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Meerut News: पुरा महादेव की ओर बढ़ रहा आस्था का कारवां

Sun, 09 Aug 2026 09:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 09:48 PM IST
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A caravan of faith is moving towards Pura Mahadev.
- गंगनहर और रजबहे की पटरियों से पुरा महादेव तक पहुंचती अटूट आस्था
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शाह आलम त्यागी
सरधना। कंधे पर कांवड़, हाथ में तिरंगा या भगवा ध्वज और जुबां पर हर-हर महादेव का जयघोष...। हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों शिवभक्तों की मंजिल एक है पुरा महादेव। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले शिवभक्त चौधरी चरण सिंह गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग और रजबहे की पटरियों से गुजरते हुए बाबा पुरा महादेव के दरबार तक पहुंच रहे हैं। लंबा सफर, तपती धूप और थकान भी उनकी आस्था को डिगा नहीं पा रही है।
रविवार को गंगनहर और रजबहा कांवड़ पटरी मार्ग पर सुबह से ही शिवभक्तों सैलाब दिखाई दिया। हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के कांवड़िया हर-हर महादेव और बम-बम भोले का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। वहीं, मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले शिवभक्त रजबहे की पटरियों से पुरा महादेव की ओर बढ़ते नजर आए। (संवाद)
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रास्ते अलग, मंजिल एक
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों के लिए चौधरी चरण सिंह गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग प्रमुख रास्ता बना हुआ है। वहीं, स्थानीय और आसपास के जिलों से आने वाले हजारों शिवभक्त रजबहे की पटरियों का सहारा लेकर पुरा महादेव पहुंच रहे हैं। गंगनहर हो या रजबहे की पटरी, हर तरफ भगवा रंग और शिवभक्ति का नजारा दिखाई दे रहा है।कांवड़ियों के जत्थों में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। कोई मन्नत पूरी होने पर कांवड़ ला रहा है तो कोई परिवार की सुख-शांति और स्वास्थ्य के लिए बाबा का जलाभिषेक करने जा रहा है। कई शिवभक्त वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।
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मन्नत पूरी हुई तो बन गई हर साल कांवड़ लाने की परंपरा
शिवभक्त राजकिशोर सिंह ने बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव से बेटे की मन्नत मांगी थी। करीब दो वर्ष बाद बेटा होने पर उन्होंने बाबा का आभार जताने के लिए कांवड़ लाने का संकल्प लिया। तब से हर साल हरिद्वार से गंगाजल लेकर पुरा महादेव में जलाभिषेक करते हैं। वहीं, विश्वजीत ने बताया कि उनके बेटे अर्पित को गंभीर बीमारी हो गई थी। उन्होंने बेटे के स्वस्थ होने की मन्नत भगवान शिव से मांगी थी। मन्नत पूरी हुई और उनका बेटा पिछले पांच वर्षों से स्वस्थ है। इसके बाद से वह भी लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं।


रजबहे भी बने शिवभक्ति की राह
सलावा राइट माइनर के रार्धना, पाली, कालंद, धनवाली, डाहर, सरूरपुर, करनावल और नारंगपुर रजबहे के आसपास भी कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ गई है। ग्रामीणों ने जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में शिवभक्तों के लिए भोजन, पानी, फल, दवाइयों और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कांवड़ मार्ग पर शिवभक्तों की सेवा के लिए सेवादार दिन-रात जुटे हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात है। लाहौरगढ़ रजबहे पर मिनी पुलिस कार्यालय बनाया गया है, जहां स्थानीय थाने के साथ अन्य थानों का पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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