फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   A settlement of faith sprang up on the highway.

Meerut News: हाईवे पर बस गई आस्था की बस्ती

Fri, 07 Aug 2026 09:08 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:08 PM IST
विज्ञापन
A settlement of faith sprang up on the highway.
दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद
- जहां तक जाए नजर, वहां तक दिखे शिवभक्त कांवड़िया
विज्ञापन

- राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर दादरी से मोहिउद्दीनपुर तक दिखाई देती है केसरिया छटा
शरद गुप्ता
दौराला (मेरठ)। सुबह की पहली किरण हो या आधी रात का सन्नाटा... दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर इन दिनों समय जैसे ठहर-सा गया हो। यहां ट्रकों और बसों के हॉर्न की जगह बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। डामर की काली सड़क पर केसरिया रंग की ऐसी चादर बिछी है, लगता है मानो हाईवे नहीं, भोलेनाथ की ओर बढ़ता कोई विशाल आस्था पथ हो। आषाढ़ मास से शुरू हुआ यह सिलसिला अब आस्था की ऐसी अस्थायी नगरी का रूप ले चुका है, जहां हर कदम शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है।
इस अस्थायी शहर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई मकान नहीं, फिर भी हजारों लोग ठहरते हैं। कोई स्थायी बाजार नहीं, फिर भी हर जरूरत की चीज उपलब्ध है। पैसे हों या न हों, लेकिन कोई भूखा नहीं सोता। सड़क किनारे लगे सेवा शिविर इस बस्ती की पहचान बन गए हैं। कहीं गर्मा-गर्म भोजन परोसा जा रहा है, कहीं चाय और शरबत से थके कदमों को ऊर्जा मिल रही है। कहीं डॉक्टर छालों पर मरहम लगा रहे हैं तो कहीं स्वयंसेवक कांवड़ की मरम्मत में जुटे हैं। यहां सेवा का कोई मूल्य नहीं, क्योंकि हर श्रद्धालु में भोलेनाथ का स्वरूप देखा जाता है।
विज्ञापन

दिन चढ़ने के साथ कांवड़ियों का कारवां बढ़ता जाता है और रात होते-होते हाईवे का नजारा और भी अलौकिक हो उठता है। जगमगाते शिविर, भजनों की धुन, डमरू की थाप और निरंतर आगे बढ़ते कांवड़ियों के कदम यह एहसास कराते हैं कि आस्था को न दिन रोकता है और न रात। हाईवे चौबीसों घंटे श्रद्धा से गुलजार है। गंगा मेले में तंबुओं की नगरी कुछ दिनों के लिए बसती है, लेकिन कांवड़ यात्रा में राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 10 से 11 दिनों तक ऐसा शहर आबाद रहता है, जिसकी नींव ईंट-पत्थर पर नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और विश्वास पर टिकी होती है। यहां कोई किसी का परिचय नहीं पूछता। हर कोई सिर्फ इतना जानता है कि सामने वाला शिवभक्त है और उसकी सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन


55 किमी में सैकड़ों शिविर
दादरी से मोहिउद्दीनपुर तक करीब 55 किलोमीटर के हाईवे पर इन दिनों जहां नजर जाती है, वहीं कांवड़ियों का कारवां, सेवा शिविर और अस्थायी दुकानें दिखाई देती हैं। सड़क किनारे जगह-जगह लगे शिविरों में शिवभक्तों की सेवा की जा रही है। भोजन से लेकर रात में सोने तक की व्यवस्था है। जरूरत का सामान बेचने के लिए अस्थायी दुकानें भी हाईवे किनारे लगी हुईं हैं। दूर तक दिखाई देती केसरिया छटा हाईवे को आस्था की नगरी में बदल रही है।


मेरठ वालों का बड़ा दिल
रोहटा रोड के जैनपुर निवासी दिव्यांग यशवीर बताते हैं कि मेरठ वालों का दिल बड़ा है। वह दिल खोलकर कांवड़ियों की सेवा करते हैं। यही वजह है कि हाईवे पर जिधर नजर डालो, उधर सेवा शिविर दिखाई देता है। मेरठ के लोग शिव भक्तों की दिल खोलकर सेवा करते हैं। यशवीर इस बार छठी बार कांवड़ लेकर लौट रहे हैं।

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

दौराला - दौराला में हाईवे से झांकी वाली कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़ियां। स्रोत : संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed