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भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले केंद्र का खुलासा
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:28 AM IST
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मेरठ। शहर में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इसका पता मेरठ के स्वास्थ्य विभाग को तो नहीं चला। लेकिन हरियाणा की सोनीपत की टीम ने ब्रह्मपुरी थाने के पास भूमिया पुल पर ऐसे ही एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी कर तीन लोगों को पकड़ा है। हालांकि मालिक फरार हो गया। इनके खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य सामान जब्त कर लिया गया है।
सोनीपत के डिप्टी सीएमओ डॉ. आदर्श शर्मा के अनुसार उन्हें सूचना मिल रही थी कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शिवाय इमेजिंग एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने मुखबिर योजना के तहत एक मिथ्या ग्राहक (महिला) को भेजा, जिससे लैब वालों ने 15 हजार रुपये में परीक्षण करने को कहा। उन्होंने सोमवार को इससे मेरठ के जिलाधिकारी को अवगत कराया। उनके आदेश पर एडिशनल सीएमओ डॉ. जीके मिश्रा और उनकी टीम को साथ लेकर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि सेंटर का मालिक महेश शर्मा पीछे वाले गेट से भाग गया, जबकि लैब टेक्निशियन और दो वार्ड ब्वाय को पकड़ लिया गया। इनके पास से मिथ्या ग्राहक द्वारा दिए गए 15 में से 11 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट भी पहुंचे।
एक युवक ने किया हंगामा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां मौजूद एक युवक को भी हिरासत में लिया था, मगर उसकी भूमिका न पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। इस पर उसने हंगामा किया कि उसके 28 हजार हजार रुपये टीम के पास हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे फिर पकड़ लिया और ब्रह्मपुरी थाने ले गई।
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मेरठ के स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर
स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुखबिर नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन, एक जुलाई 2017 से लागू हो चुकी शासन की ‘मुखबिर योजना’ मेरठ में परवान नहीं चढ़ पा रही है। अभी तक तब से चार मामले पकड़े गए हैं और सभी हरियाणा सोनीपत की टीम ने पकड़े हैं।
यह है मुखबिर योजना
एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाते हैं।
पांच साल तक की सजा
इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों (महिला-पुरुष) को समान कैद और जुर्माना हो सकता है।
हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जा रहा है। सूचना मिलने पर छापामारी की जाएगी। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेरठ के मुकाबले हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत है, इसलिए वह इस तरह के खुलासे कर रहे हैं।
खास बातें:
- ब्रह्मपुरी थाने के पास भूमिया पुल पर हरियाणा और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
- मेरठ की टीम फिर फेल, मौके से तीन आरोपी गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
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सोनीपत के डिप्टी सीएमओ डॉ. आदर्श शर्मा के अनुसार उन्हें सूचना मिल रही थी कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शिवाय इमेजिंग एवं डायग्नोस्टिक सेंटर में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने मुखबिर योजना के तहत एक मिथ्या ग्राहक (महिला) को भेजा, जिससे लैब वालों ने 15 हजार रुपये में परीक्षण करने को कहा। उन्होंने सोमवार को इससे मेरठ के जिलाधिकारी को अवगत कराया। उनके आदेश पर एडिशनल सीएमओ डॉ. जीके मिश्रा और उनकी टीम को साथ लेकर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि सेंटर का मालिक महेश शर्मा पीछे वाले गेट से भाग गया, जबकि लैब टेक्निशियन और दो वार्ड ब्वाय को पकड़ लिया गया। इनके पास से मिथ्या ग्राहक द्वारा दिए गए 15 में से 11 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट भी पहुंचे।
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एक युवक ने किया हंगामा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां मौजूद एक युवक को भी हिरासत में लिया था, मगर उसकी भूमिका न पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। इस पर उसने हंगामा किया कि उसके 28 हजार हजार रुपये टीम के पास हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे फिर पकड़ लिया और ब्रह्मपुरी थाने ले गई।
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मेरठ के स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल रहे मुखबिर
स्वास्थ्य विभाग को भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुखबिर नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन, एक जुलाई 2017 से लागू हो चुकी शासन की ‘मुखबिर योजना’ मेरठ में परवान नहीं चढ़ पा रही है। अभी तक तब से चार मामले पकड़े गए हैं और सभी हरियाणा सोनीपत की टीम ने पकड़े हैं।
यह है मुखबिर योजना
एक स्टिंग ऑपरेशन पर शासन दो लाख रुपये खर्च करता है। इनमें भ्रूण जांच या गर्भपात कराने वाले सेंटर को ढूंढने वाले व्यक्ति को 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। जो महिला मिथ्या गर्भवती बनकर सेंटर में जाएगी, उसे एक लाख रुपये दिए जाते हैं। जो महिला के साथ सहयोगी बनकर जाएगा या जाएगी उसे 40 हजार रुपये दिए जाते हैं।
पांच साल तक की सजा
इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डॉक्टर और जांच कराने वाले व्यक्तियों (महिला-पुरुष) को समान कैद और जुर्माना हो सकता है।
हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जा रहा है। सूचना मिलने पर छापामारी की जाएगी। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेरठ के मुकाबले हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत है, इसलिए वह इस तरह के खुलासे कर रहे हैं।
खास बातें:
- ब्रह्मपुरी थाने के पास भूमिया पुल पर हरियाणा और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
- मेरठ की टीम फिर फेल, मौके से तीन आरोपी गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज