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पासिंग आउट परेड में खिल उठे चहरे, 383 केडेट हुए पासआउट
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:51 AM IST
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मेरठ। पुलिस विभाग को 383 महिला सिपाही मिल गईं। शनिवार को पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय के परेड ग्राउंड पर प्रशिक्षु महिला सिपाहियों ने कदम से कदम मिलाते हुए पासिंग आउट परेड मेंजोश और जज्बा दिखाया तो पूरा ग्राउंड तालियों की आवाज से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र रामकुमार ने परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में एसएसपी मंजिल सैनी भी मौजूद रहीं। इसके बाद प्रशिक्षु महिला सिपाहियों को पद और कर्तव्य की शपथ दिलाई गई। पुलिस महानिरीक्षक रामकुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस में आने के बाद आप आम नागरिक नहीं रह जाते। इसलिए सतर्क, सचेत होकर काम करना है। ड्यूटी के दौरान खुद के लिए समय निकाला मुश्किल होता है, लेकिन व्यस्तता में भी समय जरूर निकालें। ट्रेनिंग के दौरान की जाने वाली एक्सरसाइज के लिए परेड में 383 कैडेट्स को 16 टोलियों में विभाजित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अनेक जनपदों की महिला प्रशिक्षुओं सिपाहियों को सात माह तक इंडोर और आउटडोर ट्रेनिंग प्रदान की गई। उसके बाद शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा ली गई।
30 जनवरी से शुरू हुई थी ट्रेनिंग
पीटीएस मेरठ में आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती कोर्स के लिए 24 जिलों से कुल 384 कैडेट्स आईं। इनका प्रशिक्षण 30 जनवरी 2017 को शुरू हुआ था। प्रशिक्षण के समय अनुशासनिक कार्रवाई के दौरान एक कैडेट जनपद बुलंदशहर को वापस भेज दिया था। परेड में प्रथम कमांडर कैडेट मनीषा कुमारी, द्वितीय रूबी अवस्थी और तृतीय प्रियांशु रहीं। इस मौके पर 44वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक और संस्था के प्रभारी प्रधानाचार्य अभिषेक सिंह, पुलिस उपाधीक्षक ज्ञानवती तिवारी, वंदना मिश्रा, मेजर मामराज सिंह मौजूद रहे।
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इन्हें किया गया सम्मानित
आरक्षी कैडेट गीता सेंगर सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट रहीं। गीता को समस्त विषय जैसे पुलिस बंदी, भीड़ नियंत्रण सहित अंत: विषयों में प्रथम स्थान मिला। रितिका चौधरी को बाह्य विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं आंचल को आउटडोर, संगीता देवी को आईपीसी, सीआरपीसी, ललिता को कंप्यूटर, रेडियो कंट्रोलिंग, मोनू देवी को संवाद कौशल, संजना त्यागी को पुलिस विज्ञान, सोनिया देवी को शारीरिक प्रशिक्षण, शशि सिंह को पदार्थ, शस्त्र प्रशिक्षण, कल्पना वर्मा को टाइपिस्ट, प्रयांशु को योगासन, कविता को ट्रैफिक, विजय लक्ष्मी को तैराकी, अंजू को मोटरसाइकिल रखर खाव, देवेंद्री को नक्सल विरोधी, डकैती सरिता, नीलम निषाद, दीक्षा चौधरी ने अनेक विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त मिला। पुलिस महानिरीक्षक रामकुमार ने सभी को सम्मानित किया। इस दौरान टोली-4 को बेस्ट परफार्मेंस के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया। आईटीई रामकिशन और पीटीआई भूप सिंह को भी सम्मानित किया गया।
परिजनों ने किया कैमरे में कैद
दीक्षांत समारोह में महिला प्रशिक्षुओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया। परेड ग्राउंड में जब प्रशिक्षुओं ने कदमताल मिलाते हुए परेड की तो वहां मौजूद परिजनों ने बेटियों की वीडियो बनाई। समारोह में कई बार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे नारे दिए गए।
24 जिले से शामिल हुईं प्रशिक्षु
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, हाथरस, झांसी, चंदौली, ललितपुर, बांदा, औरेया, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात सहित 24 जिलों की प्रशिक्षुओं ने ट्रेनिंग ली।
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बातचीत....
