{"_id":"52-74563","slug":"Meerut-74563-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोषी अफसरों पर मुकदमा क्यों नहीं?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोषी अफसरों पर मुकदमा क्यों नहीं?
Meerut
Updated Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड मामले में दोषी अधिकारियों पर मुकदमा न चलाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। यह रिपोर्ट एसीएम ने जिलाधिकारी को दी है। इसके साथ ही उन्होंने आगे होने वाली जांच और सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई की कार्रवाई के बारे में भी रिपोर्ट में जिक्र किया है।
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ितों को मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 15 जुलाई को सुनवाई थी। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से एसीएम अजय तिवारी भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद थे। उन्होंने पूरी कार्रवाई पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी है। इस रिपोर्ट के अनुसार अब विक्टोरिया पार्क अग्निकांड की जांच एक सदस्यीय आयोग करेगा। जो गर्ग आयोग की रिपोर्ट की कमियों को दूर करते हुए उसके आधार पर ही जांच बढ़ाएगा। रिपोर्ट में बताया है कि इस बार जांच सुप्रीम कोर्ट रिटायर जज को सौंपी जाएगी। इसके लिए पीड़ित, सरकार और आयोजक तीनों से ही सील बंद लिफाफे में तीन-तीन नाम मांगे गए हैं। इन्हीं में सुप्रीम कोर्ट किसी एक को जांच सौंपेगा।
एसीएम ने रिपोर्ट में बताया है कि विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के लिए दोषी अधिकारियों पर आज तक मुकदमा चलाने की स्वीकृति शासन ने क्यों नहीं दी, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। विक्टोरिया पार्क कांड को लेकर पीड़ित पक्ष की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें तीन आयोजकों के साथ ही तत्कालीन डीएम, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, अग्निशमन अधिकारी, एसडीओ हाइड्रिल आदि अधिकारियों को भी नामजद किया गया था। शासन ने एक भी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति आज तक नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों को मुआवजा तय होने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी तय होने का वाद दायर है, तो सुप्रीम कोर्ट जांच में इन मुद्दों को भी शामिल कर रहा है। सूत्रों की मानें तो गर्ग आयोग की रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियां की भूमिका पर ज्यादा जांच नहीं की गयी है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट अब इस जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों बिंदुओं पर कार्रवाई तय करना चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड मामले में दोषी अधिकारियों पर मुकदमा न चलाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। यह रिपोर्ट एसीएम ने जिलाधिकारी को दी है। इसके साथ ही उन्होंने आगे होने वाली जांच और सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई की कार्रवाई के बारे में भी रिपोर्ट में जिक्र किया है।
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ितों को मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 15 जुलाई को सुनवाई थी। इस दौरान जिला प्रशासन की तरफ से एसीएम अजय तिवारी भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मौजूद थे। उन्होंने पूरी कार्रवाई पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी है। इस रिपोर्ट के अनुसार अब विक्टोरिया पार्क अग्निकांड की जांच एक सदस्यीय आयोग करेगा। जो गर्ग आयोग की रिपोर्ट की कमियों को दूर करते हुए उसके आधार पर ही जांच बढ़ाएगा। रिपोर्ट में बताया है कि इस बार जांच सुप्रीम कोर्ट रिटायर जज को सौंपी जाएगी। इसके लिए पीड़ित, सरकार और आयोजक तीनों से ही सील बंद लिफाफे में तीन-तीन नाम मांगे गए हैं। इन्हीं में सुप्रीम कोर्ट किसी एक को जांच सौंपेगा।
विज्ञापन
एसीएम ने रिपोर्ट में बताया है कि विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के लिए दोषी अधिकारियों पर आज तक मुकदमा चलाने की स्वीकृति शासन ने क्यों नहीं दी, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। विक्टोरिया पार्क कांड को लेकर पीड़ित पक्ष की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें तीन आयोजकों के साथ ही तत्कालीन डीएम, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, अग्निशमन अधिकारी, एसडीओ हाइड्रिल आदि अधिकारियों को भी नामजद किया गया था। शासन ने एक भी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति आज तक नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों को मुआवजा तय होने के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी तय होने का वाद दायर है, तो सुप्रीम कोर्ट जांच में इन मुद्दों को भी शामिल कर रहा है। सूत्रों की मानें तो गर्ग आयोग की रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियां की भूमिका पर ज्यादा जांच नहीं की गयी है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट अब इस जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों बिंदुओं पर कार्रवाई तय करना चाहता है।
विज्ञापन