{"_id":"52-70042","slug":"Meerut-70042-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ साल बाद भी न्याय का इंतजार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ साल बाद भी न्याय का इंतजार
Meerut
Updated Wed, 09 Apr 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के शिकार 64 निर्दोष लोगों के परिजनों को आठ साल बाद भी न्याय का इंतजार है। वही परिजनों ने दोषी अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर निराशा जताई।
बृहस्पतिवार को मतदान के बीच विक्टोरिया पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति के सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि काफी प्रयास के बाद भी न तो न्याय मिला और न मुआवजा। जांच आयोग ने इस अग्निकांड के लिए 13 सरकारी अफसरों को दोषी ठहराया था लेकिन उनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जिला प्रशासन की वजह से हर बार मुकदमे के निस्तारण में देरी हो रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगातार निर्देशों के बावजूद जिला प्रशासन अपना जवाब दाखिल करने में कोई न कोई कमी छोड़ देता है। उन्हाेंने बताया कि बृहस्पतिवार को कैंडिल मार्च निकाला जाएगा।
शासन दे मुआवजा
सचिव संजय गुप्ता ने उपहार सिनेमा कांड की तर्ज पर मृतक आश्रितों को 15-15 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन पहले यह मुआवजा राशि अदा करे और फिर आयोजकों से वसूले।
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यह है मामला
10 अप्रैल 2006 को सिविल लाइन स्थित विक्टोरिया पार्क में लगाए गए कंज्यूमर मेले में हुए भीषण अग्निकांड में 64 लोगों की जान गई जबकि 81 लोग गंभीर रूप से झुलसे थे। सरकारी लापरवाही पर थाना सिविल लाइन में तत्कालीन प्रशासनिक, पावर कॉरपोरेशन और फायर अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जस्टिस ओपी गर्ग आयोग भी काफी समय पूर्व अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप चुका है। वर्तमान में मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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बृहस्पतिवार को मतदान के बीच विक्टोरिया पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति के सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि काफी प्रयास के बाद भी न तो न्याय मिला और न मुआवजा। जांच आयोग ने इस अग्निकांड के लिए 13 सरकारी अफसरों को दोषी ठहराया था लेकिन उनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जिला प्रशासन की वजह से हर बार मुकदमे के निस्तारण में देरी हो रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगातार निर्देशों के बावजूद जिला प्रशासन अपना जवाब दाखिल करने में कोई न कोई कमी छोड़ देता है। उन्हाेंने बताया कि बृहस्पतिवार को कैंडिल मार्च निकाला जाएगा।
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शासन दे मुआवजा
सचिव संजय गुप्ता ने उपहार सिनेमा कांड की तर्ज पर मृतक आश्रितों को 15-15 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन पहले यह मुआवजा राशि अदा करे और फिर आयोजकों से वसूले।
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यह है मामला
10 अप्रैल 2006 को सिविल लाइन स्थित विक्टोरिया पार्क में लगाए गए कंज्यूमर मेले में हुए भीषण अग्निकांड में 64 लोगों की जान गई जबकि 81 लोग गंभीर रूप से झुलसे थे। सरकारी लापरवाही पर थाना सिविल लाइन में तत्कालीन प्रशासनिक, पावर कॉरपोरेशन और फायर अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जस्टिस ओपी गर्ग आयोग भी काफी समय पूर्व अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप चुका है। वर्तमान में मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।