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शास्त्री नगर गैंगरेप ः हाईकोर्ट ने किया प्रोसीडिंग पर स्टे
Meerut
Updated Sat, 31 May 2014 05:34 AM IST
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मेरठ। शास्त्रीनगर गैंगरेप प्रकरण में नया मोड़ आ गया। आरोपी गौरव भड़ाना के प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रोसीडिंग स्टे ऑर्डर जारी किया है। हाईकोर्ट के अग्रिम आदेश तक फिलहाल इस केस की प्रक्रिया रुक जाएगी।
दरअसल, गैंगरेप के आरोपी गौरव भड़ाना की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। उसकी सुनवाई हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश बालकृष्ण नारायण की अदालत में हुई। पत्र में कहा गया था कि केस जिला जज की कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि यह केस पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 28(2) के तहत पॉक्सो एक्ट की सुनवाई के लिए गठित स्पेशल जज की कोर्ट में चलना चाहिए। गौरव भड़ाना के साथ ही शोभित गुर्जर की ओर से भी यही प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में दिया गया। गौरव भड़ाना के अधिवक्ता अनिल बख्शी और शोभित के अधिवक्ता अमित दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर आदेश जारी करते हुए प्रोसीडिंग स्टे दे दिया है। साथ ही अभियोजन पक्ष को नोटिस भी जारी किया है। उसके लिए अभियोजन पक्ष को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना होगा। कहा गया है कि अग्रिम आदेश तक केस की प्रक्रिया यथा स्थिति में रहेगी।
बता दें शास्त्रीनगर की छात्रा से 20 जुलाई 2013 को अपहरण कर गढ़ रोड पर लख्मी विहार स्थित फ्लैट में गैंगरेप किया गया था। मामले में बसपा नेता अमित भड़ाना, गौरव भड़ाना, शोभित गुर्जर और आजाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट से इसी महीने चारों आरोपियों की जमानत मंजूर हुई, जिसके बाद आरोपी जेल से रिहा हो गए।
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केस का निर्धारण होने में लगेगा समय
चार्जशीट दाखिल होने के बाद केस की सुुनवाई जिला जज की कोर्ट में चली। फिर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की नियुक्ति होने पर केस वहां ट्रांसफर हो गया। बता दें आरोपियों की ओर से इसके पहले हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र डाल दिया गया था। पीड़िता के बयान हो गए और आरोपियों की शिनाख्त परेड तक हो चुकी है। इन दिनों केस में जिरह चल रही थी। जिस तेजी से केस की प्रक्रिया चल रही थी, उससे लग रहा था कि केस का निर्धारण हो जाएगा और जल्द ही पीड़िता को न्याय मिलेगा। मगर अब प्रोसीडिंग स्टे होने से मामला और लंबे समय तक खिंचने के आसार बन गए हैं।
चार्जशीट में देरी
इस केस में चार्जशीट लगाने के लिए नौचंदी थाना पुलिस ने 55 दिन बिता दिए थे। 21 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 16 सितंबर को पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में चारों आरोपियों को गैंगरेप का आरोपी माना गया।
वर्जन
प्रोसीडिंग स्टे ऑर्डर होने की जानकारी मिली है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी जाएगी। गैंगरेप पीड़िता को न्याय मिले, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
- कृष्ण पहल, पीड़िता के अधिवक्ता
तारीखों में घटनाक्रम का सार
20 जुलाई 2013 : छात्रा से अपहरण के बाद गैंगरेप हुआ।
21 जुलाई : आरोपियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर धमकी दी। उसी दिन रिपोर्ट दर्ज हुई।
23 जुलाई : आरोपी अमित भड़ाना, शोभित और आजाद गिरफ्तार हुए।
25 जुलाई : चौथे आरोपी गौरव भड़ाना को गिरफ्तार किया गया।
16 सितंबर : आरोपियों के खिलाफ पुुलिस ने चार्जशीट लगाई।
27 अप्रैल 2014: आरोपी शोभित गुर्जर की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हुई।
