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भाव के अनुरूप मिलता है फल
Meerut
Updated Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
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मेरठ। कथा वाचक राधारमण दास ने मवाना रोड स्थित आभा मानव मंदिर में शुक्रवार को श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान भक्तों को भाव के अनुरूप फल देते हैं। जब-जब धर्म की हानि होती है तब-तब प्रभु रक्षा के लिए अवतरित होते हैं। उनके हरे कृष्णा-हरे कृष्णा, हरे-रामा, हरे- रामा संकीर्तन से उपस्थितजन भक्तिमय हो गए।
प्रभु की इच्छा से होते हैं कामः
कथा व्यास बृजकिशोर तिवारी ने भारत माता मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को कहा कि यदि मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम करे तो उसके समस्त कार्य स्वयं पूर्ण हो जाते हैं। भाव से सुनने और पढ़ने वाला दिव्य जीवी हो जाता है। मनुष्य की समस्त कामनाएं काल हैं। उसे काल के ऊपर विजय प्राप्त करनी है। कथा व्यास ने महामंत्र का जाप कराया।
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प्रभु की इच्छा से होते हैं कामः
कथा व्यास बृजकिशोर तिवारी ने भारत माता मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को कहा कि यदि मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम करे तो उसके समस्त कार्य स्वयं पूर्ण हो जाते हैं। भाव से सुनने और पढ़ने वाला दिव्य जीवी हो जाता है। मनुष्य की समस्त कामनाएं काल हैं। उसे काल के ऊपर विजय प्राप्त करनी है। कथा व्यास ने महामंत्र का जाप कराया।
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