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मेडिकल कॉलेज में चार जगह बनाया जाएगा जैविक खाद
Updated Mon, 01 Oct 2018 02:40 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में चार जगह बनाया जाएगा जैविक खाद
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में जैविक खाद बनाए जाने के लिए चार जगह चिह्नित की गई हैं। रविवार को नगर निगम की टीम और मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों ने निरीक्षण कर इन जगहों को चिह्नित किया। इसमें नगर निगम सहयोग करेगा। कूड़ा निस्तारण करने के मद्देनजर यह निर्णय लिया जा रहा है। दरअसल, सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों को कूड़े का खुद ही निस्तारण करना होगा। अब म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अंतर्गत ऐसे सभी संस्थानों एवं भवनों के परिसर में ही कूड़ा निस्तारण के लिए वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) यूनिट बनानी होगी। शहर में कूड़ा प्रबंधन एवं निस्तारण व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं प्रतिदिन 100 किलोग्राम कूड़ा पैदा करने वाली संस्थाओं को अपना कूड़ा स्वयं निस्तारित करने के निर्देश हैं। मेडिकल कॉलेज केसीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि नगर निगम टीम ने जानकारी दी है कि प्रकृति में पाए जाने वाले किसी भी ऑर्गेनिक व्यर्थ पदार्थ जैसे घरेलू कचरा, बागवानी एवं वानिकी के पौधों से प्राप्त कचरे को एक विशेष केचुवा द्वार वर्मी कंपोस्ट में बदला जा सकता है।
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज में जैविक खाद बनाए जाने के लिए चार जगह चिह्नित की गई हैं। रविवार को नगर निगम की टीम और मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों ने निरीक्षण कर इन जगहों को चिह्नित किया। इसमें नगर निगम सहयोग करेगा। कूड़ा निस्तारण करने के मद्देनजर यह निर्णय लिया जा रहा है। दरअसल, सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों को कूड़े का खुद ही निस्तारण करना होगा। अब म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अंतर्गत ऐसे सभी संस्थानों एवं भवनों के परिसर में ही कूड़ा निस्तारण के लिए वर्मी कंपोस्ट (जैविक खाद) यूनिट बनानी होगी। शहर में कूड़ा प्रबंधन एवं निस्तारण व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं प्रतिदिन 100 किलोग्राम कूड़ा पैदा करने वाली संस्थाओं को अपना कूड़ा स्वयं निस्तारित करने के निर्देश हैं। मेडिकल कॉलेज केसीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि नगर निगम टीम ने जानकारी दी है कि प्रकृति में पाए जाने वाले किसी भी ऑर्गेनिक व्यर्थ पदार्थ जैसे घरेलू कचरा, बागवानी एवं वानिकी के पौधों से प्राप्त कचरे को एक विशेष केचुवा द्वार वर्मी कंपोस्ट में बदला जा सकता है।