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रिलायंस जियो को 78.92 लाख रुपये वसूली का नोटिस
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रिलायंस जियो को 78.92 लाख रुपये वसूली का नोटिस
मेरठ। रिलायंस जियो इंफोकॉम कंपनी ने शहर में दो हजार से अधिक स्थानों पर केबिल डालने के लिए खंभे तो लगा दिए, लेकिन नगर निगम को किराया देना भूल गई। अब निगम प्रशासन ने कंपनी को 78,92,910 लाख रुपये बकाए का नोटिस भेजा है। चेतावनी दी कि शीघ्र बकाया राशि जमा नहीं की तो आरसी तहसील को भेज दी जाएगी और खंभे जब्त कर लिए जाएंगे।
महानगर में जिओ ने कनेक्शन बांटे हुए हैं। इसके लिए शहर की सड़कों पर खंभे लगाए हुए हैं। अपर नगरायुक्त ममता मालवीय का कहना है कि रिलायंस जियो कंपनी ने 2019 में शहर में केबिल डालने के लिए जगह-जगह खंभे लगाने की अनुमति मांगी थी। जिसकी एवज में नगर निगम को किराया देना तय हुआ था। पहली बार जमानत राशि के रूप में कुछ धनराशि जमा भी की थी। लेकिन उसके बाद कंपनी के किसी भी अधिकारी ने न तो खंभों की संख्या उपलब्ध कराई और न ही किराया जमा किया। कंपनी पर एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 तक 78,92,910 लाख रुपये किराया बनता है। कंपनी के खिलाफ आरसी जारी की जा रही है। धनराशि शीघ्र जमा न करने पर खंभे जब्त किए जाएंगे।
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मेरठ। रिलायंस जियो इंफोकॉम कंपनी ने शहर में दो हजार से अधिक स्थानों पर केबिल डालने के लिए खंभे तो लगा दिए, लेकिन नगर निगम को किराया देना भूल गई। अब निगम प्रशासन ने कंपनी को 78,92,910 लाख रुपये बकाए का नोटिस भेजा है। चेतावनी दी कि शीघ्र बकाया राशि जमा नहीं की तो आरसी तहसील को भेज दी जाएगी और खंभे जब्त कर लिए जाएंगे।
महानगर में जिओ ने कनेक्शन बांटे हुए हैं। इसके लिए शहर की सड़कों पर खंभे लगाए हुए हैं। अपर नगरायुक्त ममता मालवीय का कहना है कि रिलायंस जियो कंपनी ने 2019 में शहर में केबिल डालने के लिए जगह-जगह खंभे लगाने की अनुमति मांगी थी। जिसकी एवज में नगर निगम को किराया देना तय हुआ था। पहली बार जमानत राशि के रूप में कुछ धनराशि जमा भी की थी। लेकिन उसके बाद कंपनी के किसी भी अधिकारी ने न तो खंभों की संख्या उपलब्ध कराई और न ही किराया जमा किया। कंपनी पर एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 तक 78,92,910 लाख रुपये किराया बनता है। कंपनी के खिलाफ आरसी जारी की जा रही है। धनराशि शीघ्र जमा न करने पर खंभे जब्त किए जाएंगे।
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