बुराइयों को करना चाहती हूं खत्म
कानपुर की रहने वाली प्रशिक्षु दीपशिखा मां शशि और पिता राजेश कुमार से मिलने बाद खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दीपशिखा ने बताया कि उसने बीएससी मैथ विषय मेें की। उसके बाद पुलिस में भर्ती हुई। समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करना चाहती हूं।
पहली बार मेें ही मिली सफलता
झांसी की रहने वाली पूजा यादव परेड के बाद माता पिता से मिली। उसने बताया कि पहली बार में ही पुलिस में सफलता हासिल की है। माता-पिता के सहयोग से यह मुकाम मिला। पढ़ाई में एमए इंग्लिश और आईटीआई किया है। परिवार में एक भाई अभिषेक और बहन पूनम है।
मेहनत से हासिल की सफलता
अलीगढ़ की रहने वाली आरती शर्मा और मुजफ्फनगर की लिटिल मलिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुलिस में आने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया। इसके बाद वह अपने मुकाम को हासिल कर पाई। पुलिस में रहकर वह आगे की तैयारी करती रहेंगी। उन्हें आईपीएस ऑफिसर बनना हैं।
आपराधिक घटनाओं पर लगाएंगे लगाम
औरेया निवासी आरती यादव ने पासिंग आउट परेड के बाद पति राघवेंद्र और भाई सौरभ के साथ सेल्फी ली। उसने बताया कि वह पुलिस में रहकर आपराधिक घटनाओं को लेकर सुधार करेगी। इससे महिला सशक्तिकरण मजबूत हो सके ।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र रामकुमार ने परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में एसएसपी मंजिल सैनी भी मौजूद रहीं। इसके बाद प्रशिक्षु महिला सिपाहियों को पद और कर्तव्य की शपथ दिलाई गई। पुलिस महानिरीक्षक रामकुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस में आने के बाद आप आम नागरिक नहीं रह जाते। इसलिए सतर्क, सचेत होकर काम करना है। ड्यूटी के दौरान खुद के लिए समय निकाला मुश्किल होता है, लेकिन व्यस्तता में भी समय जरूर निकालें। ट्रेनिंग के दौरान की जाने वाली एक्सरसाइज के लिए परेड में 383 कैडेट्स को 16 टोलियों में विभाजित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अनेक जनपदों की महिला प्रशिक्षुओं सिपाहियों को सात माह तक इंडोर और आउटडोर ट्रेनिंग प्रदान की गई। उसके बाद शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा ली गई।
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30 जनवरी से शुरू हुई थी ट्रेनिंग
पीटीएस मेरठ में आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती कोर्स के लिए 24 जिलों से कुल 384 कैडेट्स आईं। इनका प्रशिक्षण 30 जनवरी 2017 को शुरू हुआ था। प्रशिक्षण के समय अनुशासनिक कार्रवाई के दौरान एक कैडेट जनपद बुलंदशहर को वापस भेज दिया था। परेड में प्रथम कमांडर कैडेट मनीषा कुमारी, द्वितीय रूबी अवस्थी और तृतीय प्रियांशु रहीं। इस मौके पर 44वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक और संस्था के प्रभारी प्रधानाचार्य अभिषेक सिंह, पुलिस उपाधीक्षक ज्ञानवती तिवारी, वंदना मिश्रा, मेजर मामराज सिंह मौजूद रहे।
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इन्हें किया गया सम्मानित
आरक्षी कैडेट गीता सेंगर सर्वांग सर्वोत्तम कैडेट रहीं। गीता को समस्त विषय जैसे पुलिस बंदी, भीड़ नियंत्रण सहित अंत: विषयों में प्रथम स्थान मिला। रितिका चौधरी को बाह्य विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। वहीं आंचल को आउटडोर, संगीता देवी को आईपीसी, सीआरपीसी, ललिता को कंप्यूटर, रेडियो कंट्रोलिंग, मोनू देवी को संवाद कौशल, संजना त्यागी को पुलिस विज्ञान, सोनिया देवी को शारीरिक प्रशिक्षण, शशि सिंह को पदार्थ, शस्त्र प्रशिक्षण, कल्पना वर्मा को टाइपिस्ट, प्रयांशु को योगासन, कविता को ट्रैफिक, विजय लक्ष्मी को तैराकी, अंजू को मोटरसाइकिल रखर खाव, देवेंद्री को नक्सल विरोधी, डकैती सरिता, नीलम निषाद, दीक्षा चौधरी ने अनेक विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त मिला। पुलिस महानिरीक्षक रामकुमार ने सभी को सम्मानित किया। इस दौरान टोली-4 को बेस्ट परफार्मेंस के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया। आईटीई रामकिशन और पीटीआई भूप सिंह को भी सम्मानित किया गया।
परिजनों ने किया कैमरे में कैद
दीक्षांत समारोह में महिला प्रशिक्षुओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया। परेड ग्राउंड में जब प्रशिक्षुओं ने कदमताल मिलाते हुए परेड की तो वहां मौजूद परिजनों ने बेटियों की वीडियो बनाई। समारोह में कई बार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे नारे दिए गए।
24 जिले से शामिल हुईं प्रशिक्षु
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, हाथरस, झांसी, चंदौली, ललितपुर, बांदा, औरेया, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात सहित 24 जिलों की प्रशिक्षुओं ने ट्रेनिंग ली।
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बातचीत....
बुराइयों को करना चाहती हूं खत्म
कानपुर की रहने वाली प्रशिक्षु दीपशिखा मां शशि और पिता राजेश कुमार से मिलने बाद खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दीपशिखा ने बताया कि उसने बीएससी मैथ विषय मेें की। उसके बाद पुलिस में भर्ती हुई। समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करना चाहती हूं।
पहली बार मेें ही मिली सफलता
झांसी की रहने वाली पूजा यादव परेड के बाद माता पिता से मिली। उसने बताया कि पहली बार में ही पुलिस में सफलता हासिल की है। माता-पिता के सहयोग से यह मुकाम मिला। पढ़ाई में एमए इंग्लिश और आईटीआई किया है। परिवार में एक भाई अभिषेक और बहन पूनम है।
मेहनत से हासिल की सफलता
अलीगढ़ की रहने वाली आरती शर्मा और मुजफ्फनगर की लिटिल मलिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुलिस में आने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया। इसके बाद वह अपने मुकाम को हासिल कर पाई। पुलिस में रहकर वह आगे की तैयारी करती रहेंगी। उन्हें आईपीएस ऑफिसर बनना हैं।
आपराधिक घटनाओं पर लगाएंगे लगाम
औरेया निवासी आरती यादव ने पासिंग आउट परेड के बाद पति राघवेंद्र और भाई सौरभ के साथ सेल्फी ली। उसने बताया कि वह पुलिस में रहकर आपराधिक घटनाओं को लेकर सुधार करेगी। इससे महिला सशक्तिकरण मजबूत हो सके ।