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डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:51 PM IST
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अवैध खनन
- फोटो : amar ujala
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नजीबाबाद (बिजनौर)। कौड़िया रेंज में अवैध खनन और कटान के मामले में पूर्व डीएफओ प्रवीण कुमार राघव और उप प्रभागीय वनाधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसकी जानकारी मुख्य वन संरक्षक सुरक्षा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी ने राज्य सूचना आयुक्त को दी गई है। इस मामले में वन दरोगा कोमल सिंह और हृदेश सिंह, क्षेत्रीय वनाधिकारी वीके गोयल को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।
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इस पूरे मामले का खुलासा बिजनौर निवासी पुनीत गोयल की आरटीआई पर हुआ था। उन्होंने वन प्रभाग नजीबाबाद की कोडियो रेंज में अवैध खनन, कटान और अतिक्रमण के संबंध में की गई शिकायतों, जांच और कार्रवाई के बारे में जानकारी मुख्य वन संरक्षक सुरक्षा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी कार्यालय व वन संरक्षक मुरादाबाद से जानकारी मांगी थी।
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सूचनाएं प्राप्त नहीं होने पर पुनीत गोयल ने राज्य सूचना आयुक्त के यहां अपील की थी, जिस पर सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने 30 दिन के अंदर सूचना देने और वादी को सूचना क्यों नहीं दी गई, इस संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा था। ऐसा न होने की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
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इसके बाद मुख्य वन संरक्षक सुरक्षा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी कार्यालय में अधिकारी एके पंत सूचना आयोग में उपस्थित हुए। उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त को बताया कि वन संरक्षक मुरादाबाद रेंज ने इस मामले में जांच की और कौड़िया रेंज में सूकरो नदी में बड़ी मात्रा में अवैध खनन की पुष्टि जांच में हुई है।
इससे शासन को दो करोड़ 26 लाख रुपये की क्षति पहुंची। इस मामले में प्रथम दृष्टया तत्कालीन डीएफओ प्रवीण कुमार राघव (आईएफएस) को जान बूझकर अवैध खनन में अपने प्रत्यक्ष एवं पर्यवेक्षणीय कार्य में शिथिलता बरतने व अनियमितताओं का दोषी पाया गया। राज्यपाल के सम्यक विचारोपरांत उनके एवं पूर्व उप प्रभागीय वनाधिकारी हरेंद्र सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
हरेंद्र सिंह अब सेवा निवृत्त हो चुके है। इसके अलावा खनन में मिलीभगत और आपराधिक षडयंत्र में शामिल होने के आरोप में क्षेत्रीय वनाधिकारी सहित दो वन दरोगाओं को निलंबित किया जा चुका है।