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मेडिकल कॉलेज में बनेगी नई लैब, वायरस से जंग के लिए होगा शोध

Thu, 27 Oct 2022 01:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 01:12 AM IST
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A new lab will be built in the medical college, research will be done to fight the virus
मेडिकल कॉलेज में बनेगी नई लैब, वायरस से जंग के लिए होगा शोध
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मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में अब वायरोलॉजी लैब बनाई जाएगी। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों की जांच होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह अत्याधुनिक लैब मध्यम से उच्च जोखिम वाले वायरस का पता लगाने में सक्षम होगी। इससे रिसर्च, टेस्टिंग और क्षमता में वृद्धि होगी। छात्रों को नए वायरस के अध्ययन का अवसर मिलेगा। इससे बीमारियों की पहचान में भी आसानी होगी।
वायरल से बने शब्द वायरोलॉजी को हिंदी में विषाणु विज्ञान कहा जाता है जो कि सूक्ष्मजैविकी की एक शाखा है। सूक्ष्मजैविकी की इस शाखा में विषाणुओं का वर्गीकरण, सरंचना, विकास, प्रजनन एवं उनसे होने वाले रोगों का अध्ययन किया जाता है। मेडिकल में हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग इलाज के लिए आते हैं। इनमें से अधिकांश की जांच भी होती हैं। अभी माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोरोना, डेंगू, हेपेटाइटिस सी और चिकनगुनिया आदि की जांच होती है, लेकिन कई बार सैंपलों की संख्या बढ़ जाती है, जैसे कोरोना काल में हुआ था। नमूनों को दिल्ली, पुणे और लखनऊ भेजना पड़ा था। अभी भी मंकी पॉक्स, रोटा वायरस, हरपीज सिंप्लेक्स वायरस, बर्ड फ्लू, इबोला और रूबेला आदि की जांच नहीं हो पाती है, जो अब हो सकेगी। साथ ही कोरोना की जीनोम सिक्वेंसिंग भी हो पाएगी। मेरठ के अलावा यहां गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत आदि जिलों के भी मरीज आते हैं। मरीजों के रक्त के सैंपल जांच के लिए बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे। इससे खर्च में कमी के साथ-साथ मरीजों को जल्द उचित उपचार मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज में वायरोलॉजी लैब खोले जाने की कसरत चल रही थी, जिसे केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है।
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आधुनिक शोध कार्यों को भी मिलेगा बल
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि लैब की स्थापना होने से मेडिकल कॉलेज में जहां आधुनिक शोध कार्यों को बल मिलेगा, वहीं मरीजों का इलाज करने में डॉक्टरों को सुविधा मिलेगी। वायरोलॉजी लैब खुलेगी तो इसमें वायरस से फैलने वाली सभी बीमारियों को कंट्रोल करने के तरीके, उनका रेजिस्टेंट और किन दवाओं का उन पर असर होता है आदि पर रिसर्च भी की जा सकेगी। इनका डायग्नोसिस करने में भी मदद मिलेगी।
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उच्च मानकों पर कार्य करेगी लैब
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि वायरोलॉजी लैब वेस्ट यूपी के मरीजों के लिए सौगात साबित होगी। लैब नए उपकरणों के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहेगी। उच्च मानकों पर कार्य करेगी। कोरोना काल में माइक्रोबायोलॉजी लैब पर नमूनों का भार बढ़ गया था। वायरोलॉजी लैब बनने से भार भी कम हो जाएगा और रिपोर्ट जल्दी दी जा सकेगी।
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