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दर्पण आत्मचिंतन का माध्यम, कुसंग सबसे बड़ा शत्रु : शांतनु महाराज
Sat, 20 Jun 2026 07:03 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 20 Jun 2026 07:03 PM IST
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खरखौदा में चल रही श्री राम कथा का शुभारंभ करने के दौरान पूजन करते सांसद अरुण गोविल व कथा के आयो
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अयोध्या के प्रसंगों के माध्यम से दिया आत्मावलोकन, पारिवारिक एकता और त्याग का संदेश
कस्बे में चल रही रामकथा का पाचवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। कस्बे के लालू अध्यक्ष फार्म हाउस में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिवस कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने अयोध्या कांड की मंगलमयी चौपाइयों के गायन के साथ कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन
शांतनु महाराज ने कहा कि जनकपुर में विवाह के उपरांत जब भगवान श्रीराम एक माह बाद अयोध्या लौटे तो पूरी नगरी सुख, समृद्धि और वैभव से भर उठी। महाराज दशरथ ने राजसभा में दर्पण देखा और अपने कानों के पास सफेद बाल दिखाई देने पर यह अनुभव किया कि अब राज्य की बागडोर नई पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। उन्होंने श्रीराम के राज्याभिषेक का निर्णय लिया।
प्रसंग की व्याख्या करते हुए शांतनु महाराज ने कहा कि दर्पण केवल चेहरा देखने का साधन नहीं, बल्कि आत्मावलोकन का माध्यम है। मनुष्य को समय-समय पर स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए और उम्र बढ़ने के साथ सांसारिक जिम्मेदारियों को योग्य हाथों में सौंपकर प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर होना चाहिए।
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उन्होंने राज्याभिषेक की तैयारियों, मंथरा प्रसंग का वर्णन किया। महाराज जी ने कहा कि मंथरा केवल एक पात्र नहीं, बल्कि कुसंग का प्रतीक है। कुसंग व्यक्ति की बुद्धि को भ्रमित कर देता है और परिवारों तक को टूटने की स्थिति में पहुंचा देता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी संगति का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
लक्ष्मण जी के भ्रातृ प्रेम का उल्लेख करते हुए शांतनु महाराज ने कहा कि भगवान राम के लाख समझाने पर भी लक्ष्मण उन्हें अकेले वन जाने देने को तैयार नहीं हुए। श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण तीनों वन के लिए प्रस्थान कर गए। यह प्रसंग त्याग, समर्पण और भाईचारे की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि रघुवंश का आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
यह अतिथि रहे मौजूद
कथा में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा संसदीय दल के सदस्य सत्यनारायण जटिया, सांसद अरुण गोविल, भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल, पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, क्षेत्रीय मंत्री अंकुर राणा तथा महिला आयोग की पूर्व सदस्य राखी त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजक अजय त्यागी ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत और सम्मान करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
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कस्बे में चल रही रामकथा का पाचवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। कस्बे के लालू अध्यक्ष फार्म हाउस में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिवस कथा व्यास आचार्य शांतनु महाराज ने अयोध्या कांड की मंगलमयी चौपाइयों के गायन के साथ कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन
शांतनु महाराज ने कहा कि जनकपुर में विवाह के उपरांत जब भगवान श्रीराम एक माह बाद अयोध्या लौटे तो पूरी नगरी सुख, समृद्धि और वैभव से भर उठी। महाराज दशरथ ने राजसभा में दर्पण देखा और अपने कानों के पास सफेद बाल दिखाई देने पर यह अनुभव किया कि अब राज्य की बागडोर नई पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। उन्होंने श्रीराम के राज्याभिषेक का निर्णय लिया।
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प्रसंग की व्याख्या करते हुए शांतनु महाराज ने कहा कि दर्पण केवल चेहरा देखने का साधन नहीं, बल्कि आत्मावलोकन का माध्यम है। मनुष्य को समय-समय पर स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए और उम्र बढ़ने के साथ सांसारिक जिम्मेदारियों को योग्य हाथों में सौंपकर प्रभु भक्ति की ओर अग्रसर होना चाहिए।
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उन्होंने राज्याभिषेक की तैयारियों, मंथरा प्रसंग का वर्णन किया। महाराज जी ने कहा कि मंथरा केवल एक पात्र नहीं, बल्कि कुसंग का प्रतीक है। कुसंग व्यक्ति की बुद्धि को भ्रमित कर देता है और परिवारों तक को टूटने की स्थिति में पहुंचा देता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी संगति का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
लक्ष्मण जी के भ्रातृ प्रेम का उल्लेख करते हुए शांतनु महाराज ने कहा कि भगवान राम के लाख समझाने पर भी लक्ष्मण उन्हें अकेले वन जाने देने को तैयार नहीं हुए। श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण तीनों वन के लिए प्रस्थान कर गए। यह प्रसंग त्याग, समर्पण और भाईचारे की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि रघुवंश का आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
यह अतिथि रहे मौजूद
कथा में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा संसदीय दल के सदस्य सत्यनारायण जटिया, सांसद अरुण गोविल, भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल, पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, क्षेत्रीय मंत्री अंकुर राणा तथा महिला आयोग की पूर्व सदस्य राखी त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजक अजय त्यागी ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत और सम्मान करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

खरखौदा में चल रही श्री राम कथा का शुभारंभ करने के दौरान पूजन करते सांसद अरुण गोविल व कथा के आयो