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सुदामा प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
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हनुमान जयंती पर 201 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। लोधीपुर शोभन गांव के संकटमोचन मंदिर में चल रहे सात दिवसीय जनकल्याणार्थ सात कुंडीय मारुति महायज्ञ एवं भागवत महापुराण कथा रासलीला में सुबह पूजा-अर्चना, हवन तथा यज्ञशाला की परिक्रमा के बाद भागवत कथा में सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया। यहां श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता और झांकी देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की।
कथावाचक पंडित श्रवण कुमार ने बताया कि भगवान द्वारिकाधीश के 16108 विवाह हुए तथा प्रद्युग्नदि पुत्र हुए। प्रत्येक रानी से दस पुत्र और एक कन्या हुई तथा भौमासुर आदि का वध किया। भगवान ने सुदामा जी की सेवा करके एक मित्रता की मिसाल दी है। सुदामा की ब्राह्मण में श्रेष्ठ, जितेंद्री, सत्यवादी, तपस्वी तथा त्यागी हुए। कृष्ण मित्र कई जन्म को ताको, वरण की सुख-समृद्धि माया मिले, सो उपदेश जोगिन, भगवान ने सुदामा की मित्रता से जनमानस को संदेश दिया कि कभी भी मित्र से धोखा नहीं करना चाहिए। जिसके बाद दत्तात्रे 24 गुरुओं की कथा सुनाते हुए बताया कि शिक्षा गुरु अनेक हो सकते हैं परंतु दीक्षा गुरु एक ही होना चाहिए। परीक्षित जी ने सुखदेव जी का पूजन कर मोक्ष प्राप्त किया। सभी भक्तों ने एवं महाराज रामदास जी ने व्यास जी का माल्यार्पण कर पूजन किया। मंदिर के महाराज रामदास जी ने बताया कि शुक्रवार को हनुमान जयंती पर हनुमान जी की विधि विधान से पूजा-अर्चना के साथ 201 लीटर गाय के दूध से अभिषेक किया जाएगा तथा सुबह से देर शाम तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यहां दूरदराज से साधु, संत भाग लेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। लोधीपुर शोभन गांव के संकटमोचन मंदिर में चल रहे सात दिवसीय जनकल्याणार्थ सात कुंडीय मारुति महायज्ञ एवं भागवत महापुराण कथा रासलीला में सुबह पूजा-अर्चना, हवन तथा यज्ञशाला की परिक्रमा के बाद भागवत कथा में सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया। यहां श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता और झांकी देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की।
कथावाचक पंडित श्रवण कुमार ने बताया कि भगवान द्वारिकाधीश के 16108 विवाह हुए तथा प्रद्युग्नदि पुत्र हुए। प्रत्येक रानी से दस पुत्र और एक कन्या हुई तथा भौमासुर आदि का वध किया। भगवान ने सुदामा जी की सेवा करके एक मित्रता की मिसाल दी है। सुदामा की ब्राह्मण में श्रेष्ठ, जितेंद्री, सत्यवादी, तपस्वी तथा त्यागी हुए। कृष्ण मित्र कई जन्म को ताको, वरण की सुख-समृद्धि माया मिले, सो उपदेश जोगिन, भगवान ने सुदामा की मित्रता से जनमानस को संदेश दिया कि कभी भी मित्र से धोखा नहीं करना चाहिए। जिसके बाद दत्तात्रे 24 गुरुओं की कथा सुनाते हुए बताया कि शिक्षा गुरु अनेक हो सकते हैं परंतु दीक्षा गुरु एक ही होना चाहिए। परीक्षित जी ने सुखदेव जी का पूजन कर मोक्ष प्राप्त किया। सभी भक्तों ने एवं महाराज रामदास जी ने व्यास जी का माल्यार्पण कर पूजन किया। मंदिर के महाराज रामदास जी ने बताया कि शुक्रवार को हनुमान जयंती पर हनुमान जी की विधि विधान से पूजा-अर्चना के साथ 201 लीटर गाय के दूध से अभिषेक किया जाएगा तथा सुबह से देर शाम तक भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यहां दूरदराज से साधु, संत भाग लेंगे।
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