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नीट: आखिरी दिन रही मारामारी
Updated Sun, 13 Aug 2017 02:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के तहत प्रपत्रों की जांच के आखिरी दिन शनिवार को खूब मारामारी रही। मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में रात साढ़े नौ बजे तक काउंटर खुले रहे, जिन पर 1137 अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच हुई। चार दिनों में कुल 2285 अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच हुई।
अभी भी काफी अभ्यर्थी रह गए हैं, जिनके किसी न किसी कारण से प्रपत्रों की जांच नहीं पाई। इनमें कुछ ऐसे थे, जो ओरिजनल प्रमाण पत्र नहीं लाए थे, जबकि कई के कागजों में त्रुटियां थीं। इसके अलावा अव्यवस्था के कारण भी कुछ अभ्यर्थियों को बिना प्रपत्रों की जांच कराए वापस जाना पड़ा है। गर्मी में अभ्यर्थी और परिजन बेहाल हो गए। जिस ऑडिटोरियम में प्रपत्रों की जांच हो रही थी, वहां भीड़ ज्यादा होने के कारण अभ्यर्थियों को बाहर रोका गया था। अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी काफी तादाद में आए हुए थे, जिनके लिए अलग से काउंटर बनाए गए थे। नोडल अधिकारी डॉ. विभु साहनी ने बताया कि आखिरी दिन होने के कारण भीड़ ज्यादा थी। इस कारण देर शाम तक प्रपत्रों की जांच का काम चला। जो रह जाएंगे, उनके लिए आगे भी तारीख दी जा सकती है या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है। पहले दिन 249 के प्रपत्रों की जांच हुई थी, दूसरे दिन 328 और तीसरे दिन 571 के अभिलेखों की जांच हुई थी।
खास बातें
- रात साढ़े नौ बजे तक खुले रहे काउंटर
- चार दिन में 2285 के जांचे गए अभिलेख
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मेरठ।
नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के तहत प्रपत्रों की जांच के आखिरी दिन शनिवार को खूब मारामारी रही। मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में रात साढ़े नौ बजे तक काउंटर खुले रहे, जिन पर 1137 अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच हुई। चार दिनों में कुल 2285 अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच हुई।
अभी भी काफी अभ्यर्थी रह गए हैं, जिनके किसी न किसी कारण से प्रपत्रों की जांच नहीं पाई। इनमें कुछ ऐसे थे, जो ओरिजनल प्रमाण पत्र नहीं लाए थे, जबकि कई के कागजों में त्रुटियां थीं। इसके अलावा अव्यवस्था के कारण भी कुछ अभ्यर्थियों को बिना प्रपत्रों की जांच कराए वापस जाना पड़ा है। गर्मी में अभ्यर्थी और परिजन बेहाल हो गए। जिस ऑडिटोरियम में प्रपत्रों की जांच हो रही थी, वहां भीड़ ज्यादा होने के कारण अभ्यर्थियों को बाहर रोका गया था। अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी काफी तादाद में आए हुए थे, जिनके लिए अलग से काउंटर बनाए गए थे। नोडल अधिकारी डॉ. विभु साहनी ने बताया कि आखिरी दिन होने के कारण भीड़ ज्यादा थी। इस कारण देर शाम तक प्रपत्रों की जांच का काम चला। जो रह जाएंगे, उनके लिए आगे भी तारीख दी जा सकती है या नहीं, यह अभी तय नहीं हो पाया है। पहले दिन 249 के प्रपत्रों की जांच हुई थी, दूसरे दिन 328 और तीसरे दिन 571 के अभिलेखों की जांच हुई थी।
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खास बातें
- रात साढ़े नौ बजे तक खुले रहे काउंटर
- चार दिन में 2285 के जांचे गए अभिलेख