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खेती में लागत बढ़ी, मुनाफा घटा : जीके गर्ग
Meerut
Updated Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 14वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। पूर्व कुलपतियों ने विवि के विस्तार के बारे में जानकारी दी। वहीं बताया गया कि इस समय खेती में लागत बढ़ने उत्पादकता प्रभावित हो रही है।
मुख्य अतिथि और विवि के प्रथम ओएसडी प्रोफेसर जीके गर्ग ने कहा कि कृषि आज काफी आगे बढ़ी है, लेकिन किसानों का खेती के प्रति मोहभंग होने लगा है। कृषि उत्पादों की खरीद में सारा लाभ बिचौलिए हड़प लेते हैं। सरकार की सुविधाएं किसानों तक नहीं पहुंच रही हैं। अब इंटीग्रेटिड(एकीकृत) कृषि की आवश्यकता है। बायोटेक्नोलॉजी की सहायता से फसल की उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है। वेस्ट यूपी में कृषि विविधिकरण और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए तो उत्पाद का अच्छा मूल्य मिल सकता है। विवि के पूर्व कुलपति डॉ. एमपी यादव ने कहा कि किसान का मुनाफा खेती में घटा है। कुलपति डॉ. एचएस गौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय आपदाएं, वैश्विक जलवायु परिवर्तन, जैव ईंधन के लिए भोजन का उपयोग तथा कीमतों पर अनिश्चितताओं आदि से संबंधित हैं। संचालन पारुल सिरोही ने किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. सीएस प्रसाद, डीएसडब्लू डॉ. जे यादव, डीन एजी प्रोफेसर शमशेर सिंह, डीन बायोटेक अनिल सिरोही, निदेशक प्रसार डॉ. रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि और विवि के प्रथम ओएसडी प्रोफेसर जीके गर्ग ने कहा कि कृषि आज काफी आगे बढ़ी है, लेकिन किसानों का खेती के प्रति मोहभंग होने लगा है। कृषि उत्पादों की खरीद में सारा लाभ बिचौलिए हड़प लेते हैं। सरकार की सुविधाएं किसानों तक नहीं पहुंच रही हैं। अब इंटीग्रेटिड(एकीकृत) कृषि की आवश्यकता है। बायोटेक्नोलॉजी की सहायता से फसल की उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है। वेस्ट यूपी में कृषि विविधिकरण और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए तो उत्पाद का अच्छा मूल्य मिल सकता है। विवि के पूर्व कुलपति डॉ. एमपी यादव ने कहा कि किसान का मुनाफा खेती में घटा है। कुलपति डॉ. एचएस गौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय आपदाएं, वैश्विक जलवायु परिवर्तन, जैव ईंधन के लिए भोजन का उपयोग तथा कीमतों पर अनिश्चितताओं आदि से संबंधित हैं। संचालन पारुल सिरोही ने किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. सीएस प्रसाद, डीएसडब्लू डॉ. जे यादव, डीन एजी प्रोफेसर शमशेर सिंह, डीन बायोटेक अनिल सिरोही, निदेशक प्रसार डॉ. रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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