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प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंधक संचालक ने किया घपाला
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:49 AM IST
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प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंधक संचालक ने किया घपला
मेरठ। श्री गांधी इंटर कॉलेज छुर में प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंधक संचालक द्वारा किए गए लाखों रुपये के घपले की शिकायत सही पाई गई है। मंडलायुक्त के यहां हुई शिकायत के बाद कराई गई जांच में आरोप सिद्ध हुए। प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंध संचालक ने मिलकर विद्यालय में हुए निर्माण कार्य, शिक्षक अभिभावक संघ से वसूली आदि में जमकर घपला किया।
ये थे आरोप
श्री गांधी इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक अजब सिंह ने शिक्षा अधिकारियों के साथ ही मंडलायुक्त से अक्तूबर 2017 शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक संचालक विद्यालय में भारी घोटाला कर रहे हैं। उन्होंने शौचालय निर्माण, शिक्षक अभिभावक संघ का नियम विरुद्ध गठन कर उससे अवैध उगाही कर घोटाला करने, कृषि भूमि के ठेके में बंदरबांट करने जैसे आरोप लगाये थे। जिसकी जांच जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी रमसा नीरज कुमार से कराई गई।
जांच में आरोप सिद्ध
इन दोनों अधिकारियों ने जांच में आरोप सही पाये। शौचालय निर्माण की टेंडर प्रक्रिया दोषपूर्ण होने के साथ ही काम शुरू होने से पहले ही ठेकेदार को आधा भुगतान करना दर्शा दिया गया। यही नहीं एक बड़े हॉल का निर्माण करना दर्शाकर उसमें भी भुगतान लिया गया, लेकिन जब हॉल खुलवाकर देखा गया तो वह पुरानी दीवारों के ऊपर ही खड़ा कर दिया गया। यही नहीं जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि विद्यालय में बच्चे कम हैं और जो शौचालय आदि हैं, वह पर्याप्त हैं। बावजूद इसके शौचालय ब्लॉक आदि का निर्माण कराकर धन का अपव्यय किया जा रहा है। यही नहीं विद्यालय की कृषि भूमि का ठेका 2013 में मात्र 30,69,000 रुपये में छोड़ा गया था, जबकि 2016 में यह ठेका जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त करने के बाद 48,55,000 रुपये में छोड़ा गया। ऐसे में जब पिछले ठेके की पत्रावली मांगी गई तो प्रधानाचार्य और प्रबंधक संचालक दोनों ने ही उसके न होने की बात कही। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि श्री गांधी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं से अवैध वसूली की शिकायत ठीक पाई गई। पूर्व प्रबंध संचालक और प्रधानाचार्य ने शौचालय निर्माण में दोषपूर्ण तरीके से न केवल टेंडर किया बल्कि टेंडर होने के अगले दिन ही 50 प्रतिशत कार्य सत्यापित कर भुगतान कर दिया।
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कार्रवाई के नाम पर चुप्पी
विद्यालय के प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंध संचालक पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहा है। क्योंकि प्रबंध संचालक के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज की एक प्रधानाचार्या नियुक्त थीं। ऐसे में अधिकारी उन पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। वहीं प्रधानाचार्य पर शिक्षक नेताओं का हाथ है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद भी इस मामले में कार्रवाई को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
खास बात
श्री गांधी इंटर कॉलेज छुर का मामला, जांच रिपोर्ट में सही पाये गये आरोप
पीटीए वसूली के साथ ही निर्माण में हुआ घोटाला
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मेरठ। श्री गांधी इंटर कॉलेज छुर में प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंधक संचालक द्वारा किए गए लाखों रुपये के घपले की शिकायत सही पाई गई है। मंडलायुक्त के यहां हुई शिकायत के बाद कराई गई जांच में आरोप सिद्ध हुए। प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंध संचालक ने मिलकर विद्यालय में हुए निर्माण कार्य, शिक्षक अभिभावक संघ से वसूली आदि में जमकर घपला किया।
ये थे आरोप
श्री गांधी इंटर कॉलेज के पूर्व प्रबंधक अजब सिंह ने शिक्षा अधिकारियों के साथ ही मंडलायुक्त से अक्तूबर 2017 शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक संचालक विद्यालय में भारी घोटाला कर रहे हैं। उन्होंने शौचालय निर्माण, शिक्षक अभिभावक संघ का नियम विरुद्ध गठन कर उससे अवैध उगाही कर घोटाला करने, कृषि भूमि के ठेके में बंदरबांट करने जैसे आरोप लगाये थे। जिसकी जांच जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी रमसा नीरज कुमार से कराई गई।
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जांच में आरोप सिद्ध
इन दोनों अधिकारियों ने जांच में आरोप सही पाये। शौचालय निर्माण की टेंडर प्रक्रिया दोषपूर्ण होने के साथ ही काम शुरू होने से पहले ही ठेकेदार को आधा भुगतान करना दर्शा दिया गया। यही नहीं एक बड़े हॉल का निर्माण करना दर्शाकर उसमें भी भुगतान लिया गया, लेकिन जब हॉल खुलवाकर देखा गया तो वह पुरानी दीवारों के ऊपर ही खड़ा कर दिया गया। यही नहीं जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि विद्यालय में बच्चे कम हैं और जो शौचालय आदि हैं, वह पर्याप्त हैं। बावजूद इसके शौचालय ब्लॉक आदि का निर्माण कराकर धन का अपव्यय किया जा रहा है। यही नहीं विद्यालय की कृषि भूमि का ठेका 2013 में मात्र 30,69,000 रुपये में छोड़ा गया था, जबकि 2016 में यह ठेका जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त करने के बाद 48,55,000 रुपये में छोड़ा गया। ऐसे में जब पिछले ठेके की पत्रावली मांगी गई तो प्रधानाचार्य और प्रबंधक संचालक दोनों ने ही उसके न होने की बात कही। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि श्री गांधी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं से अवैध वसूली की शिकायत ठीक पाई गई। पूर्व प्रबंध संचालक और प्रधानाचार्य ने शौचालय निर्माण में दोषपूर्ण तरीके से न केवल टेंडर किया बल्कि टेंडर होने के अगले दिन ही 50 प्रतिशत कार्य सत्यापित कर भुगतान कर दिया।
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कार्रवाई के नाम पर चुप्पी
विद्यालय के प्रधानाचार्य और पूर्व प्रबंध संचालक पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहा है। क्योंकि प्रबंध संचालक के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज की एक प्रधानाचार्या नियुक्त थीं। ऐसे में अधिकारी उन पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। वहीं प्रधानाचार्य पर शिक्षक नेताओं का हाथ है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद भी इस मामले में कार्रवाई को लेकर अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
खास बात
श्री गांधी इंटर कॉलेज छुर का मामला, जांच रिपोर्ट में सही पाये गये आरोप
पीटीए वसूली के साथ ही निर्माण में हुआ घोटाला