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ट्रेनें रद्द, रोडवेज बसों में सीट नहीं, यात्री परेशान
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ट्रेनें रद्द, रोडवेज बसों में सीट नहीं, यात्री परेशान
मेरठ-दिल्ली सेक्शन की एक दर्जन से ज्यादा ट्रेन 26 तक चल रही रद्द
यात्रियों की संख्या ज्यादा होने और बसों के चुनाव में जाने से नहीं मिल रही बैठने की जगह
मेरठ। रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए रद्द की गई 11 ट्रेनों के चलते रेल यात्रियों का बोझ रोडवेज पर आ गया है। 200 से ज्यादा रोडवेज बसों के भी चुनाव में लगे होने से यहां भी यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को न केवल बसों का इंतजार करना पड़ रहा है बैठने को सीट तक नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
दिल्ली-मेरठ-सहारनपुर रेल सेक्शन पर खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच चल रहे दोहरीकरण कार्य के चलते 11 पैसेंजर ट्रेन रद चल रही है। इतनी बड़ी संख्या में पैसेंजर ट्रेन रद होने से रेल यात्री रोडवेज की तरफ डायवर्ट हो गए हैं। दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में बड़ी संख्या में नौकरी करने वाले दैनिक यात्रियों और छात्रों को भी रोडवेज बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन मेरठ रीजन की 200 से ज्यादा बसें लोकसभा चुनाव में जाने से यहां भी यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। न केवल यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है बल्कि भीड़ के चलते यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हो रहे हैं। इसके अलावा दैनिक यात्रियों का कहना है कि बसों के जाम में फंसने से उन्हें रोजाना अपने आफिस पहुंचने में देरी हो रही है। दैनिक यात्री दीपक और रवि ने बताया कि एक तो रोडवेज बसों का किराया रेल से ज्यादा है और समय से भी आफिस नहीं पहुंचा जा रहा है।
रविवार को रहती है भीड़
रविवार के दिन रोडवेज बसों में सर्वाधिक भीड़ रहती है। वीकेंड पर घर आने वाले नौकरीपेशा लोग और छात्र रविवार शाम को दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के लिए निकलते हैं। यहां की बसें कम पड़ने पर यात्रियों को भारी भीड़ में खड़े होकर सफर करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है बसें जाम में फंस जाती है तो घंटों तक नहीं आती। उन्हें बस अड्डे पर इंतजार करना पड़ता है।
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ट्रैक को हरी झंडी के बाद ही चलेंगी ट्रेनें
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी खतौली से मुजफ्फरनगर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर हरी झंडी देंगे। इसके बाद ही इस ट्रैक की रद्द ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। रद ट्रेन शुरू होने के बाद से ही यात्रियों को राहत मिलेगी। लोकसभा चुनाव में गई रोडवेज बसों के वापस लौटने के बाद यहां भी स्थिति सुधर जाएगी।
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मेरठ-दिल्ली सेक्शन की एक दर्जन से ज्यादा ट्रेन 26 तक चल रही रद्द
यात्रियों की संख्या ज्यादा होने और बसों के चुनाव में जाने से नहीं मिल रही बैठने की जगह
मेरठ। रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए रद्द की गई 11 ट्रेनों के चलते रेल यात्रियों का बोझ रोडवेज पर आ गया है। 200 से ज्यादा रोडवेज बसों के भी चुनाव में लगे होने से यहां भी यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को न केवल बसों का इंतजार करना पड़ रहा है बैठने को सीट तक नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही है।
दिल्ली-मेरठ-सहारनपुर रेल सेक्शन पर खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच चल रहे दोहरीकरण कार्य के चलते 11 पैसेंजर ट्रेन रद चल रही है। इतनी बड़ी संख्या में पैसेंजर ट्रेन रद होने से रेल यात्री रोडवेज की तरफ डायवर्ट हो गए हैं। दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में बड़ी संख्या में नौकरी करने वाले दैनिक यात्रियों और छात्रों को भी रोडवेज बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन मेरठ रीजन की 200 से ज्यादा बसें लोकसभा चुनाव में जाने से यहां भी यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। न केवल यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है बल्कि भीड़ के चलते यात्री खड़े होकर सफर करने को मजबूर हो रहे हैं। इसके अलावा दैनिक यात्रियों का कहना है कि बसों के जाम में फंसने से उन्हें रोजाना अपने आफिस पहुंचने में देरी हो रही है। दैनिक यात्री दीपक और रवि ने बताया कि एक तो रोडवेज बसों का किराया रेल से ज्यादा है और समय से भी आफिस नहीं पहुंचा जा रहा है।
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रविवार को रहती है भीड़
रविवार के दिन रोडवेज बसों में सर्वाधिक भीड़ रहती है। वीकेंड पर घर आने वाले नौकरीपेशा लोग और छात्र रविवार शाम को दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के लिए निकलते हैं। यहां की बसें कम पड़ने पर यात्रियों को भारी भीड़ में खड़े होकर सफर करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है बसें जाम में फंस जाती है तो घंटों तक नहीं आती। उन्हें बस अड्डे पर इंतजार करना पड़ता है।
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ट्रैक को हरी झंडी के बाद ही चलेंगी ट्रेनें
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी खतौली से मुजफ्फरनगर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर हरी झंडी देंगे। इसके बाद ही इस ट्रैक की रद्द ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। रद ट्रेन शुरू होने के बाद से ही यात्रियों को राहत मिलेगी। लोकसभा चुनाव में गई रोडवेज बसों के वापस लौटने के बाद यहां भी स्थिति सुधर जाएगी।