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चर्च में विशेष प्रार्थना व मिस्सा बलिदान कराया
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चर्च में विशेष प्रार्थना व मिस्सा बलिदान कराया
सरधना। मेरठ में बेगमपुल के निकट स्थित सेंट जोजफ चर्च से मंगलवार रात करीब दस बजे पदयात्रा शुरू हुई। यह बुधवार सुबह करीब चार बजे ऐतिहासिक चर्च सरधना पहुंची। यहां मेरठ धर्म प्रांत अध्यक्ष ने विशेष प्रार्थना एवं मिस्सा बलिदान के साथ पदयात्रा इस दौरान तहसील रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड भूखंड में पालिका द्वारा डाले गए कूडे़ से उठ रहे धुएं से श्रद्धालुओं को परेेशानी हुई। वे मुंह पर कपड़ा ढंककर वहां से गुजरे।
ऐतिहासिक चर्च में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी सात और आठ मई की रात को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सात मई 1957 में पहली बार पदयात्रा मेरठ से सरधना पहुंची थी। तभी से प्रतिवर्ष पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। बीती 7 मई की रात्रि करीब 10 बजे मेरठ के बेगमपुल स्थित सेंट जोजफ चर्च से शुरू हुई पदयात्रा बुधवार सुबह सरधना स्थित ऐतिहासिक चर्च पहुंची। मेरठ से कंकरखेड़ा-दबथुवा नानू होते हुए श्रद्धालुगण पदयात्रा में प्रभु यीशु एवं मां मरियम का गुणगान करते हुए सरधना चर्च पहुंचे। इसके पश्चात चर्च में होने वाली विशेष प्रार्थना में शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के समक्ष मत्था टेका और मोमबत्ती जलाकर सुख-समृद्धि की मंगल कामना कर मन्नत मांगी। इस दौरान पुलिस सुरक्षा भी चाक-चौबंद रही। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर एवं पुलिसकर्मी पदयात्रा के दौरान मेरठ-करनाल हाईवे व सरधना-नानू मार्ग पर अलर्ट रहे। चर्च में मेरठ धर्म प्रांत के अध्यक्ष संत फ्रांसिस कलिष्ट, फादर पाक्या नाथन, फादर ससिन बाबू ने चर्च में विशेष प्रार्थना व मिस्सा बलिदान कराया। इसके पश्चात श्रद्धालुगण अपने-अपने वाहनों एवं बसों द्वारा मेरठ लौट गए।
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सरधना। मेरठ में बेगमपुल के निकट स्थित सेंट जोजफ चर्च से मंगलवार रात करीब दस बजे पदयात्रा शुरू हुई। यह बुधवार सुबह करीब चार बजे ऐतिहासिक चर्च सरधना पहुंची। यहां मेरठ धर्म प्रांत अध्यक्ष ने विशेष प्रार्थना एवं मिस्सा बलिदान के साथ पदयात्रा इस दौरान तहसील रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड भूखंड में पालिका द्वारा डाले गए कूडे़ से उठ रहे धुएं से श्रद्धालुओं को परेेशानी हुई। वे मुंह पर कपड़ा ढंककर वहां से गुजरे।
ऐतिहासिक चर्च में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी सात और आठ मई की रात को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सात मई 1957 में पहली बार पदयात्रा मेरठ से सरधना पहुंची थी। तभी से प्रतिवर्ष पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। बीती 7 मई की रात्रि करीब 10 बजे मेरठ के बेगमपुल स्थित सेंट जोजफ चर्च से शुरू हुई पदयात्रा बुधवार सुबह सरधना स्थित ऐतिहासिक चर्च पहुंची। मेरठ से कंकरखेड़ा-दबथुवा नानू होते हुए श्रद्धालुगण पदयात्रा में प्रभु यीशु एवं मां मरियम का गुणगान करते हुए सरधना चर्च पहुंचे। इसके पश्चात चर्च में होने वाली विशेष प्रार्थना में शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के समक्ष मत्था टेका और मोमबत्ती जलाकर सुख-समृद्धि की मंगल कामना कर मन्नत मांगी। इस दौरान पुलिस सुरक्षा भी चाक-चौबंद रही। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर एवं पुलिसकर्मी पदयात्रा के दौरान मेरठ-करनाल हाईवे व सरधना-नानू मार्ग पर अलर्ट रहे। चर्च में मेरठ धर्म प्रांत के अध्यक्ष संत फ्रांसिस कलिष्ट, फादर पाक्या नाथन, फादर ससिन बाबू ने चर्च में विशेष प्रार्थना व मिस्सा बलिदान कराया। इसके पश्चात श्रद्धालुगण अपने-अपने वाहनों एवं बसों द्वारा मेरठ लौट गए।
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