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एक माह के लिए बढ़ गया बीओटी का स्टे आर्डर
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:09 AM IST
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एक माह के लिए बढ़ गया बीओटी का स्टे आर्डर
मेरठ। बीओटी पर चौराहे और सड़कों के ठेके के मामले में नगर निगम को फिर से झटका लगा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम की तरफ से हाईकोर्ट में दो वकील पहुंचे, लेकिन न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित करते हुए स्टे ऑर्डर को एक माह के लिए आगे बढ़ा दिया है।
नगर निगम ने 2013 में हीरा एडवरटाइजिंग कंपनी को महानगर के 17 चौराहे ठेके पर दिए थे। जिसके आधार पर कंपनी को चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटों का रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी थी। इसकी एवज में ठेकेदार को चौराहे की एक निश्चित परिधि में प्रचार सामग्री लगानी थी। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक मई माह में बीओटी ठेकों का समय पूरा हो गया। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने गुपचुप तरीके से बीओटी ठेकों का समय बढ़ा दिया था। जिसके विरोध में शहर के अन्य होर्डिंग ठेकेदार उतर आए। इसकी शिकायत शासन तक पहुंची थी। शिकायत पर तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान को निर्देश जारी किए थे कि ठेके का नवीनीकरण निरस्त किया जाए। साथ ही शहर भर में बीओटी मार्ग और चौराहों पर लगने वाले होर्डिंग स्थानों का सत्यापन कराया जाए। नगर निगम ने जैसे ही बीओटी ठेकेदारों को नोटिस जारी किया था तो हीरा एडवरटाइजिंग कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसपर न्यायालय ने नौ अगस्त तक के लिए स्टे आर्डर जारी कर दिया था। जिसपर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी। नगर निगम की तरफ से दो अधिवक्ता अपना पक्ष रखने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे। वकीलों ने अपना पक्ष रखा। लेकिन न्यायालय ने आगामी छह सितंबर तक के लिए यथा स्थिति का आदेश जारी कर दिया।
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मेरठ। बीओटी पर चौराहे और सड़कों के ठेके के मामले में नगर निगम को फिर से झटका लगा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम की तरफ से हाईकोर्ट में दो वकील पहुंचे, लेकिन न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित करते हुए स्टे ऑर्डर को एक माह के लिए आगे बढ़ा दिया है।
नगर निगम ने 2013 में हीरा एडवरटाइजिंग कंपनी को महानगर के 17 चौराहे ठेके पर दिए थे। जिसके आधार पर कंपनी को चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटों का रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी थी। इसकी एवज में ठेकेदार को चौराहे की एक निश्चित परिधि में प्रचार सामग्री लगानी थी। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक मई माह में बीओटी ठेकों का समय पूरा हो गया। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने गुपचुप तरीके से बीओटी ठेकों का समय बढ़ा दिया था। जिसके विरोध में शहर के अन्य होर्डिंग ठेकेदार उतर आए। इसकी शिकायत शासन तक पहुंची थी। शिकायत पर तत्कालीन कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान को निर्देश जारी किए थे कि ठेके का नवीनीकरण निरस्त किया जाए। साथ ही शहर भर में बीओटी मार्ग और चौराहों पर लगने वाले होर्डिंग स्थानों का सत्यापन कराया जाए। नगर निगम ने जैसे ही बीओटी ठेकेदारों को नोटिस जारी किया था तो हीरा एडवरटाइजिंग कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसपर न्यायालय ने नौ अगस्त तक के लिए स्टे आर्डर जारी कर दिया था। जिसपर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी। नगर निगम की तरफ से दो अधिवक्ता अपना पक्ष रखने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे। वकीलों ने अपना पक्ष रखा। लेकिन न्यायालय ने आगामी छह सितंबर तक के लिए यथा स्थिति का आदेश जारी कर दिया।
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