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इस प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और लगती है योगा क्लास
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:24 AM IST
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कॉन्वेंट स्कूल को टक्कर दे रहा रजपुरा का प्राथमिक विद्यालय
मेरठ। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पढ़ाई से लेकर सफाई तक की शिकायतें आए दिन मिलती रहती है। इन सबके बीच रजपुरा गांव का प्राथमिक विद्यालय व्यवस्थाओं की नजीर पेश करता है। व्यवस्थाओं को बनाने में प्रधानाचार्य शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं का भी सहयोग रहता है। विद्यालय की सफाई और पढ़ाई व्यवस्था को लेकर प्रधानाचार्य पुष्पा यादव को बेस्ट शिक्षिका का अवार्ड भी मिल चुका है।
प्राथमिक विद्यालयों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने के लिए सरकार ने कुछ स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की पहल शुरू की थी। हालांकि मवाना रोड स्थित रजपुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय का नाम मॉडल स्कूल के लिए नहीं चुना गया। इसके इतर स्कूल में कॉन्वेंट स्कूल जैसी किसी भी सुविधा की कमी नहीं है। स्कूल में वर्तमान में 156 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। प्रधानाचार्य की माने तो यहां सुबह के समय होने वाली प्रार्थना कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ही ड्रम व म्यूजिक प्लेयर से ही होती है। विद्यालय में मनोरंजन के साधन के साथ-साथ लाइब्रेरी की भी सुविधा है। विद्यालय में अंग्रेजी की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। विद्यालय में तीन दिन योगा और पीटी की क्लास लगती है। हर रोज सभी क्लास के लिए लाइब्रेरी का एक घंटा भी होता है। प्रत्येक कक्ष फर्नीचर, पंखे और सुंदर पेंटिंग से सजे हैं जो सुख वातावरण प्रदान करते हैं। हर शनिवार को बच्चों के लिए खेल, स्वीमिंग टब में मस्ती, कैरम सहित दूसरे खेल खिलाए जाते हैं और बाल कविता, कहानियां सहित सामाजिक ज्ञान सिखाया जाता है। बताया कि स्कूल की दीवारों पर पेंटिंग उन्होंने व उनकी मित्र सीमा ने स्कूल की छुट्टी के बाद बनाई हैं।
पास के गांव से भी आते है बच्चे
विद्यालय की प्रधानाचार्य पुष्पा यादव ने बताया कि व्यवस्थाओं को देखते हुए गंगानगर के एल ब्लॉक, एम ब्लॉक सहित पास के गांव से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। इस बार करीब 60 एडमिशन हुए हैं। नवंबर 2017 में लखनऊ में हुए कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्या पुष्पा यादव को बेस्ट टीचर का अवार्ड भी मिल चुका है। इसमें मुख्यमंत्री योगी भी उपस्थित रहे। स्कूल में कुल पांच शिक्षिकाएं है वह भी पढ़ाई सहित अन्य कामों में सहयोग करती हैं।
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यह बच्चे भी बने स्मार्ट
बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट क्लास, इंग्लिश स्पिकिंग क्लास सहित लाइब्रेरी भी है। बच्चों को हाइजीन के बारे में बताया जाता है। कहा कि हमें उत्थान के लिए किसी का इंतजार नहीं करना चाहिए। स्वयं ही प्रयास करें, जब खुद करेंगे तो लोग भी आपके साथ आएंगे और सहायता करेंगे। बताया कि अथक प्रयास से उनका एक सपना पूरा होता जा रहा है कि जहां वह स्कूल में रहे उनके बच्चे प्राइवेट स्कूल के बच्चों की तरह स्मार्ट बनाकर नाम रोशन करें।
खास बातें:
- पढ़ाई से लेकर सफाई तक की व्यवस्थाओं में अव्वल
- प्रधानाचार्य को मिल चुका है बेस्ट शिक्षिका का अवार्ड
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मेरठ। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पढ़ाई से लेकर सफाई तक की शिकायतें आए दिन मिलती रहती है। इन सबके बीच रजपुरा गांव का प्राथमिक विद्यालय व्यवस्थाओं की नजीर पेश करता है। व्यवस्थाओं को बनाने में प्रधानाचार्य शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं का भी सहयोग रहता है। विद्यालय की सफाई और पढ़ाई व्यवस्था को लेकर प्रधानाचार्य पुष्पा यादव को बेस्ट शिक्षिका का अवार्ड भी मिल चुका है।
प्राथमिक विद्यालयों को कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने के लिए सरकार ने कुछ स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की पहल शुरू की थी। हालांकि मवाना रोड स्थित रजपुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय का नाम मॉडल स्कूल के लिए नहीं चुना गया। इसके इतर स्कूल में कॉन्वेंट स्कूल जैसी किसी भी सुविधा की कमी नहीं है। स्कूल में वर्तमान में 156 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। प्रधानाचार्य की माने तो यहां सुबह के समय होने वाली प्रार्थना कॉन्वेंट स्कूलों की तरह ही ड्रम व म्यूजिक प्लेयर से ही होती है। विद्यालय में मनोरंजन के साधन के साथ-साथ लाइब्रेरी की भी सुविधा है। विद्यालय में अंग्रेजी की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। विद्यालय में तीन दिन योगा और पीटी की क्लास लगती है। हर रोज सभी क्लास के लिए लाइब्रेरी का एक घंटा भी होता है। प्रत्येक कक्ष फर्नीचर, पंखे और सुंदर पेंटिंग से सजे हैं जो सुख वातावरण प्रदान करते हैं। हर शनिवार को बच्चों के लिए खेल, स्वीमिंग टब में मस्ती, कैरम सहित दूसरे खेल खिलाए जाते हैं और बाल कविता, कहानियां सहित सामाजिक ज्ञान सिखाया जाता है। बताया कि स्कूल की दीवारों पर पेंटिंग उन्होंने व उनकी मित्र सीमा ने स्कूल की छुट्टी के बाद बनाई हैं।
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पास के गांव से भी आते है बच्चे
विद्यालय की प्रधानाचार्य पुष्पा यादव ने बताया कि व्यवस्थाओं को देखते हुए गंगानगर के एल ब्लॉक, एम ब्लॉक सहित पास के गांव से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। इस बार करीब 60 एडमिशन हुए हैं। नवंबर 2017 में लखनऊ में हुए कार्यक्रम में स्कूल की प्रधानाचार्या पुष्पा यादव को बेस्ट टीचर का अवार्ड भी मिल चुका है। इसमें मुख्यमंत्री योगी भी उपस्थित रहे। स्कूल में कुल पांच शिक्षिकाएं है वह भी पढ़ाई सहित अन्य कामों में सहयोग करती हैं।
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यह बच्चे भी बने स्मार्ट
बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट क्लास, इंग्लिश स्पिकिंग क्लास सहित लाइब्रेरी भी है। बच्चों को हाइजीन के बारे में बताया जाता है। कहा कि हमें उत्थान के लिए किसी का इंतजार नहीं करना चाहिए। स्वयं ही प्रयास करें, जब खुद करेंगे तो लोग भी आपके साथ आएंगे और सहायता करेंगे। बताया कि अथक प्रयास से उनका एक सपना पूरा होता जा रहा है कि जहां वह स्कूल में रहे उनके बच्चे प्राइवेट स्कूल के बच्चों की तरह स्मार्ट बनाकर नाम रोशन करें।
खास बातें:
- पढ़ाई से लेकर सफाई तक की व्यवस्थाओं में अव्वल
- प्रधानाचार्य को मिल चुका है बेस्ट शिक्षिका का अवार्ड