27-1-smrt1007-126295-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मकसूदाबाद में बारिश से गिरा दो मंजिला मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मकसूदाबाद में बारिश से गिरा दो मंजिला मकान
Thu, 04 Jul 2024 04:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 04 Jul 2024 04:47 AM IST
विज्ञापन
अफजलगढ़ गांव मकसूदाबाद में बारिश के कारण गिरा मकान। स्रोत ग्रामीण
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव मकसूदाबाद में बारिश के चलते पुराना दो मंजिला मकान ढह गया। जिसमें घर के लोग सुरक्षित बच निकले, किंतु लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया है। ग्राम प्रधान ने सूचना पर लेखपाल को दी। लेखपाल ने नुकसान का आकलन कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
गांव मकसूदाबाद में महेश नरेंद्र का दो मंजिला पुराना मकान है, महेश हरिद्वार में नौकरी करता है। मकान में महेश की पत्नी कविता तीन बच्चे व देवर नरेंद्र रहता है। वर्षा पड़ने ओर मकान पुराना होने की आशंका पर नरेंद्र घेर में रहने चला गया। वर्षा होने व पुराना मकान होने के कारण घर से कुछ सामान बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद मंगलवार रात से वर्षा होने लगी महेश की पत्नी कविता को मकान गिरने की आशंका हुई। वह अपने बच्चों को मकान से बाहर लेकर निकल गई। तभी उनका मकान भरभरा कर ढह गया। समय रहते परिवार के बाहर निकलने से बड़ा हादसा टल गया।
वहीं मकान गिरने से परिवार का आशियाना छिन गया। कोई मकान या सहारा न होने के कारण पीड़िता ने पड़ोसी के मकान में शरण ली है। वह अपने बच्चों के साथ पड़ोस में रह रही है। पीड़िता के अनुसार मकान ढहने से उनका करीब तीन लाख रुपये का सामान दबने से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने राजस्व विभाग से मुआवजे की मांग की है। सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान हरगोविंद सिंह ने लेखपाल को सूचना दी। लेखपाल पप्पूशाह ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने तथा नियमानुसार मुआवजे दिलाए जाने की बात कही है। वहीं दो दिन पूर्व भी वर्षा के चलते गांव निवासी आसिफ की कच्ची छत ढह गई थी।
विज्ञापन
गांव मकसूदाबाद में महेश नरेंद्र का दो मंजिला पुराना मकान है, महेश हरिद्वार में नौकरी करता है। मकान में महेश की पत्नी कविता तीन बच्चे व देवर नरेंद्र रहता है। वर्षा पड़ने ओर मकान पुराना होने की आशंका पर नरेंद्र घेर में रहने चला गया। वर्षा होने व पुराना मकान होने के कारण घर से कुछ सामान बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद मंगलवार रात से वर्षा होने लगी महेश की पत्नी कविता को मकान गिरने की आशंका हुई। वह अपने बच्चों को मकान से बाहर लेकर निकल गई। तभी उनका मकान भरभरा कर ढह गया। समय रहते परिवार के बाहर निकलने से बड़ा हादसा टल गया।
विज्ञापन
वहीं मकान गिरने से परिवार का आशियाना छिन गया। कोई मकान या सहारा न होने के कारण पीड़िता ने पड़ोसी के मकान में शरण ली है। वह अपने बच्चों के साथ पड़ोस में रह रही है। पीड़िता के अनुसार मकान ढहने से उनका करीब तीन लाख रुपये का सामान दबने से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने राजस्व विभाग से मुआवजे की मांग की है। सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान हरगोविंद सिंह ने लेखपाल को सूचना दी। लेखपाल पप्पूशाह ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने तथा नियमानुसार मुआवजे दिलाए जाने की बात कही है। वहीं दो दिन पूर्व भी वर्षा के चलते गांव निवासी आसिफ की कच्ची छत ढह गई थी।