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नेट फार्म में हजारों अभ्यर्थियों को झटका
Meerut
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। नेट परीक्षा में ओबीसी आरक्षण को लेकर यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय को निर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने कहा है कि केंद्र की लिस्ट में जो अभ्यर्थी ओबीसी दर्ज हैं, केवल उन्हीं को कोटे का लाभ मिलेगा। राज्य के ओबीसी अगर केंद्र की लिस्ट में शामिल नहीं हैं तो उन्हें यूजीसी नेट में ओबीसी कोटे का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर जाट अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है। काफी संख्या में जाट अभ्यर्थियों ने ओबीसी कोटे में आवेदन किया है।
इस बारे में यूजीसी से शिकायत की गई थी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर कहा है कि नेट परीक्षा में ओबीसी कोटे का लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो केंद्र की लिस्ट में शामिल हैं। निर्देश का सबसे ज्यादा असर जाट जाति के अभ्यर्थियों पर दिखाई पड़ रहा है।
18 नवंबर तक यूजीसी नेट के फार्म ऑनलाइन भरे गए। 22 नवंबर तक हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय कैंपस में जमा हुई है। सूत्रों के मुताबिक काफी संख्या में जाट अभ्यर्थियों ने ओबीसी कोटे से फार्म भरा है, जो कि निर्देश के हिसाब से गलत है। कोटे की फीस और टेस्ट पास करने के नियम में फर्क है।
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सामान्य जाति के लिए फीस 450 रुपये, ओबीसी 225 और एससी तथा एसटी अभ्यर्थियों के लिए 110 रुपये रखे गए थे। टेस्ट की बात करें तो तीन पेपर होते हैं। सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों को तीनों पेपर पास करने में पांच प्रतिशत का फर्क है।
यूजीसी नेट के विश्वविद्यालय कोआर्डिनेटर डा. बी रमेश के मुताबिक ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) सर्टिफिकेट 30 नवंबर तक छात्र जमा कर सकते हैं। जिन्होंने कोटा भरने में गलती की है, वे परीक्षा के लिए योग्य नहीं हैं।
केंद्र की लिस्ट में 76 जातियां
केंद्र की ओबीसी लिस्ट में उत्तर प्रदेश की 76 जातियां शामिल हैं। इसमें जाट शामिल नहीं हैं। यादव, गुर्जर, गड़रिया, गुसाई, जोगी आदि लिस्ट में हैं।
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इस बारे में यूजीसी से शिकायत की गई थी। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर कहा है कि नेट परीक्षा में ओबीसी कोटे का लाभ उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जो केंद्र की लिस्ट में शामिल हैं। निर्देश का सबसे ज्यादा असर जाट जाति के अभ्यर्थियों पर दिखाई पड़ रहा है।
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18 नवंबर तक यूजीसी नेट के फार्म ऑनलाइन भरे गए। 22 नवंबर तक हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय कैंपस में जमा हुई है। सूत्रों के मुताबिक काफी संख्या में जाट अभ्यर्थियों ने ओबीसी कोटे से फार्म भरा है, जो कि निर्देश के हिसाब से गलत है। कोटे की फीस और टेस्ट पास करने के नियम में फर्क है।
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सामान्य जाति के लिए फीस 450 रुपये, ओबीसी 225 और एससी तथा एसटी अभ्यर्थियों के लिए 110 रुपये रखे गए थे। टेस्ट की बात करें तो तीन पेपर होते हैं। सामान्य और ओबीसी अभ्यर्थियों को तीनों पेपर पास करने में पांच प्रतिशत का फर्क है।
यूजीसी नेट के विश्वविद्यालय कोआर्डिनेटर डा. बी रमेश के मुताबिक ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) सर्टिफिकेट 30 नवंबर तक छात्र जमा कर सकते हैं। जिन्होंने कोटा भरने में गलती की है, वे परीक्षा के लिए योग्य नहीं हैं।
केंद्र की लिस्ट में 76 जातियां
केंद्र की ओबीसी लिस्ट में उत्तर प्रदेश की 76 जातियां शामिल हैं। इसमें जाट शामिल नहीं हैं। यादव, गुर्जर, गड़रिया, गुसाई, जोगी आदि लिस्ट में हैं।