{"_id":"52-45601","slug":"Meerut-45601-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमाम हुसैन की याद में अजादारी जारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इमाम हुसैन की याद में अजादारी जारी
Meerut
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। इमाम हुसैन और उनके जांनिसारों की याद में शहर क्षेत्र में अजादारी का सिलसिला जारी है। मोहर्रम के तीसरे दिन रविवार को जाहिदियान स्थित इमाम बारगाह से रात के समय हजरत अबुल फजलिल अब्बास की याद में जुलूस-ए-अलम बरामद हुआ।
इससे पहले यहां हुई मजलिस में सैयद अनवार हुसैन जैदी ने सोजख्वानी की और मौलाना अम्मार हैदर आजमगढ़ी ने करबला का मंजर बयान किया। जुलूस मस्जिद के सामने से होता हुआ पैंठ एरिया, पुलिस चौकी, सुभाष बाजार से गुजरता हुआ सैयद हसन अली जैदी मरहूम के अजाखाने जाहिदियान पहुंचा। अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, सफदर अली, अंजुमन तंजीम-ए-अब्बास के दानिश मेरठी, अतीकुल हसनैन, दस्ताए हुसैनी के हुमायूं अब्बास ने इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में दर्दभरे नौहे पढ़े। मातमी दस्तों ने जबरदस्त मातम किया। जुलूस के प्रबंधक यूसुफ अली जैदी और शमशाद अली जैदी रहे। जुलूस में जिल्ले हसनैन, जहीर आलम जैदी, सैयद तालिब जैदी, अंसार हुसैन रिजवी, मोमिन हसन, अली हैदर रिजवी, शाहने हसन, जिया जैदी आदि सोगवार शामिल रहे।
जैदी सोसायटी में दोपहर को नजीर हुसैन के अजाखाने से चला जुलूस-ए-अलम दरबारे हुसैनी पहुंचा। अंजुमन फौजे हुसैनी के सोगवारों ने मातम किया। अयाज जैदी, जावेद रजा ने नौहेख्वानी की। इमाम बारगाह पंजेतनी में हुई मजलिस में मौलाना अम्मार हैदर ने करबला के शहीदों के किरदार पर रोशनी डाली। इसके अलावा मनसबिया इमाम बारगाह, कंबोह गेट, चौड़ा कुआं छोटी करबला में भी मजलिस हुई।
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मोहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज शाह अब्बास ने बताया कि सोमवार शाम पांच बजे डा. इकबाल हुसैन मरहूम के अजाखाने पूर्वा फैयाज अली से जुलूस-ए-अलम शुरू होगा।
ख्वातीन की मजलिस
जाहिदियान में हसन अली जैदी मरहूम के अजाखाने में दोपहर को ख्वातीन की मजलिस हुई। तसलीम फातिमा ने सोजख्वानी की और सैयदा गुलजेहरा ने खिताब फरमाया। शाह जलाल हाल में भी ख्वातीन की मजलिस हुई। रूशी जैदी ने बयान किया। तबस्सुम फातिमा, नूरी काजमी ने नौहेख्वानी की। हुसैनाबाद में अलहाज सैयद काजिम हुसैन जैदी के अजाखाने में हुई मजलिस में मोहतरमा सरवत ने मरसियाख्वानी की। नेहा ने नौहेख्वानी की।
अब्दुल्लापुर में रंगमहल स्थित अजाखाने और हाजिरी अजाखाना मरहूम अली अब्बास के मकान के अलावा कई जगहों पर मजलिसें हुईं। नायब अली ने बताया कि अजाखाना मरहूम हसन इमाम की कोठी से जियारते ताबूत बरामद हुआ। इस दौरान रोशन अब्बास, नवाब अली, गयूर, जामिन, अली मेंहदी ने नौहेख्वानी की।
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इससे पहले यहां हुई मजलिस में सैयद अनवार हुसैन जैदी ने सोजख्वानी की और मौलाना अम्मार हैदर आजमगढ़ी ने करबला का मंजर बयान किया। जुलूस मस्जिद के सामने से होता हुआ पैंठ एरिया, पुलिस चौकी, सुभाष बाजार से गुजरता हुआ सैयद हसन अली जैदी मरहूम के अजाखाने जाहिदियान पहुंचा। अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू, सफदर अली, अंजुमन तंजीम-ए-अब्बास के दानिश मेरठी, अतीकुल हसनैन, दस्ताए हुसैनी के हुमायूं अब्बास ने इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में दर्दभरे नौहे पढ़े। मातमी दस्तों ने जबरदस्त मातम किया। जुलूस के प्रबंधक यूसुफ अली जैदी और शमशाद अली जैदी रहे। जुलूस में जिल्ले हसनैन, जहीर आलम जैदी, सैयद तालिब जैदी, अंसार हुसैन रिजवी, मोमिन हसन, अली हैदर रिजवी, शाहने हसन, जिया जैदी आदि सोगवार शामिल रहे।
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जैदी सोसायटी में दोपहर को नजीर हुसैन के अजाखाने से चला जुलूस-ए-अलम दरबारे हुसैनी पहुंचा। अंजुमन फौजे हुसैनी के सोगवारों ने मातम किया। अयाज जैदी, जावेद रजा ने नौहेख्वानी की। इमाम बारगाह पंजेतनी में हुई मजलिस में मौलाना अम्मार हैदर ने करबला के शहीदों के किरदार पर रोशनी डाली। इसके अलावा मनसबिया इमाम बारगाह, कंबोह गेट, चौड़ा कुआं छोटी करबला में भी मजलिस हुई।
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मोहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज शाह अब्बास ने बताया कि सोमवार शाम पांच बजे डा. इकबाल हुसैन मरहूम के अजाखाने पूर्वा फैयाज अली से जुलूस-ए-अलम शुरू होगा।
ख्वातीन की मजलिस
जाहिदियान में हसन अली जैदी मरहूम के अजाखाने में दोपहर को ख्वातीन की मजलिस हुई। तसलीम फातिमा ने सोजख्वानी की और सैयदा गुलजेहरा ने खिताब फरमाया। शाह जलाल हाल में भी ख्वातीन की मजलिस हुई। रूशी जैदी ने बयान किया। तबस्सुम फातिमा, नूरी काजमी ने नौहेख्वानी की। हुसैनाबाद में अलहाज सैयद काजिम हुसैन जैदी के अजाखाने में हुई मजलिस में मोहतरमा सरवत ने मरसियाख्वानी की। नेहा ने नौहेख्वानी की।
अब्दुल्लापुर में रंगमहल स्थित अजाखाने और हाजिरी अजाखाना मरहूम अली अब्बास के मकान के अलावा कई जगहों पर मजलिसें हुईं। नायब अली ने बताया कि अजाखाना मरहूम हसन इमाम की कोठी से जियारते ताबूत बरामद हुआ। इस दौरान रोशन अब्बास, नवाब अली, गयूर, जामिन, अली मेंहदी ने नौहेख्वानी की।