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अपहृत बेटियों को कोठों पर तलाश करते थक गये पीड़ित परिवार
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अपहृत बेटियों को कोठों पर तलाश करते थक गये पीड़ित परिवार
- एंटी हृयूमन ट्रैफकिंग यूनिट पुलिस ने पांच साल में रेस्क्यू कराईं 142 लड़की
- नेपाल, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों की लड़की मिलीं थी बंधक
- पुलिस ने 116 लोगों पर अनैतिक देहव्यापार अधिनियम में भी की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कबाड़ी बाजार स्थित कोठों का मामला जहां न्यायालय तक पहुंच गया। वहीं ऐसे में कई प्रदेश के पीड़ित परिवार अपनी अपहृत बेटियों को तलाश करते हुए थक गए। कभी पुलिस के साथ बेटी को तलाशते रहे तो कभी निजी संस्था की मदद लेकर बेटी बरामद करने की मांग की। लेकिन अनैतिक देह व्यापार के धंधे में नाबालिगों को भी अपहरण करके बेचा गया। पुलिस लड़कियों को रेस्क्यू कराती रही, लेकिन आखिर इन लड़कियों को बेचने वाले कौन हैं, वह पुलिस के हत्थे तक नहीं चढ़े।
कबाड़ी बाजार में देहलीगेट और ब्रह्मपुरी थाने की सीमा क्षेत्र लगती है। कई बार थाना पुलिस की भूमिका पर भी यहां सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जब भी किसी भी लड़की को बंधक बनाकर देह व्यापार कराने की सूचना किसी निजी संस्था या पुलिस को मिलती है तो एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना पुलिस कार्रवाई करती है। कोठों पर लड़कियां यहां गुमनाम चिट्ठी नीचे डालकर भी बंधनमुक्त होने के लिए गुहार लगाती रहीं हैं। लेकिन कितने परिवार ऐसे हैं जिनकी बेटियां यहां बंधक मिली। पिछले पांच साल में एएचटीयू की कार्रवाई के आंकड़े ही बताने के लिए काफी हैं कि यहां अलग अलग राज्यों से बेटियों को लेकर बेचा जाता है। यूपी, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, नेपाल की लड़कियां कोठों से बरामद की हैं। जबकि अनैतिक देह व्यापार के आरोपी में कोठा संचालिका और ग्राहक भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गये।
दिल्ली से लाकर बेचा जाता
एएचटीयू के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार कुमार का कहना है कि पुलिस पूर्व में लगातार कार्रवाई करती रही है। जांच पड़ताल में यही सामने आता था कि लड़कियों को अपहरण कर पहले दिल्ली में कोठों पर बेचा जाता है उसके बाद अलग अलग स्थानों पर भेजा जाता है।
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मेडिकल जांच में 16 साल की किशोरी भी मिली
पुलिस का कहना है कि पूर्व में जिन लड़कियों को कोठों से रेस्क्यू कराया गया उनमें 16 और 17 साल की लड़कियां भी मिलीं। पुलिस ने ऐसे मामले में आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की।
एएचटीयू द्वारा की गई कार्रवाई
वर्ष मुकदमे रेस्क्यू कराई लड़की गिरफ्तार आरोपी
2014 5 15 16
2015 1 5 3
2016 7 34 37
2017 7 33 19
2018 13 41 27
2019 5 11 14
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- एंटी हृयूमन ट्रैफकिंग यूनिट पुलिस ने पांच साल में रेस्क्यू कराईं 142 लड़की
- नेपाल, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों की लड़की मिलीं थी बंधक
- पुलिस ने 116 लोगों पर अनैतिक देहव्यापार अधिनियम में भी की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कबाड़ी बाजार स्थित कोठों का मामला जहां न्यायालय तक पहुंच गया। वहीं ऐसे में कई प्रदेश के पीड़ित परिवार अपनी अपहृत बेटियों को तलाश करते हुए थक गए। कभी पुलिस के साथ बेटी को तलाशते रहे तो कभी निजी संस्था की मदद लेकर बेटी बरामद करने की मांग की। लेकिन अनैतिक देह व्यापार के धंधे में नाबालिगों को भी अपहरण करके बेचा गया। पुलिस लड़कियों को रेस्क्यू कराती रही, लेकिन आखिर इन लड़कियों को बेचने वाले कौन हैं, वह पुलिस के हत्थे तक नहीं चढ़े।
कबाड़ी बाजार में देहलीगेट और ब्रह्मपुरी थाने की सीमा क्षेत्र लगती है। कई बार थाना पुलिस की भूमिका पर भी यहां सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में जब भी किसी भी लड़की को बंधक बनाकर देह व्यापार कराने की सूचना किसी निजी संस्था या पुलिस को मिलती है तो एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाना पुलिस कार्रवाई करती है। कोठों पर लड़कियां यहां गुमनाम चिट्ठी नीचे डालकर भी बंधनमुक्त होने के लिए गुहार लगाती रहीं हैं। लेकिन कितने परिवार ऐसे हैं जिनकी बेटियां यहां बंधक मिली। पिछले पांच साल में एएचटीयू की कार्रवाई के आंकड़े ही बताने के लिए काफी हैं कि यहां अलग अलग राज्यों से बेटियों को लेकर बेचा जाता है। यूपी, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, नेपाल की लड़कियां कोठों से बरामद की हैं। जबकि अनैतिक देह व्यापार के आरोपी में कोठा संचालिका और ग्राहक भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गये।
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दिल्ली से लाकर बेचा जाता
एएचटीयू के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार कुमार का कहना है कि पुलिस पूर्व में लगातार कार्रवाई करती रही है। जांच पड़ताल में यही सामने आता था कि लड़कियों को अपहरण कर पहले दिल्ली में कोठों पर बेचा जाता है उसके बाद अलग अलग स्थानों पर भेजा जाता है।
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मेडिकल जांच में 16 साल की किशोरी भी मिली
पुलिस का कहना है कि पूर्व में जिन लड़कियों को कोठों से रेस्क्यू कराया गया उनमें 16 और 17 साल की लड़कियां भी मिलीं। पुलिस ने ऐसे मामले में आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की।
एएचटीयू द्वारा की गई कार्रवाई
वर्ष मुकदमे रेस्क्यू कराई लड़की गिरफ्तार आरोपी
2014 5 15 16
2015 1 5 3
2016 7 34 37
2017 7 33 19
2018 13 41 27
2019 5 11 14