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हथौड़ा गैंग सक्रिय होने के बाद भी खड़े हो गए अवैध निर्माण

Fri, 22 Feb 2019 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Feb 2019 02:30 AM IST
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हथौड़ा गैंग सक्रिय होने के बाद भी खड़े हो गए अवैध निर्माण
हथौड़ा गैंग सक्रिय फिर भी कैंट में हो रहे अवैध निर्माण
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- मछेरान में तैयार हो गई दो मंजिला इमारत
- उपाध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने की लिखित शिकायत

मेरठ। कैंट बोर्ड द्वारा क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए हथौड़ा गैंग तो सक्रिय है, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति के लिए। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में अफसरों की आंखों के सामने मछेरान में खुलेआम अवैध निर्माण हो रहा है, लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने सदस्यों के साथ मिलकर सीईओ से इसकी शिकायत की तो मामले ने तूल पकड़ लिया है।
दरअसल सदर क्षेत्र स्थित भूसा मंडी बंगला नंबर 240 में अवैध तरीके से 16 दुकानें तैयार कर ली गईं। एक सप्ताह पहले द्वितीय तल पर लेंटर डाल दिया गया। वहीं, प्रथम तल की दुकानों को किराये पर दे दिया गया। चार महीने पहले प्रथम तल का लेंटर डाला गया था। उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने शिकायत कर संबंधित पर कार्रवाई करने की मांग की है। वार्ड- 6 के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में अवैध रुप से खड़ी हुई इमारत से सभी सदस्य एक जुट हो गए हैं।
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कार्रवाई नहीं हुई तो अनशन पर बैठेंगे
सदस्यों ने बोर्ड को जल्द इस मामले पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दे दिया है। इसके बाद सदस्य कैंट बोर्ड में अनशन पर बैठेंगे। एक तरफ बंगला नंबर 240-बी पर मुनादी कराकर लोगों को बार-बार परेशान किया जाता है। वहीं, अवैध निर्माण पर कैंट बोर्ड चुप्पी साध रहा है।
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कहां गए रिपोर्ट बनाने वाले
हथौड़ा गैंग के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण पर नजर रखने के लिए सीईओ के आदेश पर सैनेट्री इंस्पेक्टर और सुपरवाइजर की ड्यूटी तय है। क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर नजर रखने के लिए रोजाना रिपोर्ट सीईओ को देनी है, लेकिन यह भी चुपचाप बैठे रहे।
यह है नियम
कैंट में किसी भी निर्माण कार्य को करने से पहले वार्ड सदस्य के साथ कार्यालय में जाकर नक्शा पास कराना होता है। इसके बाद सीईओ के आदेश के बाद जूनियर इंजीनियर मौके पर जाकर निर्माण को देखता है। इसके बाद ही निर्माण कार्य करने की अनुमति मिलती है।

जांच का विषय है
मैंने इसके लिए सीईओ से शिकायत की है। सभी के लिए एक जैसे नियम होने चाहिए। यह कैसे निर्माण कर लिया गया। जांच का विषय है। - बीना वाधवा, उपाध्यक्ष, कैंट बोर्ड


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