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कमिश्नर साहब सीनियर, इसलिए चुप रहा
Meerut
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। गाड़ी पर नीली बत्ती लगाने को लेकर विवाद में आए नायब तहसीलदार छोटे लाल ने डीएम को अपना जवाब भेज दिया है। छोटे लाल ने कहा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट को नीली बत्ती लगाने का शासनादेश है। मंडलायुक्त सीनियर अधिकारी हैं, इसलिए उस दिन मैं चुप रहा। नायब तहसीलदार का यह जवाब प्रशासन में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह पांच अक्तूबर को आयोजित समाधान दिवस का निरीक्षण करने खरखौदा थाना पहुंचे थे। वहां एक नीली बत्ती लगी गाड़ी खड़ी थी। मंडलायुक्त ने जब उस गाड़ी के बारे में पूछा तो बताया गया कि यह नायब तहसीलदार छोटे लाल की है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को फटकार लगाते हुए मौके पर ही बत्ती उतरवा दी।
इस मामले पर संज्ञान लेते हुए डीएम पंकज यादव ने नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगते हुए 20 अक्तूबर तक जवाब देने का आदेश दिया था। नायब तहसीलदार छोटे लाल ने डीएम को भेजे जवाब में कहा है कि ‘मैं डीएम के आदेश पर ही कार्यकारी मजिस्ट्रेट की हैसियत से खरखौदा थाना गया था। शासनादेश में कार्यकारी मजिस्ट्रेट को गाड़ी पर नीली बत्ती लगाने का अधिकार प्रदान किया गया है। मंडलायुक्त चूंकि वरिष्ठ अधिकारी हैं, इसलिए उनके सम्मान की खातिर उस दिन मैं चुप रहा और नीली बत्ती उतरवाने से उन्हें नहीं रोका।’ इस जवाब के साथ नायब तहसीलदार ने शासनादेश की प्रति भी लगाई है।
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मंडलायुक्त भूपेंद्र सिंह पांच अक्तूबर को आयोजित समाधान दिवस का निरीक्षण करने खरखौदा थाना पहुंचे थे। वहां एक नीली बत्ती लगी गाड़ी खड़ी थी। मंडलायुक्त ने जब उस गाड़ी के बारे में पूछा तो बताया गया कि यह नायब तहसीलदार छोटे लाल की है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को फटकार लगाते हुए मौके पर ही बत्ती उतरवा दी।
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इस मामले पर संज्ञान लेते हुए डीएम पंकज यादव ने नायब तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगते हुए 20 अक्तूबर तक जवाब देने का आदेश दिया था। नायब तहसीलदार छोटे लाल ने डीएम को भेजे जवाब में कहा है कि ‘मैं डीएम के आदेश पर ही कार्यकारी मजिस्ट्रेट की हैसियत से खरखौदा थाना गया था। शासनादेश में कार्यकारी मजिस्ट्रेट को गाड़ी पर नीली बत्ती लगाने का अधिकार प्रदान किया गया है। मंडलायुक्त चूंकि वरिष्ठ अधिकारी हैं, इसलिए उनके सम्मान की खातिर उस दिन मैं चुप रहा और नीली बत्ती उतरवाने से उन्हें नहीं रोका।’ इस जवाब के साथ नायब तहसीलदार ने शासनादेश की प्रति भी लगाई है।
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