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हर बार हरियाणा का ही छापा, स्थानीय सिस्टम फेल
Updated Sun, 03 Dec 2017 02:53 AM IST
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हर बार हरियाणा का ही छापा, स्थानीय सिस्टम फेल
मेरठ। भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए हर बार मेरठ में हरियाणा की टीम ही कार्रवाई करती है। आखिर सवाल यह है कि मेरठ में नर्सिंग होम में यह गोरखधंधा किया जा रहा है और यहां की हेल्थ टीम को भनक भी नहीं लगती। कहीं स्थानीय टीम की मिलीभगत से तो यह गैरकानूनी काम नहीं चल रहा।
शनिवार को रोहतक से आयी पीसीपीएनडीटी की टीम ने मोदीपुरम के पल्हैड़ा में एक नर्सिंग होम में छापा मारा। अस्पताल के डॉक्टर को लिंग परीक्षण करते समय रंगे हाथों दबोच लिया गया। अल्ट्रासाउंड मशीन और कक्ष को सील करते हुए आरोपी डॉक्टर, नर्सिंग होम के संचालक, दलाल और दो महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी जिले में हरियाणा के जिलों की टीम छापेमारी करती रही हैं।
जिले में इस गैरकानूनी काम के नेटवर्क को खंगालने के लिए हेल्थ टीम ने मुखबिर योजना भी तैयार की थी। जिसमें कहा गया था कि जो भी मुखबिर भ्रूण लिंग परीक्षण की शहर या देहात में सूचना देगा उसके लिए दो लाख रुपये दिए जाएंगे। लेकिन जिले में लगाता है कि चिकित्सा विभाग के अफसरों ने मुखबिर योजना को किसी सांठगांठ की तरह गुमराह कर दिया। आखिर जिले की चिकित्सा टीम का मुखबिर तंत्र काम नहीं कर रहा और हरियाणा की टीम गैर कानूनी काम का पर्दाफाश रही है। पूरे मामले में प्रशासनिक तंत्र को भी संज्ञान लेना होगा।
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मेरठ। भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए हर बार मेरठ में हरियाणा की टीम ही कार्रवाई करती है। आखिर सवाल यह है कि मेरठ में नर्सिंग होम में यह गोरखधंधा किया जा रहा है और यहां की हेल्थ टीम को भनक भी नहीं लगती। कहीं स्थानीय टीम की मिलीभगत से तो यह गैरकानूनी काम नहीं चल रहा।
शनिवार को रोहतक से आयी पीसीपीएनडीटी की टीम ने मोदीपुरम के पल्हैड़ा में एक नर्सिंग होम में छापा मारा। अस्पताल के डॉक्टर को लिंग परीक्षण करते समय रंगे हाथों दबोच लिया गया। अल्ट्रासाउंड मशीन और कक्ष को सील करते हुए आरोपी डॉक्टर, नर्सिंग होम के संचालक, दलाल और दो महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी जिले में हरियाणा के जिलों की टीम छापेमारी करती रही हैं।
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जिले में इस गैरकानूनी काम के नेटवर्क को खंगालने के लिए हेल्थ टीम ने मुखबिर योजना भी तैयार की थी। जिसमें कहा गया था कि जो भी मुखबिर भ्रूण लिंग परीक्षण की शहर या देहात में सूचना देगा उसके लिए दो लाख रुपये दिए जाएंगे। लेकिन जिले में लगाता है कि चिकित्सा विभाग के अफसरों ने मुखबिर योजना को किसी सांठगांठ की तरह गुमराह कर दिया। आखिर जिले की चिकित्सा टीम का मुखबिर तंत्र काम नहीं कर रहा और हरियाणा की टीम गैर कानूनी काम का पर्दाफाश रही है। पूरे मामले में प्रशासनिक तंत्र को भी संज्ञान लेना होगा।
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