{"_id":"68c6c9a606386da1cb0a5b1a","slug":"a-true-lover-is-the-one-who-loves-god-like-the-gopis-anantanand-meerut-news-c-14-1-mrt1002-975606-2025-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"सच्चा प्रेमी वही, जो गोपियों की तरह करे भगवान से प्रेम : अनंतानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सच्चा प्रेमी वही, जो गोपियों की तरह करे भगवान से प्रेम : अनंतानंद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित वेदांत सत्संग आश्रम में पितृपक्ष में श्रीमद्भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ हुआ। रविवार को महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया। महामंडलेश्वर ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति का ग्रंथ है। यह ज्ञान से परिपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि जब तक मन में भगवान श्रीकृष्ण के अतिरिक्त अन्य विचार रहते हैं। तब तक भगवान का आगमन हृदय में नहीं होता है। भगवान की भक्ति ही उनकी प्राप्ति का मार्ग है। गोपी रास प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेमी वही है जो गोपियों की तरह भगवान से प्रेम करता है। रासलीला में भगवान कृष्ण प्रत्येक गोपी के साथ उनके लिए अलग-अलग रूप धारण करते है। इससे गोपियों में यह अभिमान उत्पन्न होता है कि कृष्ण केवल उनके साथ हैं। जैसे ही यह अभिमान बढ़ता है तो भगवान अंतरध्यान हो जाते हैं। बाद में गोपियों ने विरह में कृष्ण के गीत गाए। ऐसे में भगवान दोबारा प्रकट हो गए। इस अवसर पर डीएन तिवारी, बीडी पांडेय, विपिन कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
मेरठ। जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित वेदांत सत्संग आश्रम में पितृपक्ष में श्रीमद्भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ हुआ। रविवार को महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया। महामंडलेश्वर ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति का ग्रंथ है। यह ज्ञान से परिपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि जब तक मन में भगवान श्रीकृष्ण के अतिरिक्त अन्य विचार रहते हैं। तब तक भगवान का आगमन हृदय में नहीं होता है। भगवान की भक्ति ही उनकी प्राप्ति का मार्ग है। गोपी रास प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेमी वही है जो गोपियों की तरह भगवान से प्रेम करता है। रासलीला में भगवान कृष्ण प्रत्येक गोपी के साथ उनके लिए अलग-अलग रूप धारण करते है। इससे गोपियों में यह अभिमान उत्पन्न होता है कि कृष्ण केवल उनके साथ हैं। जैसे ही यह अभिमान बढ़ता है तो भगवान अंतरध्यान हो जाते हैं। बाद में गोपियों ने विरह में कृष्ण के गीत गाए। ऐसे में भगवान दोबारा प्रकट हो गए। इस अवसर पर डीएन तिवारी, बीडी पांडेय, विपिन कुमार आदि रहे।
विज्ञापन