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Meerut: हर महीने 78 लाख खर्च... फिर भी दुकानों तक नहीं पहुंच रहा राशन, पढ़िए ये खास रिपोर्ट

Mon, 16 Jan 2023 05:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो राजकुमार सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
राजकुमार सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 16 Jan 2023 05:09 PM IST
सार

Meerut News : हर महीने 78 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद भी दुकानों तक राशन नहीं पहुंच रहा है। पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट।

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78 lakhs spent every month... yet the ration is not reaching the shops
गाड़ियों में लदा राशन। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ में एकल खिड़की प्रणाली में नई व्यवस्था के अनुरूप सीधे दुकानों तक राशन पहुंचाने के लिए प्रतिमाह सरकार के खजाने से 78 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बावजूद ट्रांसपोर्टर डीलरों की दुकानों तक राशन नहीं पहुंचा पा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ज्यादातर दुकानें छोटे मार्गों पर या गलियों में हैं। यहां वाहन पहुंचाना आसान नहीं है। इस कारण न तो डीलरों को राहत मिल रही है और न ही उपभोक्ताओं को नियमित रूप से राशन वितरण हो रहा है।

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राशन डीलर खुर्शीद अहमद ने बताया कि उनके यहां 1300 कार्ड धारकों का राशन आता है। ट्रांसपोर्ट से ही राशन उठा रहे हैं। इसके भाड़े पर आने वाला आधा खर्च ही ट्रांसपोर्ट ठेकेदार दे रहे हैं। डीलर गीता गुप्ता, मालती, अरुण शर्मा, ऊषा, प्रशांत, बबीता सिंह, कोमल और असगरी आदि ने भी दुकानों तक राशन लाने में आ रहीे परेशानियां बताईं।
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खिर्वा रोड स्थित राशन गोदाम पर वरिष्ठ वितरण निरीक्षक (एसएमआई) सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीलरों को गोदाम से ही राशन दिया जा रहा है। रोस्टर के हिसाब से डीलर बुलाकर राशन भिजवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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ट्रांसपोर्टर शिवकुमार यादव ने कहा कि 90 प्रतिशत दुकानों पर उनके वाहन नहीं जा पा रहे हैं। नो एंट्री पास भी नहीं मिल रहा है। वहीं, राशन डीलरों और उपभोक्ताओं का कहना है कि ठेका लेते समय यह समस्याएं देखनी चाहिए थी।

यह है व्यवस्था
सरकारी राशन व्यवस्था से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सरकार ने एकल खिड़की राशन प्रणाली शुरू की। इसके तहत सरकार ट्रांसपोर्टर को एक क्विंटल राशन दुकान तक पहुंचाने की एवज में 60 रुपये प्रति क्विंटल का भाड़ा दे रही है। इसके बावजूद सीधे दुकानों तक राशन नहीं जा रहा है।

राशन की दुकानें और वितरण व्यवस्था
हर महीने जिले में 1.30 लाख क्विंटल राशन आता है
राशन की कुल दुकानें- 931
डीलरों का कमीशन- 90 रुपये प्रति क्विंटल
राशन प्रति क्विंटल किराया- 60 रुपये
प्रतिमाह राशन लाने का किराया- 78 लाख रुपये

राशन के हैं 12 गोदाम
जिले में मलियाना साबुन गोदाम, सलारपुर, जानी, सरधना, माछरा, रोहटा, खिर्वा रोड, दौराला, परीक्षितगढ़, हस्तिनापुर, मवाना और खरखौदा आदि स्थानों पर 12 गोदाम हैं। इनमें से मलियाना, सलारपुर, सरधना, माछरा, रोहटा और जानी क्षेत्र में आरएफसी गोदाम से सीधे राशन की दुकान पर पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। बाकी व्यवस्था बनाने का काम आरएफसी का होता है हमारा नहीं।
- अखिलेश सिंह, उप संभागीय वितरण अधिकारी

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डीलर अपने खर्च पर लेकर जा रहे राशन
कमिश्नर के निर्देश पर जांच में पाया गया था कि ट्रांसपोर्टर दुकानों पर राशन नहीं पहुंचा रहा है। राशन डीलर अपने खर्च से ही राशन अपनी दुकान पर ले जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट भेज दी है। - अमरेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट

कोई नहीं सुनता
राशन डीलरों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अधिकतर दुकानदार अपने भाड़े से ही गोदाम से राशन ला रहे हैं। खाली बोरे की एवज में भी राशन नहीं दिया जा रहा है। घटतौली तो आम बात है। शिकायत करते हैं तो कोई सुनता ही नहीं है। - शिवकुमार गुप्ता, अध्यक्ष, राशन डीलर एसोसिएशन

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नहीं हुआ व्यवस्था में सुधार
कमिश्नर से शिकायत की थी। जांच में भी एकल खिड़की प्रणाली के तहत राशन न देने की स्थिति सामने आ गई है। इसके बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न ही व्यवस्था में सुधार हुआ है। - शाहिद खान, अध्यक्ष, मेरठ उचित दर विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन

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