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मतदान करके हुआ संतुष्टि का अहसास, मतदाता बोले मै भी भारत
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मतदान करके हुआ संतुष्टि का अहसास, मतदाता बोले मै भी भारत
मोदीनगर। लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के नाते नागरिक देश की व्यवस्था के केंद्र बिंदू में है। हम भारत के लोग, की पंक्ति से शुरू होने वाले हमारे संविधान ने देश की सत्ता की चाबी की आम लोगों के हाथ में दी हैॅ। जिसे प्रत्येक 5 वर्ष में अपने मन के रूझान के हिसाब से लोग अपनी पसंद के व्यक्ति के हाथों में देते हैं। इसलिए जब देश का मुखिया चुनने के चुनाव में लोगों को मतदान करने का अवसर मिलता है तो लोगों के उत्साह किसी और ही स्तर पर होता है। चुनाव के एक दिन के लिए ही सही मगर लोगों खुद का व अपने देश के भाग्यविधाता होने का अहसास होता है। बृहस्पतिवार को हुए मतदान के दौरान भी मतदान करके वाले लोगों ने अपनी खुशी का इजहार किया। मतदान के बाद बूथ से बाहर निकले लोगों आने वाले सरकार व उसके स्वरूप होकर बाते की तथा इस प्रक्रिया में अपनी अहम भूमिका पर गर्व भी प्रकट किया।
परिचर्चा.1- विपिन शर्मा ने बताया कि कई दशकों के संघर्ष के बाद हमें मतदान जैसा अधिकार मिला है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति ने को मतदान अवश्य करना चाहिए।
परिचर्चा.2- सीमा के अनुसार लोकसभा चुनाव में वोट डालना हमेशा खास होता है। लगता है कि देश का मुखिया को चुनने में मेरी भी भूमिका है।
परिचर्चा.3- बुजुर्ग बद्रीप्रसाद ने बताया कि 5 वर्ष तक लोग केवल शिकायत करके सकते हैं। मगर मतदान दिन शिकायत का नहीं बल्कि कार्रवाई करने का है।
परिचर्चा.4- पहली बार वोट डालने वाली बुलबुल ने कहा कि यह बेहद खास अनुभव रहा। अब लगता है कि देश की व्यवस्था का मैं भी खास हिस्सा हूँ।
परिचर्चा.5- महिला अनीता कहना कि वोट भले ही किसी को भी दें मगर जरूर दें। देश के लिए यह बेहद जरूरी है।-------
मोदीनगर। लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के नाते नागरिक देश की व्यवस्था के केंद्र बिंदू में है। हम भारत के लोग, की पंक्ति से शुरू होने वाले हमारे संविधान ने देश की सत्ता की चाबी की आम लोगों के हाथ में दी हैॅ। जिसे प्रत्येक 5 वर्ष में अपने मन के रूझान के हिसाब से लोग अपनी पसंद के व्यक्ति के हाथों में देते हैं। इसलिए जब देश का मुखिया चुनने के चुनाव में लोगों को मतदान करने का अवसर मिलता है तो लोगों के उत्साह किसी और ही स्तर पर होता है। चुनाव के एक दिन के लिए ही सही मगर लोगों खुद का व अपने देश के भाग्यविधाता होने का अहसास होता है। बृहस्पतिवार को हुए मतदान के दौरान भी मतदान करके वाले लोगों ने अपनी खुशी का इजहार किया। मतदान के बाद बूथ से बाहर निकले लोगों आने वाले सरकार व उसके स्वरूप होकर बाते की तथा इस प्रक्रिया में अपनी अहम भूमिका पर गर्व भी प्रकट किया।
परिचर्चा.1- विपिन शर्मा ने बताया कि कई दशकों के संघर्ष के बाद हमें मतदान जैसा अधिकार मिला है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति ने को मतदान अवश्य करना चाहिए।
परिचर्चा.2- सीमा के अनुसार लोकसभा चुनाव में वोट डालना हमेशा खास होता है। लगता है कि देश का मुखिया को चुनने में मेरी भी भूमिका है।
परिचर्चा.3- बुजुर्ग बद्रीप्रसाद ने बताया कि 5 वर्ष तक लोग केवल शिकायत करके सकते हैं। मगर मतदान दिन शिकायत का नहीं बल्कि कार्रवाई करने का है।
परिचर्चा.4- पहली बार वोट डालने वाली बुलबुल ने कहा कि यह बेहद खास अनुभव रहा। अब लगता है कि देश की व्यवस्था का मैं भी खास हिस्सा हूँ।
परिचर्चा.5- महिला अनीता कहना कि वोट भले ही किसी को भी दें मगर जरूर दें। देश के लिए यह बेहद जरूरी है।-------