{"_id":"5999f8bc4f1c1b735b8b46a5","slug":"81503262908-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञान भक्ति से ही जीवन में आनन्द की प्राप्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञान भक्ति से ही जीवन में आनन्द की प्राप्ति
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञान भक्ति से ही जीवन में आनंद की प्राप्ति
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से दिल्ली रोड स्थित जगदीश मंडप में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्मकथा महायज्ञ का आयोजन किया गया। पहले दिन सुबह कथा स्थल से ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बैंडबाजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। साध्वी दर्शनी बाई ने कहा कि राजा परीक्षित सात दिन तक कथा-सत्संग सुनते हुए मोक्ष को प्राप्त हुए। आप सभी लोग भी उसी तरह मन, चित एकाग्र कर कथा को श्रावण करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ज्ञान भक्ति और वैराग्य से ही जीवन में आनंद की प्राप्ति हो सकती है। जीवन में धर्म का होना अति आवश्यक है। सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई ने कथा से पूर्व कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं जो सत्संग-परिचर्चा सुनने का लाभ प्राप्त हो रहा है। इस दौरान राकेश गोयल, देवेंद्र सिंह, विनोद, बलवीर सिंह, लटूर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेरठ। मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से दिल्ली रोड स्थित जगदीश मंडप में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्मकथा महायज्ञ का आयोजन किया गया। पहले दिन सुबह कथा स्थल से ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बैंडबाजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। साध्वी दर्शनी बाई ने कहा कि राजा परीक्षित सात दिन तक कथा-सत्संग सुनते हुए मोक्ष को प्राप्त हुए। आप सभी लोग भी उसी तरह मन, चित एकाग्र कर कथा को श्रावण करें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ज्ञान भक्ति और वैराग्य से ही जीवन में आनंद की प्राप्ति हो सकती है। जीवन में धर्म का होना अति आवश्यक है। सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई ने कथा से पूर्व कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं जो सत्संग-परिचर्चा सुनने का लाभ प्राप्त हो रहा है। इस दौरान राकेश गोयल, देवेंद्र सिंह, विनोद, बलवीर सिंह, लटूर सिंह आदि मौजूद रहे।