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मेडिकल अस्पताल में चप्पे-चप्पे पर होगी तीसरी आंख की नजर
Updated Tue, 29 Aug 2017 02:24 AM IST
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मेडिकल में चप्पे-चप्पे पर होगी ‘तीसरी आंख’ की नजर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल अस्पताल में जल्द ही चप्पे-चप्पे पर ‘तीसरी आंख’ की नजर होगी। दरअसल, नवजात बच्ची के अपहरण के बाद जागे मेडिकल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 32 सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ओपीडी के बाद पुरानी बिल्डिंग केतीन गेट भी बंद कर दिए जाएंगे। दोपहर दो बजे के बाद दो ही गेट से प्रवेश हो सकेगा। एक गेट पर ताला लगाया जाना भी शुरू कर दिया गया है।
मेडिकल अस्पताल केएसआईसी (प्रमुख अधीक्षक) डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मेडिकल अस्पताल में 21 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। गायनिक वार्ड केआसपास भी चार सीसीटीवी कैमरे थे, बावजूद इसके नवजात बच्ची को ले जाने वाली महिलाओं का पता नहीं चल सका। लिहाजा निर्णय लिया गया है कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत सभी प्रवेश द्वार, जीने और रैंप के आसपास आदि जगह 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। जल्द ही इन्हें लगवाने के लिए शासन से बजट की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल की पुरानी बिल्डिंग में पांच जगह से प्रवेश होता है, इनमें से तीन गेट को ओपीडी तक ही खुला रखा जाएगा, ओपीडी का समय पूरा होते ही इन्हें बंद कर दिया जाएगा। शनिवार को मेडिकल अस्पताल से दो बुर्कानशीं महिलाओं ने नवजात (बच्ची) को अगवा कर लिया था। मेडिकल अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी, मगर कोई सुराग नहीं लग सका है। मेडिकल प्रबंधन का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरे और लगे होते तो सुराग मिल सकता था।
खास बात
32 सीसीटीवी कैमरे और लगेंगे, ओपीडी केबाद तीन गेट हो जाएंगे बंद, एक गेट पर लगाया ताला
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल अस्पताल में जल्द ही चप्पे-चप्पे पर ‘तीसरी आंख’ की नजर होगी। दरअसल, नवजात बच्ची के अपहरण के बाद जागे मेडिकल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 32 सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ओपीडी के बाद पुरानी बिल्डिंग केतीन गेट भी बंद कर दिए जाएंगे। दोपहर दो बजे के बाद दो ही गेट से प्रवेश हो सकेगा। एक गेट पर ताला लगाया जाना भी शुरू कर दिया गया है।
मेडिकल अस्पताल केएसआईसी (प्रमुख अधीक्षक) डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि मेडिकल अस्पताल में 21 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। गायनिक वार्ड केआसपास भी चार सीसीटीवी कैमरे थे, बावजूद इसके नवजात बच्ची को ले जाने वाली महिलाओं का पता नहीं चल सका। लिहाजा निर्णय लिया गया है कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत सभी प्रवेश द्वार, जीने और रैंप के आसपास आदि जगह 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। जल्द ही इन्हें लगवाने के लिए शासन से बजट की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल की पुरानी बिल्डिंग में पांच जगह से प्रवेश होता है, इनमें से तीन गेट को ओपीडी तक ही खुला रखा जाएगा, ओपीडी का समय पूरा होते ही इन्हें बंद कर दिया जाएगा। शनिवार को मेडिकल अस्पताल से दो बुर्कानशीं महिलाओं ने नवजात (बच्ची) को अगवा कर लिया था। मेडिकल अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी, मगर कोई सुराग नहीं लग सका है। मेडिकल प्रबंधन का मानना है कि अगर सीसीटीवी कैमरे और लगे होते तो सुराग मिल सकता था।
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खास बात
32 सीसीटीवी कैमरे और लगेंगे, ओपीडी केबाद तीन गेट हो जाएंगे बंद, एक गेट पर लगाया ताला