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रोडवेज यात्रियों को लग रहा चुनावी झटका
Meerut
Updated Mon, 28 Apr 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। रोडवेज बसों के लोकसभा चुनावी ड्यूटी में जाने का झटका यात्रियों को लग रहा है। बसें कम होने से यात्रियों को न केवल भारी भीड़ में सफर करना पड़ रहा है बल्कि बसों का लंबे समय तक इंतजार भी करना पड़ रहा है। बस नहीं मिलने से मेरठ और सोहराबगेट डिपो में आए दिन यात्रियों का हंगामा होता है।
मेरठ रोडवेज रीजन की करीब सौ बसें लोकसभा चुनाव ड्यूटी में भेजी गई हैं। 700 बसों के बेड़े से 100 बसें निकलने से तमाम रूटों का संचालन गड़बड़ा गया है। बिजनौर, शामली, दिल्ली, हरिद्वार, मुरादाबाद, बुलंदशहर आदि रूटों पर यात्रियों को बसों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कमी के चलते बस आते ही भूसे की तरह पैक हो जाती है। भारी भीड़ के चलते यात्रियों का गरमी के मारे बुरा हाल हो जाता है। सफर में सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को हो रही है। हालांकि परेशान खत्म करने के लिए रोडवेज ने उन बसों को भी रूट पर उतार दिया है जिनमें काम होना बाकी है। बसों की कमी के चलते यात्रियों को खटारा बसों में भी सफर करना पड़ रहा है।
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मेरठ रोडवेज रीजन की करीब सौ बसें लोकसभा चुनाव ड्यूटी में भेजी गई हैं। 700 बसों के बेड़े से 100 बसें निकलने से तमाम रूटों का संचालन गड़बड़ा गया है। बिजनौर, शामली, दिल्ली, हरिद्वार, मुरादाबाद, बुलंदशहर आदि रूटों पर यात्रियों को बसों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कमी के चलते बस आते ही भूसे की तरह पैक हो जाती है। भारी भीड़ के चलते यात्रियों का गरमी के मारे बुरा हाल हो जाता है। सफर में सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को हो रही है। हालांकि परेशान खत्म करने के लिए रोडवेज ने उन बसों को भी रूट पर उतार दिया है जिनमें काम होना बाकी है। बसों की कमी के चलते यात्रियों को खटारा बसों में भी सफर करना पड़ रहा है।
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