{"_id":"68a2247150820a2dc1052b64","slug":"a-laborer-who-got-up-in-a-hurry-while-sleeping-on-the-roof-died-after-falling-meerut-news-c-26-1-sal1002-147750-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत पर सोते समय हड़बड़ाहट में उठे मजदूर की गिरने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत पर सोते समय हड़बड़ाहट में उठे मजदूर की गिरने से मौत
विज्ञापन
बाबरी के बंतीखेड़ा में मजदूर की मौत के बाद जमा लोग। संवाद
बाबरी। क्षेत्र के गांव बंतीखेड़ा में रात को सो रहे मजदूर मुरसलीन (50) की छत से गिरकर मौत हो गई। मजदूर की मौत से परिजनों में गम का माहौल बना हुआ है।
मुरसलीन शनिवार रात को घर की छत पर चारपाई पर सोए थे, जबकि उनका परिवार घर के आंगन में सोया था। परिजनों ने मेज पर रखा जाने वाला पंखा चला रखा था। देर रात करीब करीब ढाई बजे की पंखुड़ी टूट गई, जिसकी तेज आवाज सुनकर परिजन घबरा गए और उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर छत पर सो रहे मुरसलीन जल्दबाजी में चारपाई से उठे तो उनका संतुलन बिगड़ गया और वे छत से नीचे गिरकर गंभीर घायल हो गए।
घायल को परिजन शामली के निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने मुरसलीन को मृत घोषित कर दिया। मुरसलीन खेत पर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी और तीन बेटी है। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 20 साल है, बाकी सभी उनसे छोटे हैं और सभी अविवाहित हैं। मजदूर की मौत होने से परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ हो गया है। ग्रामीण मृतक के आवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
विज्ञापन
मुरसलीन शनिवार रात को घर की छत पर चारपाई पर सोए थे, जबकि उनका परिवार घर के आंगन में सोया था। परिजनों ने मेज पर रखा जाने वाला पंखा चला रखा था। देर रात करीब करीब ढाई बजे की पंखुड़ी टूट गई, जिसकी तेज आवाज सुनकर परिजन घबरा गए और उन्होंने शोर मचा दिया। शोर सुनकर छत पर सो रहे मुरसलीन जल्दबाजी में चारपाई से उठे तो उनका संतुलन बिगड़ गया और वे छत से नीचे गिरकर गंभीर घायल हो गए।
घायल को परिजन शामली के निजी अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने मुरसलीन को मृत घोषित कर दिया। मुरसलीन खेत पर मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी और तीन बेटी है। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 20 साल है, बाकी सभी उनसे छोटे हैं और सभी अविवाहित हैं। मजदूर की मौत होने से परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ हो गया है। ग्रामीण मृतक के आवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।

बाबरी के बंतीखेड़ा में मजदूर की मौत के बाद जमा लोग। संवाद
विज्ञापन