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भूनी में मनरेगा का फर्जीवाड़ा सामने आया, एसडीएम ने जांच कमेटी गठित की

Sat, 29 Dec 2018 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Dec 2018 02:27 AM IST
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भूनी में मनरेगा का फर्जीवाड़ा सामने आया, एसडीएम ने जांच कमेटी गठित की
अमर उजाला ब्यूरो
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सरूरपुर। विकास खंड कार्यालय सरूरपुर क्षेत्र के गांव भूनी में मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसमें ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर गांव के कई लोगों को मजदूर दर्शाकर लाखों रुपये की रकम हड़प कर ली। जबकि उन्होंने कभी मजदूरी नहीं की है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने साठगांठ करते हुए फर्जी तरीके से कार्य का मस्टरोल जारी कराकर दुकानदारों तक को फर्जी मजदूर दर्शा दिया। मामले को लेकर एसडीएम सरधना से शिकायत की गई। जिसमें एसडीएम ने जांच समिति गठित कर भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है।

भूनी गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर मनरेगा में मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी दिखाकर बजट हड़पने आरोप लगा है। इसे लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी ने फर्जी मस्टरोल के मामले में खेल करते हुए गांव के कुछ ऐसे परिवारों को पकड़ा जिन्हें महज खाते से हर महीने रुपये निकालकर देने के बदले दो-पांच सौ रुपये की जरूरत हो। इसके बाद गांव के जंगल में मिट्टी आदि के नाम पर फर्जी मस्टरोल जारी करवाकर उस पर मनरेगा से मजदूरों द्वारा कार्य कराना दिखाकर मजदूरी की रकम का फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने चेक बनाकर सरकारी धन हजम कर लिया। गांव के ही मनोज, उसकी पत्नी गीता, पिता नरेश, मां सुरेश, भाई राजीव तथा उसकी पत्नी रूबी आदि के नाम पर हर महीने रकम निकाली जा रही है। इसके अतिरिक्त गांव के सतेंद्र, अर्जुन और सुनीता समेत तमाम ऐसे लोगों के नाम पर मनेरगा की मजूदरी की रकम हड़पी जा रही है। मनेरगा के पोर्टल से भूनी गांव के अंतर्गत हाल ही में हुए विकास कार्यों को देखा गया तो उनमें से गांव के राजेश के खेत से लेकर ब्रह्म सिंह के खेत तक खुदाई कार्य दर्शाकर उसकी रकम का चेक बनाकर खाते में भेजकर उसे निकाल लिया। हालांकि मौके पर एक गड्ढा तक खुदा नहीं मिला। वहीं, फर्जी तरीके से गांव के ऐसे लोगों जिन्होंने कभी मजदूरी नहीं की। ऐसे नाम पर रकम निकालकर उसे हड़प लिया गया। इस मामले के पकड़ में आने के बाद गांव की मिथलेया एवं उसके पति सुशील के नाम पर हर महीने रकम निकालकर हज्म की जा रही है। इसके अतिरिक्त गांव के एक पूरे परिवार की पुरुष व महिलाओं को मजदूर बना दिया गया। इस बारे में प्रधान ब्रह्म सिंह का कहना है कि गांव में विकास कार्य ठीक तरह से हो रहे हैं। एडीओ पंचायत राजवीर सिंह का कहना है कि यदि काम में फर्जीवाड़ा पाया गया तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसडीएम सरधना अमित कुमार का कहना है कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा संज्ञान में आया है। इसके लिए जांच कमेटी गठित की गई है। वह मौके पर जाकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी।
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मुख्य बातें
सरूरपुर क्षेत्र के गांव भूनी में फर्जी मजदूर दर्शाकर ले रहे थे भुगतान
एसडीएम ने जांच कमेटी गठित की, भौतिक सत्यापन भी होगा
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