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कॉलेजों की लापरवाही से अटक रहा सेमेस्टर पाठ्यक्रमों का रिजल्ट
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- प्रैक्टिकल के नंबर ऑनलाइन देने के निर्देश दे चुका है सीसीएसयू
- पिछले साल से बनाया था ऑनलाइन नंबर भेजने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कॉलेजों की लापरवाही से सेमेस्टर पाठ्यक्रमों का रिजल्ट अटक रहा है। बार-बार निर्देश देने के बाद भी कॉलेज प्रैक्टिकल के नंबर ऑनलाइन नहीं भेज रहे हैं। इसके चलते पीजी और एलएलबी के रिजल्ट पर असर पड़ा है। ये भी तब है, जब 21 फरवरी से मुख्य परीक्षाएं होनी हैं।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में हर बार प्रैक्टिकल की वजह से रिजल्ट में देरी होती है। यूनिवर्सिटी ने पिछले सत्र से सभी कॉलेजों को निर्देश दिए थे कि प्रैक्टिकल समय से कराकर उनके अंक ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। मैन्युअल प्रैक्टिकल की शीट कैंपस में भेजने की वजह से उसमें देरी होती थी। ऐसे में ऑनलाइन नंबर भेजने का सिस्टम लागू किया गया। जिन कॉलेजों ने प्रैक्टिकल कराकर ऑनलाइन नंबर भेज दिए हैं, उनका रिजल्ट यूनिवर्सिटी जारी कर रही है। वहीं सैकड़ों कॉलेजों ने अभी तक ऑनलाइन नंबर नहीं भेजे हैं। इस कारण सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित करने में समस्या आ रही है। यह हाल तब है जब 21 फरवरी से यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में मुख्य परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। परीक्षा के साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी इस बार तेजी से होना है। शासन ने 15 जून तक लोकसभा चुनाव से हर हाल में रिजल्ट जारी करने के लिए कहा है। इसके बाद भी कॉलेज प्रैक्टिकल के नंबर देने में लापरवाही कर रहे हैं। रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे कॉलेजों की सूची बनवाई जा रही है। ऐसे कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- पिछले साल से बनाया था ऑनलाइन नंबर भेजने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कॉलेजों की लापरवाही से सेमेस्टर पाठ्यक्रमों का रिजल्ट अटक रहा है। बार-बार निर्देश देने के बाद भी कॉलेज प्रैक्टिकल के नंबर ऑनलाइन नहीं भेज रहे हैं। इसके चलते पीजी और एलएलबी के रिजल्ट पर असर पड़ा है। ये भी तब है, जब 21 फरवरी से मुख्य परीक्षाएं होनी हैं।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में हर बार प्रैक्टिकल की वजह से रिजल्ट में देरी होती है। यूनिवर्सिटी ने पिछले सत्र से सभी कॉलेजों को निर्देश दिए थे कि प्रैक्टिकल समय से कराकर उनके अंक ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। मैन्युअल प्रैक्टिकल की शीट कैंपस में भेजने की वजह से उसमें देरी होती थी। ऐसे में ऑनलाइन नंबर भेजने का सिस्टम लागू किया गया। जिन कॉलेजों ने प्रैक्टिकल कराकर ऑनलाइन नंबर भेज दिए हैं, उनका रिजल्ट यूनिवर्सिटी जारी कर रही है। वहीं सैकड़ों कॉलेजों ने अभी तक ऑनलाइन नंबर नहीं भेजे हैं। इस कारण सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित करने में समस्या आ रही है। यह हाल तब है जब 21 फरवरी से यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में मुख्य परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। परीक्षा के साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी इस बार तेजी से होना है। शासन ने 15 जून तक लोकसभा चुनाव से हर हाल में रिजल्ट जारी करने के लिए कहा है। इसके बाद भी कॉलेज प्रैक्टिकल के नंबर देने में लापरवाही कर रहे हैं। रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे कॉलेजों की सूची बनवाई जा रही है। ऐसे कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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