{"_id":"52-52223","slug":"Meerut-52223-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रांति से जुड़ा शिलापट उखाड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रांति से जुड़ा शिलापट उखाड़ा
Meerut
Updated Mon, 04 Mar 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। छावनी में कमांडर वर्क्स इंजीनियर कार्यालय का गेट बनाने के चलते 1857 की क्रांति से जुड़ा शिलापट उखाड़ दिया। शिलापट गेट के सामने आ रहा था।
छावनी क्षेत्र की कई इमारतें क्रांति की गाथा संजोए हैं। छावनी बोर्ड ने इमारतों और प्रमुख स्थलों से जुड़े तथ्यों को जीवंत करने के लिए वर्ष 2002 में 40 स्थानों पर शिलापट लगाए थे। उस दौरान की प्रमुख घटना का भी उल्लेख किया है। एक शिलापट माल रोड स्थित बंगला 29जे के मुख्य द्वार पर लगाया था। अब यहां रक्षा संपदा विभाग और कमांडर वर्क्स इंजीनियर का दफ्तर है। सीडब्ल्यूई द्वारा बंगले के मुख्य द्वार में बदलाव किया जा रहा है। गेट के सामने शिलापट आने से शनिवार को उसे उखाड़ परिसर में एक कोने पर रख दिया। सीडब्लूई अधिकारियों का कहना है कि शिलापट को गेट के दूसरी तरफ लगाया जाएगा।
यहां रखे थे यूरोपियन के शव
1857 में 29जे बंगला थिएटर था। क्रांति के दौरान बड़ी संख्या में यूरोपियन मारे गए थे। शवों को शिनाख्त के लिए यहीं रखा था।
विज्ञापन
छावनी क्षेत्र की कई इमारतें क्रांति की गाथा संजोए हैं। छावनी बोर्ड ने इमारतों और प्रमुख स्थलों से जुड़े तथ्यों को जीवंत करने के लिए वर्ष 2002 में 40 स्थानों पर शिलापट लगाए थे। उस दौरान की प्रमुख घटना का भी उल्लेख किया है। एक शिलापट माल रोड स्थित बंगला 29जे के मुख्य द्वार पर लगाया था। अब यहां रक्षा संपदा विभाग और कमांडर वर्क्स इंजीनियर का दफ्तर है। सीडब्ल्यूई द्वारा बंगले के मुख्य द्वार में बदलाव किया जा रहा है। गेट के सामने शिलापट आने से शनिवार को उसे उखाड़ परिसर में एक कोने पर रख दिया। सीडब्लूई अधिकारियों का कहना है कि शिलापट को गेट के दूसरी तरफ लगाया जाएगा।
यहां रखे थे यूरोपियन के शव
1857 में 29जे बंगला थिएटर था। क्रांति के दौरान बड़ी संख्या में यूरोपियन मारे गए थे। शवों को शिनाख्त के लिए यहीं रखा था।