फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   धीमी है रफ्तार, समय पर लक्ष्य पूर्ति के नहीं आसार

धीमी है रफ्तार, समय पर लक्ष्य पूर्ति के नहीं आसार

Wed, 17 Apr 2019 02:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2019 02:22 AM IST
विज्ञापन
धीमी है रफ्तार, समय पर लक्ष्य पूर्ति के नहीं आसार
मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए लाई गई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना ही रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इस प्रोजेक्ट की रफ्तार में कई रोड़े अटके हैं। पिछले दस दिनों में चुनाव की वजह से काम नहीं हो सका। मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित मोहिउद्दीनपुर के पास चल रहे काम की गति धीमी नजर आई। वहीं जमीन अधिग्रहण का मामला भी अभी तक सुलझ नहीं सका है। इन सबके बीच तय समय में प्रोजेक्ट पूरा होने के आसार नहीं है।
विज्ञापन

खुर्जा से सहारनपुर के बीच वाया मेरठ होकर साल 2021 तक ट्रैक डाला जाना है। खुर्जा से बुलंदशहर के बीच चल रहे इस कॉरिडोर पर ट्रैक फाउंडेशन तैयार हो चुका है। लेकिन आगे का काम अस्त-व्यस्त है। पिछले एक साल से किसानों के मुआवजे का पेच फंसा है। इस पर अपर आयुक्त ने कमिश्नर को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस कारण पांचली खुर्द के पास भी ट्रैक का काम अटका है।
विज्ञापन

रेलवे की वजह से हुई देरी
मोहिउद्दीनपुर के पास हो रहे निर्माण कार्य के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के इंजीनियर रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रेलवे लाइन के ऊपर फ्रेट कॉरिडोर के ओवरब्रिज का काम होना था। इसके लिए यहां से गुजर रहे रेलवे लाइन के सिग्नल तारों को हटाने के लिए रेलवे से अनुमति मांगी गई थी। इसमें करीब दो माह का समय लगा। रेलवे टीम में खुद आकर उन्हें वहां से हटाया है। सूत्रों के मुताबिक अब वहां कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभी यह किया गया काम
मेरठ स्थित दिल्ली रोड पर चल रहे निर्माण में अभी तक नींव डालने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि काम को शुरू हुए कई महीने हो गए हैं। साइट पर मौजूद इंजीनियरों का कहना है नींव के बाद पिलर खड़े होने का काम होना है। इसकी कोई तिथि नहीं तय की गई है।
मेरठ में यहां से गुजरेगा
सहारनपुर की तरफ से आते हुए रेलवे ट्रैक सकौती टांडा, पावली खास, मेरठ सिटी, कैली होते हुए हापुड़ पहुंचेगा। जहां से वह दादरी होते हुए बुलंदशहर जिले के खुर्जा तहसील पहुंचेगा।

अमर उजाला कर चुका खुलासा
अमर उजाला ने दो मार्च के अंक में किसानों के मुआवजे में 19 करोड़ रुपये की गड़बड़ी को प्रकाशित किया था। तत्कालीन कमिश्नर डा. प्रभात कुमार के समय से चले आ रहे इस मामले में कोई हल नहीं निकल सका है। अभी भी किसान मुआवजे की आस में बैठे हैं। कमिश्नर अनीता मेश्राम का कहना है कि इस मामले में तीन जनवरी 2019 को कमेटी बनाई गई है। सभी किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।

प्रोेजेक्ट पर एक नजर
रूट - पश्चिम बंगाल से वाया मेरठ, लुधियाना तक
कुल किलोमीटर - 1856
कब तक तैयार होना है - 2021

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed