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भगवान महावीर ने दिया था विश्व को शांति का संदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। अहिंसा के अवतार भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव बुधवार को प्राचीन बड़ा मन्दिर हस्तिनापुर में धूमधाम से मनाया गया।
सर्वप्रथम प्रात छह बजे प्रभात फेरी एवं गुरुकुल के बच्चे तथा हस्तिनापुर जैन समाज के लोग सम्मिलित हुए। प्रभात फेरी प्राचीन बड़ा मंदिर से चलकर विभिन्न स्थानों से होती हुई वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इसके पश्चात सात बजे भगवान शांतिनाथ की शांतिधारा एवं अभिषेक पूजन हुआ। इसमे विभिन्न स्थानों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूजन अभिषेक के बाद भावभूषण जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब विश्व में हिंसा का बोलबाला था, उस समय भगवान महावीर ने जन्म लिया और विश्व को अहिंसा का पाठ पढ़ाते हुए सभी कुरीतियों को खत्म किया। सभी मानवों को जियो और जीने दो का मूलमंत्र दिया। इसी मंत्र से समग्र विश्व में शांति की स्थापना हुई और सर्व समाज के व्यक्तियों ने अहिंसा को अपनाकर सुख और शांति से जीवन यापन करने लगे। ऐसे अवतार भगवान महावीर का आज जन्मदिवस धूमधाम से मनाया। स्वर्ण पालकी यात्रा में श्री जी को विराजमान कराकर शोभायात्रा निकाली। जिसको इन्द्र के रूप में कल्याण जैन, सतेंद्र जैन, नरेंद्र सिंह जैन, प्रद्युमन जैन आदि को सौभाग्य प्राप्त हुआ। पालकी यात्रा बड़े मन्दिर से प्रारम्भ होकर मुख्य बाजार से होती हुई मंदिर पहुंची। जहां पर इन्द्रों द्वारा अभिषेक पूजन हुआ और जुलूस के साथ भावभूषण जी महाराज की एवं क्षुल्लक रचित सागर जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। दिल्ली, मेरठ, हस्तिनापुर, मुजफ्फरनगर आदि विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश जैन, अशोक जैन, अतुल जैन, कमल जैन, उमेश जैन, मणिचन्द आदि सभी का सहयोग रहा। वहीं, तीर्थ क्षेत्र जम्बूद्वीप में भी भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साथ ही भगवान की शांतिधारा एवं अभिषेक पूजन किया गया।
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हस्तिनापुर। अहिंसा के अवतार भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव बुधवार को प्राचीन बड़ा मन्दिर हस्तिनापुर में धूमधाम से मनाया गया।
सर्वप्रथम प्रात छह बजे प्रभात फेरी एवं गुरुकुल के बच्चे तथा हस्तिनापुर जैन समाज के लोग सम्मिलित हुए। प्रभात फेरी प्राचीन बड़ा मंदिर से चलकर विभिन्न स्थानों से होती हुई वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इसके पश्चात सात बजे भगवान शांतिनाथ की शांतिधारा एवं अभिषेक पूजन हुआ। इसमे विभिन्न स्थानों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूजन अभिषेक के बाद भावभूषण जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब विश्व में हिंसा का बोलबाला था, उस समय भगवान महावीर ने जन्म लिया और विश्व को अहिंसा का पाठ पढ़ाते हुए सभी कुरीतियों को खत्म किया। सभी मानवों को जियो और जीने दो का मूलमंत्र दिया। इसी मंत्र से समग्र विश्व में शांति की स्थापना हुई और सर्व समाज के व्यक्तियों ने अहिंसा को अपनाकर सुख और शांति से जीवन यापन करने लगे। ऐसे अवतार भगवान महावीर का आज जन्मदिवस धूमधाम से मनाया। स्वर्ण पालकी यात्रा में श्री जी को विराजमान कराकर शोभायात्रा निकाली। जिसको इन्द्र के रूप में कल्याण जैन, सतेंद्र जैन, नरेंद्र सिंह जैन, प्रद्युमन जैन आदि को सौभाग्य प्राप्त हुआ। पालकी यात्रा बड़े मन्दिर से प्रारम्भ होकर मुख्य बाजार से होती हुई मंदिर पहुंची। जहां पर इन्द्रों द्वारा अभिषेक पूजन हुआ और जुलूस के साथ भावभूषण जी महाराज की एवं क्षुल्लक रचित सागर जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। दिल्ली, मेरठ, हस्तिनापुर, मुजफ्फरनगर आदि विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश जैन, अशोक जैन, अतुल जैन, कमल जैन, उमेश जैन, मणिचन्द आदि सभी का सहयोग रहा। वहीं, तीर्थ क्षेत्र जम्बूद्वीप में भी भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। साथ ही भगवान की शांतिधारा एवं अभिषेक पूजन किया गया।