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भाजपा नेता ने की आत्महत्या, ये रही बड़ी वजह

Mon, 29 Apr 2019 07:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2019 07:19 PM IST
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भाजपा नेता ने की आत्महत्या, ये रही बड़ी वजह
मेरठ में एनएच-58 स्थित वंडर सिटी कॉलोनी में भाजपा के पूर्व पार्षद और चांदी कारोबारी सतीश चांदी वाला ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से मिले चार पेज के सुसाइड नोट के हवाले से पुलिस ने बताया कि पूर्व पार्षद ने संतान न होने के चलते यह कदम उठाया।
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इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा प्रमोद गौतम के अनुसार भगवतपुरा ब्रह्मपुरी निवासी सतीश चंद (53) पुत्र श्रीराम का सराफा बाजार में चांदी का व्यापार था। उन्होंने कुछ समय पहले ही वंडर सिटी कॉलोनी में फ्लैट खरीदा था, जिसे किराए पर देना था। वह सतीश चांदी वाले के नाम से मशहूर थे और भाजपा से पार्षद रह चुके हैं। रविवार पूर्वाह्न करीब 11:25 बजे वह फ्लैट पर पहुंचे थे। दोपहर करीब 1:30 बजे आसपास के लोगों ने जंगले से देखा कि उनका शव पंखे से लटका हुआ है।
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पत्नी हुई शव देखकर बेहोश
सूचना पर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। परिजनों और व्यापारियों के साथ सतीश की पत्नी ऊषा वहां पहुंचीं तो शव देखकर बेहोश हो गईं। मौके पर फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। मामला टीपी नगर थाना क्षेत्र होने की वजह से टीपी नगर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि सतीश चंद के चचेरे भाई भीम सिंह ने बताया कि सतीश की शादी के बाद कोई संतान नहीं हुई। जिसकी वजह से वह तनाव में रहते थे। संतान न होने की वजह से अक्सर तरह-तरह की निराशाजनक बातें करते थे। माना जा रहा है कि संतान प्राप्ति न होने की वजह से सतीश ने आत्महत्या कर ली।
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...मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं
पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में लिखा है... मैं यह खत अपने होश में लिख रहा हूं। मैं बचपन से अभागा रहा हूं। बचपन में ही मैं अनाथ हो गया था। बचपन से संघर्ष करते यहां तक आया हूं। मुझे भगवान ने सब कुछ दिया। अच्छा कारोबार और अच्छी पत्नी है। करोड़ों की संपत्ति भी है। मैं पार्षद बना और अच्छी राजनीति भी की है। बावजूद ये सब किस काम का है। एक अपना बेटा होता तो जीवन सफल हो जाता। अब आगे का जीवन जीना मेरे लिए बहुत कठिन हो गया है। मेरे जीने की इच्छा समाप्त हो गई है। मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं। मैं पांच वर्षों से मानसिक बीमार सा रहने लगा हूं। मैं अपने पीछे अपनी पत्नी ऊषा व बेटी वर्षा को छोड़कर जा रहा हूं। मैं बहुत दुखी और निराश हूं। जिसमें संतान का न होना भी एक कारण है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में 27 अप्रैल की डेट लिखी है। जिसमें अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम संपत्ति और नकदी भी बांटी है। पुलिस के अनुसार सतीश चंद ने वर्षों पहले एक लड़की को गोद लिया था। जो अब दिल्ली में पढ़ाई कर रही है। पिता के सुसाइड करने की जानकारी पर वह रात में पहुंच गई।
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