1 मई : आरोपी गौरव भड़ाना की जमानत मंजूर हुई।
4 मई : आरोपी आजाद की जमानत मंजूर हुई।
9 मई : आरोपी अमित भड़ाना की जमानत मंजूर हुई।
29 मई : हाईकोर्ट ने केस की प्रोसीडिंग पर स्टे दे दिया।
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दरअसल, गैंगरेप के आरोपी गौरव भड़ाना की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था। उसकी सुनवाई हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश बालकृष्ण नारायण की अदालत में हुई। पत्र में कहा गया था कि केस जिला जज की कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि यह केस पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 28(2) के तहत पॉक्सो एक्ट की सुनवाई के लिए गठित स्पेशल जज की कोर्ट में चलना चाहिए। गौरव भड़ाना के साथ ही शोभित गुर्जर की ओर से भी यही प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में दिया गया। गौरव भड़ाना के अधिवक्ता अनिल बख्शी और शोभित के अधिवक्ता अमित दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर आदेश जारी करते हुए प्रोसीडिंग स्टे दे दिया है। साथ ही अभियोजन पक्ष को नोटिस भी जारी किया है। उसके लिए अभियोजन पक्ष को हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना होगा। कहा गया है कि अग्रिम आदेश तक केस की प्रक्रिया यथा स्थिति में रहेगी।
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बता दें शास्त्रीनगर की छात्रा से 20 जुलाई 2013 को अपहरण कर गढ़ रोड पर लख्मी विहार स्थित फ्लैट में गैंगरेप किया गया था। मामले में बसपा नेता अमित भड़ाना, गौरव भड़ाना, शोभित गुर्जर और आजाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट से इसी महीने चारों आरोपियों की जमानत मंजूर हुई, जिसके बाद आरोपी जेल से रिहा हो गए।
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केस का निर्धारण होने में लगेगा समय
चार्जशीट दाखिल होने के बाद केस की सुुनवाई जिला जज की कोर्ट में चली। फिर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की नियुक्ति होने पर केस वहां ट्रांसफर हो गया। बता दें आरोपियों की ओर से इसके पहले हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र डाल दिया गया था। पीड़िता के बयान हो गए और आरोपियों की शिनाख्त परेड तक हो चुकी है। इन दिनों केस में जिरह चल रही थी। जिस तेजी से केस की प्रक्रिया चल रही थी, उससे लग रहा था कि केस का निर्धारण हो जाएगा और जल्द ही पीड़िता को न्याय मिलेगा। मगर अब प्रोसीडिंग स्टे होने से मामला और लंबे समय तक खिंचने के आसार बन गए हैं।
चार्जशीट में देरी
इस केस में चार्जशीट लगाने के लिए नौचंदी थाना पुलिस ने 55 दिन बिता दिए थे। 21 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 16 सितंबर को पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में चारों आरोपियों को गैंगरेप का आरोपी माना गया।
वर्जन
प्रोसीडिंग स्टे ऑर्डर होने की जानकारी मिली है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ी जाएगी। गैंगरेप पीड़िता को न्याय मिले, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
- कृष्ण पहल, पीड़िता के अधिवक्ता
तारीखों में घटनाक्रम का सार
20 जुलाई 2013 : छात्रा से अपहरण के बाद गैंगरेप हुआ।
21 जुलाई : आरोपियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर धमकी दी। उसी दिन रिपोर्ट दर्ज हुई।
23 जुलाई : आरोपी अमित भड़ाना, शोभित और आजाद गिरफ्तार हुए।
25 जुलाई : चौथे आरोपी गौरव भड़ाना को गिरफ्तार किया गया।
16 सितंबर : आरोपियों के खिलाफ पुुलिस ने चार्जशीट लगाई।
27 अप्रैल 2014: आरोपी शोभित गुर्जर की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हुई।
1 मई : आरोपी गौरव भड़ाना की जमानत मंजूर हुई।
4 मई : आरोपी आजाद की जमानत मंजूर हुई।
9 मई : आरोपी अमित भड़ाना की जमानत मंजूर हुई।
29 मई : हाईकोर्ट ने केस की प्रोसीडिंग पर स्टे दे दिया।