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वीसी का आदेश, कब्जे में लें मेरठ कॉलेज का रिकॉर्ड
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:24 AM IST
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फर्जी एडमिशन पर समिति गठित, फंसा मेरठ कॉलेज
मेरठ। मेरठ कॉलेज में फर्जी मार्कशीट पर 500 से ज्यादा एडमिशन का मामला गरमा गया है। सीसीएसयू के कुलपति ने पूरे मामले में कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार की अध्यक्षता में समिति गठित कर मेरठ कॉलेज से रिकॉर्ड कब्जे में लेने के आदेश दिए हैं। यूनिवर्सिटी की प्रवेश समन्वयक की निगरानी में पूरी जांच होगी। वहीं, इस संबंध में प्राचार्य से भी जवाब मांगा गया है कि आखिर फर्जी एडमिशन पर एक साल तक चुप्पी क्यों साधी गई।
मेरठ कॉलेज में पिछले सत्र में पांच सौ से ज्यादा एडमिशन फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों पर हुए थे। इसकी जानकारी कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों को होने के बाद कॉलेज प्रशासन को पूरी जानकारी दी गई थी। छात्रों ने धरना-प्रदर्शन तक किया था। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी थी। ढाई महीने पहले मैनेजमेंट ने प्राचार्य को हटाया तो एडमिशन की जांच फिर से शुरू हो गई। शनिवार को सारे आरोप उस वक्त सच साबित हो गए, जब मैनेजमेंट द्वारा जांच कराए गए फार्मों में अकेले बीकॉम विभाग में ही 13 एडमिशन फर्जी पकड़े गए।
इसी दौरान मैनेजमेंट और बी. कुमार के बीच विवाद खत्म हुआ तो सोमवार को उनको दोबारा चार्ज दे दिया गया। इसके बाद सोमवार को दूसरे प्रवेश फार्मों की जांच थम गई। मंगलवार को भी इस बारे में जांच आगे नहीं बढ़ सकी। जबकि इस मामले में सोमवार को कॉलेज की तरफ से फर्जी एडमिशन पकड़े जाने के मामले में लालकुर्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। पूरे प्रकरण में मंगलवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कमेटी बनाते हुए प्रवेश फार्मों की जांच प्रवेश समन्वयक प्रो. वाई विमला की निगरानी में करने के आदेश जारी कर दिए।
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रिपोर्ट दर्ज हो तो पकड़े जाएं दलाल
10 से 15 हजार रुपये लेकर फर्जी एडमिशन कराने वाले दलाल रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही पकड़े जाएंगे। इससे इस बार फर्जी एडमिशन कराने की उनकी मंशा पर भी पानी फिर जाएगा। पुलिस जब फर्जी एडमिशन वाले छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी तो साफ हो जाएगा कि उन्होंने किस दलाल को पैसे देकर अपने कागजात दिए थे। किसने उनके एडमिशन कराए थे।
एडमिशन रद्द कराए जाएंगे
मेरठ कॉलेज प्राचार्य से इसको लेकर जवाब मांगा जा रहा है। कॉलेज रिपोर्ट दर्ज कराए ताकि फर्जी एडमिशन कराने वाले दलाल जेल जाएं। एडमिशन रद्द कराए जाएंगे। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
-प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू
खास बातें:
- सीसीएसयू के कुलपति ने दिए रिकॉर्ड कब्जे में लेने के आदेश
- विवि की प्रवेश समन्वयक की निगरानी में होंगे फॉर्म चेक
- प्राचार्य से मांगा फर्जी एडमिशन पर जवाब, क्यों नहीं कराई रिपोर्ट दर्ज
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मेरठ। मेरठ कॉलेज में फर्जी मार्कशीट पर 500 से ज्यादा एडमिशन का मामला गरमा गया है। सीसीएसयू के कुलपति ने पूरे मामले में कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार की अध्यक्षता में समिति गठित कर मेरठ कॉलेज से रिकॉर्ड कब्जे में लेने के आदेश दिए हैं। यूनिवर्सिटी की प्रवेश समन्वयक की निगरानी में पूरी जांच होगी। वहीं, इस संबंध में प्राचार्य से भी जवाब मांगा गया है कि आखिर फर्जी एडमिशन पर एक साल तक चुप्पी क्यों साधी गई।
मेरठ कॉलेज में पिछले सत्र में पांच सौ से ज्यादा एडमिशन फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों पर हुए थे। इसकी जानकारी कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों को होने के बाद कॉलेज प्रशासन को पूरी जानकारी दी गई थी। छात्रों ने धरना-प्रदर्शन तक किया था। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी थी। ढाई महीने पहले मैनेजमेंट ने प्राचार्य को हटाया तो एडमिशन की जांच फिर से शुरू हो गई। शनिवार को सारे आरोप उस वक्त सच साबित हो गए, जब मैनेजमेंट द्वारा जांच कराए गए फार्मों में अकेले बीकॉम विभाग में ही 13 एडमिशन फर्जी पकड़े गए।
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इसी दौरान मैनेजमेंट और बी. कुमार के बीच विवाद खत्म हुआ तो सोमवार को उनको दोबारा चार्ज दे दिया गया। इसके बाद सोमवार को दूसरे प्रवेश फार्मों की जांच थम गई। मंगलवार को भी इस बारे में जांच आगे नहीं बढ़ सकी। जबकि इस मामले में सोमवार को कॉलेज की तरफ से फर्जी एडमिशन पकड़े जाने के मामले में लालकुर्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जानी चाहिए। पूरे प्रकरण में मंगलवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कमेटी बनाते हुए प्रवेश फार्मों की जांच प्रवेश समन्वयक प्रो. वाई विमला की निगरानी में करने के आदेश जारी कर दिए।
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रिपोर्ट दर्ज हो तो पकड़े जाएं दलाल
10 से 15 हजार रुपये लेकर फर्जी एडमिशन कराने वाले दलाल रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही पकड़े जाएंगे। इससे इस बार फर्जी एडमिशन कराने की उनकी मंशा पर भी पानी फिर जाएगा। पुलिस जब फर्जी एडमिशन वाले छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी तो साफ हो जाएगा कि उन्होंने किस दलाल को पैसे देकर अपने कागजात दिए थे। किसने उनके एडमिशन कराए थे।
एडमिशन रद्द कराए जाएंगे
मेरठ कॉलेज प्राचार्य से इसको लेकर जवाब मांगा जा रहा है। कॉलेज रिपोर्ट दर्ज कराए ताकि फर्जी एडमिशन कराने वाले दलाल जेल जाएं। एडमिशन रद्द कराए जाएंगे। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
-प्रो. एनके तनेजा, कुलपति सीसीएसयू
खास बातें:
- सीसीएसयू के कुलपति ने दिए रिकॉर्ड कब्जे में लेने के आदेश
- विवि की प्रवेश समन्वयक की निगरानी में होंगे फॉर्म चेक
- प्राचार्य से मांगा फर्जी एडमिशन पर जवाब, क्यों नहीं कराई रिपोर्ट दर्ज