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क्राइम ब्रांच करेगी सुभारती बवाल की जांच
Meerut
Updated Thu, 13 Mar 2014 05:31 AM IST
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मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में दो मार्च को हुए बवाल की विवेचना अब थाना जानी पुलिस के बजाए क्राइम ब्रांच करेगी। केस से संबंधित कागजात क्राइम ब्रांच के हवाले किए जा रहे हैं। पाक हैकरों द्वारा सुभारती विश्वविद्यालय की वेबसाइट हैक करने के केस को भी पुलिस एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड (एटीएस) को सौंप चुकी है। गौरतलब है कि एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम की जीत के जश्न में सुभारती यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। स्थानीय छात्रों द्वारा विरोध पर उनसे मारपीट कर यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ की गई थी। इस पर विवि प्रशासन ने 66 कश्मीरी छात्रों को सस्पेंड कर दिल्ली रवाना कर दिया था। विवि की तरफ से थाना जानी पर अज्ञात छात्रों के खिलाफ धारा 124 ए, 153 (ए) और 427 आईपीसी में केस दर्ज कराया गया था। देशद्रोह की धारा पर विवाद होने पर इसे हटा दिया था। अब इस केस की जांच क्राइम ब्रांच से कराई जाएगी। थाना जानी के विवेचक ने विवेचना बंद कर दी है।
उधर, कश्मीरी छात्रों के निलंबन के विरोध में पाक हैकरों ने सात मार्च की शाम करीब पांच बजे सुभारती विश्वविद्यालय की वेबसाइट हैक कर ली थी। इसके बाद रात 12 बजकर पांच मिनट पर फिर से बेवसाइट हैक करके आपत्तिजनक पोस्ट डाले गए थे। सुभारती प्रबंधन द्वारा भविष्य में भी वेबसाइट हैकिंग का अंदेशा जताने और यह केस इंटरनेशनल साइबर क्राइम से जुड़ा होने के चलते एटीएस को सौंपने का निर्णय लिया गया था। एटीएस के आईटी एक्सपर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय पहुंचकर इसकी जांच करेंगे।
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उधर, कश्मीरी छात्रों के निलंबन के विरोध में पाक हैकरों ने सात मार्च की शाम करीब पांच बजे सुभारती विश्वविद्यालय की वेबसाइट हैक कर ली थी। इसके बाद रात 12 बजकर पांच मिनट पर फिर से बेवसाइट हैक करके आपत्तिजनक पोस्ट डाले गए थे। सुभारती प्रबंधन द्वारा भविष्य में भी वेबसाइट हैकिंग का अंदेशा जताने और यह केस इंटरनेशनल साइबर क्राइम से जुड़ा होने के चलते एटीएस को सौंपने का निर्णय लिया गया था। एटीएस के आईटी एक्सपर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय पहुंचकर इसकी जांच करेंगे।
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