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पिता कारोबारी, खुद को नहीं कोई जानकारी, इंटरव्यू में फेल

Fri, 06 Jul 2018 02:32 AM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:32 AM IST
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पिता कारोबारी, खुद को नहीं कोई जानकारी, इंटरव्यू में फेल
मेरठ। जिला उद्योग केंद्र सूरजकुंड में बृहस्पतिवार को नजारा बेहद चौंकाने वाला था। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के साक्षात्कार में कारोबार के लिए लोन लेने आए आवेदकों से जब उनके कारोबार से जुड़े सवाल पूछे गए तो अधिकांश युवा आवेदक साक्षात्कार में ही फेल हो गए। पता चला कि पिता के कारोबार के लिए बेटों ने लोन की अर्जी लगाई थी। लेकिन खुद कारोबार की जानकारी नहीं है।
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हर ट्रेंड के सवाल पर चुप्पी
करीब पांच वर्षों से अचार, मुरब्बे का कारोबार करने वाले से जब अचार में डलने वाले केमिकल का नाम पूछा तो जवाब चुप्पी में मिला। दुग्ध प्रोडक्ट का काम करने के लिए लोन लेने आए युवा से दूध से पनीर कैसे बनाएंगे, दूध में पानी किस तरह नापेंगे पूछा गया तो जवाब मिला मशीन से। फर्नीचर बनाने के कारोबार के लिए लोन लेने आए युवा से पूछा कि सोफा कौन सी लकड़ी से बनेगा जवाब जीरो। इसी तरह रेडिमेड गारमेेंट्स, मसाले, आटा चक्की, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, डाइंग, सिलाई मशीन, निटिंग, ड्रेसमेकिंग, टेक्सटाइल उद्योग के लिए आए अधिकांश आवेदनों में भी यही स्थिति रही। सवाल बड़ा है कि जो वर्षों से कारोबार करते हैं, उन्हें अपने कारोबार की बारीकियां ही नहीं पता।
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पहले पायदान पर धड़ाम
योजना के अनुसार जो युवा काम में निपुण हैं, उन्हें ही लोन मिल सकता है। लेकिन अधिकांश आवेदक पहले ही पायदान पर धड़ाम हो गए। यह भी नहीं बता पाए कि मोबाइल रिपेयरिंग की मशीन कितने की है, कपड़े की नपाई कैसे करेंगे, मशरूम की खेती की मिट्टी कैसे बनाएंगे, सिलाई मशीन कैसे असेंबल करेंगे, फुटबॉल की सिलाई, बुनाई के टांके, ट्रेकसूट की माप, बल्ले की लंबाई चौड़ाई की सही माप जैसे आसान सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए।
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... तो जी हम भी कर लेंगे
योजना का लाभ लेने के लिए पिता के कारोबार के लिए बेटे-बेटियों ने आवेदन कर दिया। कई लोगों ने तो पत्नियों के नाम से आवेदन करा दिया। ताकि अपने नाम से लोन लेकर पत्नी पति का कारोबार चला सकें। बेटे-बेटियां पिता के कारोबार के लिए पैसा ले सकें। साक्षात्कार में जब युवाओं से उनके काम की जानकारी ली गई तो 90 प्रतिशत का जवाब था कि पापा को काम करते देखा है, पापा काम करते हैं तो जी हम भी कर लेंगे।

उच्च शिक्षित युवा भी लाइन में
लोन की इस लाइन में अच्छे कॉलेजों के उच्च शिक्षित युवा भी पहुंचे। एमआइइटी से सीएस में बीटेक करके आए युवा ने मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान के लिए आवेदन किया। डीयू के कमला नेहरू कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स पास करके आई एक युवती ने भगवान की पोशाक सिलने का काम शुरू करने के लिए लोन का आवेदन लगाया। इसी तरह बीटेक, एमएससी, बीएससी, एमटेक, एमए जैसी डिग्री वाले भी लोन के लिए पहुंचे।


खेल उद्योग के लिए मारामारी
2 करोड़ रुपये के टोटल लोन की योजना के लिए 500 से अधिक आवेदन आए। दो बार साक्षात्कार हो चुके हैं। अधिकांश आवेदन खेल उपकरण बनाने के लिए थे। एक जिला एक उत्पाद योजना में खेल उद्योग आने के कारण अधिकांश लोगों ने बैट, बॉल, शटल कॉक, फुटबॉल, ट्रेकसूट बनाने के लिए आवेदन किया। महिलाओं ने ब्यूटीपार्लर, ड्रेसमेकिंग का आवेदन किया। इलेक्ट्रानिक आइटम, टेक्सटाइल, डाइंग, डेयरी प्रोडक्ट, साइबर कैफे आदि के लिए भी आवेदन हुए।


अभी प्रथम साक्षात्कार
सहायक आयुक्त शैलेंद्र सिंह के अनुसार योजना में 2 करोड़ का लोन 200 लोगों में बांटना है। अभी प्रथम साक्षात्कार हुए हैं। अब यह सूची बैंक को जाएगी। बैंक में पुन: इंटरव्यू होंगे। उसी आधार पर सही लोगों को लोन मिलेगा। आवेदकों ने तो 10-15 लाख के लोन का आवेदन किया। लेकिन इतना लोन देना असंभव होता है। साक्षात्कार पैनल में शैलेंद्र सिंह के अलावा उपायुक्त उद्योग वीके कौशल, एलडीएम अविनाश तांती, आईटीआई से बनी सिंह चौहान शामिल रहे।


मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करती है। जिसमें युवाओं को सूक्ष्म उद्योग इकाई स्थापित करने के लिए ऋण मिलता है। सेवा क्षेत्र में 10 लाख उद्यम क्षेत्र में 25 लाख तक का ऋण दिया जाता है। 18-40 वर्ष के युवा ही योजना में आवेदन कर सकते हैं। योजना क ा मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना ताकि वे अन्य बेरोजगारों को भी रोजगार दे सकें।

खास बातें:
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में उद्यम के लिए लोन लेने पहुंचे डीयू और इंजीनियरिंग कॉलेजों के मेधावी
- 25 लाख तक क ी राशि के लिए जिला उद्योग केंद्र में हुए साक्षात्कार
- पिता के कारोबार के लिए बेटों ने लगाई लोन की अर्जी, इंटरव्यू में खुली पोल
- अचार में डलने वाले के मिकल का नाम और दूध से पनीर कैसे बनता है, यह भी नहीं जानते
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