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पश्चिमी यूपी का किसान काफी जागरूक - सुरेश राणा

Mon, 18 Sep 2017 02:47 AM IST
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:47 AM IST
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पश्चिमी यूपी का किसान काफी जागरूक -  सुरेश राणा
सोसाइटी में फर्जीवाड़े की जांच करेगा कैग
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अमर उजाला ब्यूरो
गंगानगर (मेरठ)।
गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने कहा कि गन्ना समितियों में हुए फर्जीवाड़े पर सरकार चुप नहीं है। इसकी जांच कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) द्वारा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जहां चीनी मिलों पर शिकंजा कसा है, वहीं इस बार पर्ची माफियाओं के साथ घटतौली आदि पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। गन्ना किसान का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा।
रविवार शाम हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के गंगानगर स्थित आवास पर पहुंचे प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि पहले कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई थी। जाति के आधार पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती होती है, पर योगी सरकार में सब कुछ बदल चुका है। अब काम वाले को तवज्जो दी जा रही है। प्रदेश की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई थी, लेकिन बहुत जल्दी इसे पटरी पर ला दिया जाएगा। गन्ना मंत्री ने कहा कि पहले किसान गन्ना पर्ची में माफियों के शिकंजे में फंसे हुए थे। पहले छोटे किसानों को 4 पर्चियां पूरे सीजन में जाकर मिल पाती थी। पर अब शुरू के 45 दिनों के भीतर 4 पर्चिंयां किसान को उपलब्ध करा दी जाएंगी। गन्ना रेट पर उन्होंने कहा कि पिछले सालों का आंकलन कर रेट तय होगा। इससे पूर्व सुरेश राणा का विधायक दिनेश खटीक, सत्यवीर त्यागी, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, क्षेत्रीय मंत्री अजीत चौधरी, गन्ना समिति के चेयरमैन विनोद भाटी, सचिन भाटी, संजीव बंसल, केपी प्रमुख, करतार सिंह, मोनू वशिष्ठ, राजू शर्मा, विवेक शर्मा आदि ने स्वागत किया।
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बंद मिलों को चलाया जाएगा
गन्ना राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में चीनी मिले हैं। कुछ चीनी मिलें जो सालों से बंद पड़ी हुईं थी। उन्हें फिर से चालू किया जा रहा है। बागपत स्थित रमाला शुगर मिल पूरे देश में सबसे अधिक समय तक चलने वाली मिल है। जिसमें तीन जिलों के किसान गन्ना पहुंचाते हैं। इस मिल के विस्तार के लिए 311 करोड़ का बजट स्वीकृत कर 84 करोड़ निर्गत किया गया है। मिल में 25 मेगावाट का विद्युत प्लांट बनेगा। मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल पर लोड बढ़ने के चलते 77 करोड़ रुपये मिल के विस्तार के लिए दिए गए हैं। यहां भी बिजली प्लांट बनेगा। सहारनपुर स्थित दया शुगर मिल 7 वर्षों के बाद इस सीजन में फिर से चालू हो जाएगी। बुलंदशहर में वेव की मिल काफी समय से बंद है, जिसको फिर से चालू कराने के लिए 20 सितंबर को लखनऊ में बुलंदशहर के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है।
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खास बात
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के गंगानगर स्थित आवास पर पहुंचे सुरेश राणा
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